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रसूल हमजातोव
कवि
रसूल हमजातोव
1923–2003
रसूल हमजातोव (1923–2003) सोवियत संघ के प्रसिद्ध अवार कवि, लेखक और राजनेता थे। उन्होंने अपनी मातृभाषा अवार में लिखकर विश्व साहित्य में विशेष स्थान बनाया। उनकी कालजयी कृति 'मेरा दागिस्तान' ने उन्हें वैश्विक स्तर पर अमर कर दिया।
रसूल हमजातोव का जन्म 8 सितंबर 1923 को दागिस्तान के त्सादा गाँव में हुआ था। उनके पिता हमजात त्सादा स्वयं एक प्रसिद्ध कवि थे, जिससे उन्हें साहित्य विरासत में मिला। उन्होंने गोर्की लिटरेरी इंस्टीट्यूट, मास्को में शिक्षा प्राप्त की और अपनी कविताओं में कॉकस की संस्कृति और परंपराओं को सजीव किया। सोवियत संघ के सर्वोच्च सम्मानों से अलंकृत हमजातोव ने शांति, भाईचारे और मानवाधिकारों के लिए आजीवन अपनी लेखनी चलाई। उनकी रचनाओं का रूसी और अन्य भारतीय भाषाओं में अनुवाद हुआ, जिससे वे भारतीय पाठकों में भी बेहद लोकप्रिय हुए। 3 नवंबर 2003 को उनका निधन हुआ, लेकिन उनकी कविताएं आज भी दिलों में जीवित हैं।
रसूल हमजातोव के अनमोल विचार
मेरा दागिस्तान वह छोटी सी भूमि है, जहाँ से मेरे शब्दों को पूरी दुनिया के लिए आवाज़ मिली।