amp-story-page{background:#0B1E2D}.pad{padding:44px 34px;justify-content:center}.kick{display:inline-block;background:#E8B84A;color:#0B1E2D;font:700 13px/1 "Hind",sans-serif;padding:7px 14px;border-radius:14px;margin-bottom:14px;align-self:flex-start}h2.t{font:700 34px/1.35 "Hind",sans-serif;color:#fff;margin:0 0 14px}p.b{font:400 24px/1.7 "Hind",sans-serif;color:#EAF0F4;margin:0}.f{margin-top:18px;font:700 18px/1.4 "Hind",sans-serif;color:#E8B84A}{"ad-attributes":{"type":"adsense","data-ad-client":"ca-pub-2451990480109178","data-ad-slot":"1436043545"}}काव्य
उमर ख़य्याम के 5 अनमोल विचार
कवि और गणितज्ञ · 1048–1131
जिस मिट्टी से तेरा शरीर बना है, कल उसी से किसी सुराही की शान बनेगी।
— उमर ख़य्याम
भाग्य की लकीरें बदलने की कोशिश मत कर, जो किस्मत में लिखा है वही होकर रहेगा।
— उमर ख़य्याम
यह दुनिया एक सराय है, जहाँ हर मुसाफ़िर कुछ पल ठहर कर चला जाता है।
— उमर ख़य्याम
इस जीवन रूपी सफर में प्रेम ही वह पूंजी है जो अंत तक साथ निभाती है।
— उमर ख़य्याम
इस भ्रमित दुनिया में सच की तलाश करने वाला हमेशा अकेला ही रहता है।
— उमर ख़य्याम
सभी विचार पढ़ें
वाह वाह यार पर पूरी जानकारी हिंदी में।
सभी विचार पढ़ें