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काव्य

बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के 5 अनमोल विचार

लेखक · 1838–1894

प्रेम और करुणा के बिना हृदय कठोर हो जाता है, और समाज में दरारें पड़ जाती हैं।

— बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय

संस्कृति और परंपरा हमारी जड़ें हैं, जिनसे कटकर कोई भी समाज जीवित नहीं रह सकता।

— बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय

धर्म का वास्तविक अर्थ मानवता की सेवा और नैतिक मूल्यों का पालन करना ही है।

— बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय

साहित्यकार की कलम में समाज की सोई हुई चेतना को जगाने की असीम शक्ति होती है।

— बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय

भाषा अभिव्यक्ति का सबसे सशक्त साधन है, जो दिलों को आपस में जोड़ने का काम करती है।

— बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय

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वाह वाह यार पर पूरी जानकारी हिंदी में।

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