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काव्य

कार्ल मार्क्स के 5 अनमोल विचार

दार्शनिक · 1818–1883

मनुष्य की चेतना उसके अस्तित्व को निर्धारित नहीं करती, बल्कि उसका सामाजिक अस्तित्व उसकी चेतना को निर्धारित करता है।

— कार्ल मार्क्स

विचार कभी भी वास्तविकता से अलग अस्तित्व नहीं रखते, वे सामाजिक परिस्थितियों की उपज हैं।

— कार्ल मार्क्स

संसार के मजदूरों, एक हो जाओ! तुम्हारे पास खोने के लिए केवल तुम्हारी बेड़ियाँ हैं।

— कार्ल मार्क्स

आधुनिक बुर्जुआ समाज, जिसने उत्पादन के इतने विशाल साधन खड़े किए हैं, उस जादूगर जैसा है जो अपनी शक्तियों को नियंत्रित नहीं कर पाता।

— कार्ल मार्क्स

उत्पादन के साधनों पर कब्जा रखने वाला समाज का हर क्षेत्र नियंत्रित करता है।

— कार्ल मार्क्स

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वाह वाह यार पर पूरी जानकारी हिंदी में।

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