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उमर ख़य्याम
कवि और गणितज्ञ
उमर ख़य्याम
1048–1131
उमर ख़य्याम (1048–1131) फारसी के प्रसिद्ध कवि, दार्शनिक और गणितज्ञ थे। उन्होंने 'रूबाइयात' के माध्यम से अमर शायरी रची और गणित में बीजगणित के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
उमर ख़य्याम का जन्म ईरान के निशापूर शहर में हुआ था। वे अपने समय के एक प्रखर वैज्ञानिक, गणितज्ञ और खगोलशास्त्री थे जिन्होंने 'जलाली कैलेंडर' के संशोधन में मुख्य भूमिका निभाई। उनकी गणनाएं आज भी अत्यधिक सटीक मानी जाती हैं। साहित्य जगत में उन्हें उनकी चार पंक्तियों वाली रुबाइयों के लिए जाना जाता है। उनकी कविताओं में जीवन की नश्वरता, वर्तमान क्षण का आनंद और दार्शनिक जिज्ञासा का अनूठा संगम मिलता है। फ़िट्जगेराल्ड द्वारा उनके अंग्रेजी अनुवाद ने उन्हें पश्चिमी दुनिया में अत्यधिक लोकप्रिय बनाया।
उमर ख़य्याम के अनमोल विचार
जीवन की इस छोटी सी रात में, होश में रहना ही सबसे बड़ी भूल है।