वाह वाह यारहिंदी में जानकारी · पूरे भारत के लिए
मेनू
WhatsApp चैनल
विचार संग्रह

मेहनत पर अनमोल विचार

महापुरुषों, कवियों और लेखकों के 99 विचार — कॉपी कीजिए, शेयर कीजिए।

मेहनतकशों के पसीने की बूंदों से ही इस देश की असल नींव मजबूत होती है।
शेयर:f
मनुष्य की महत्ता उसके जन्म से नहीं, बल्कि उसके कर्म और संघर्ष से तय होती है।
शेयर:f
मेहनत करने वाले हाथों को उनका वाजिब हक न मिलना इस समाज का सबसे बड़ा कलंक है।
शेयर:f
पापकर्म से बड़ा पाप वह दृष्टि है जो मनुष्य को अपराधी मान लेती है।
शेयर:f
मेहनत केवल पेट भरने का साधन नहीं, वह मनुष्य के आंतरिक विकास और साधना की प्रक्रिया है।
शेयर:f
समय किसी की प्रतीक्षा नहीं करता, कर्म ही मनुष्य की असली पहचान है।
शेयर:f
मेहनत की लकीरों से ही इंसान अपनी किस्मत की तकदीर बदलता है।
शेयर:f
पुरुषार्थ और निरंतर परिश्रम के बिना भाग्य का दरवाजा कभी नहीं खुलता।
शेयर:f
विज्ञापन · Advertisement
उपेक्षित और ठुकराए गए लोगों के आंसू पोंछना ही सबसे बड़ा साहित्यकर्म है।
शेयर:f
हर बड़ी सफलता के पीछे अनगिनत छोटे लोगों की मेहनत छिपी होती है, जिन्हें कभी अखबारों में जगह नहीं मिलती।
शेयर:f
उन्होंने अपनी रचनाओं में किसानों की पीड़ा और उनकी मेहनत का बहुत ही मार्मिक और यथार्थ चित्रण किया।
शेयर:f
मेहनत करने वाला इंसान कभी भूखा या लाचार नहीं रहता।
शेयर:f
मेहनत का पसीना जो माथे पर सजाता है, वही इंसान इस दुनिया में मुकद्दर बनाता है।
शेयर:f
मेहनत की स्याही से जो किस्मत लिखते हैं, उनके पन्नों पर कभी अंधेरा नहीं होता।
शेयर:f
मेहनत के पसीने से जो सींचा जाए, वही पौधा चमन में गुल खिलाता है।
शेयर:f
फितरत के तकाजों से बगावत नहीं मुमकिन, इंसान की तकदीर में है मेहनत-ए-पैहम।
शेयर:f
न हो नाउम्मीद इक दिन तेरा भी वक्त आएगा, ज़रा हिम्मत तो रख ऐ दिल ज़रा मेहनत तो कर।
शेयर:f
जो लोग कठिन परिश्रम करते हैं, भाग्य भी अंततः उन्हीं का साथ देता है।
शेयर:f
चित्तशुद्धी विना कर्म सगळे व्यर्थ आहे, भक्तीमध्ये कपटास कोणतेही स्थान नाही।
शेयर:f
कर्माविना नाही सुटका कोणा, निष्काम कर्मच साचे मोक्षाचे पैलतीर जाणा।
शेयर:f
कृताकृत कर्मों के बंधनों से मुक्त होकर ही मनुष्य ईश्वर को पा सकता है।
शेयर:f
देहि शिवा बर मोहि इहै शुभ कर्मन ते कबहूं न टरों।
शेयर:f
सच्चे सिख वही हैं जो अपनी मेहनत की कमाई से खाते हैं और जरूरतमंदों को बाँटकर जीते हैं।
शेयर:f
सत श्रम सांचा मानिए, आलस मेटो दूर
दादू मेहनत जो करै, पावै फल जरूर
शेयर:f
जब तक कर्ता का भाव है, तब तक कर्म का बंधन और उसका फल भी है।
शेयर:f
जब तक भीतर कपट है, तब तक बाहरी सत्संग और धर्म-कर्म सब व्यर्थ हैं।
शेयर:f
यदि हम अपने दैनिक जीवन में कृष्ण को केंद्र मान लें, तो समस्त कर्म अपने आप पवित्र हो जाते हैं।
शेयर:f
मातृभूमि की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म और कर्म है।
शेयर:f
कर्म ही वह मार्ग है जो मनुष्य को उसके सपनों और आदर्शों की मंजिल तक पहुंचाता है।
शेयर:f
मेहनत और निष्ठा से किया गया हर प्रयास कभी व्यर्थ नहीं जाता, वह भविष्य की नींव बनता है।
शेयर:f
मनुष्य अपने जन्म से नहीं, बल्कि अपने अच्छे कर्मों और विचारों से महान बनता है।
शेयर:f
मनुष्य की महानता उसके जन्म या कुल से नहीं, बल्कि उसके कर्मों और परोपकारी स्वभाव से तय होती है।
शेयर:f
मेहनत और लगन से किया गया हर सामाजिक कार्य कभी व्यर्थ नहीं जाता।
शेयर:f
मेहनत हमारी, पसीना हमारा, तो इस धरती की फसल पर भी सिर्फ हमारा हक है।
शेयर:f
मेहनत करने वाले के पसीने पर पलने वाले परजीवियों का खात्मा ही न्यायसंगत समाज की नींव है।
शेयर:f
मदिरा और कुरीतियों का त्याग करो, मन और कर्म से पवित्र होकर ही हम अन्याय के खिलाफ खड़े हो सकते हैं।
शेयर:f
कड़ी मेहनत ही हमारी धरती को समृद्ध बनाती है, आलस्य छोड़ो और अपनी माटी को हरा-भरा बनाओ।
शेयर:f
किसान ही इस देश की रीढ़ हैं और उन्हीं के परिश्रम पर पूरा समाज टिका हुआ है।
शेयर:f
मेहनत करने वाले को उसका हक मिलना ही चाहिए, यही सच्चा धर्म और समाजवाद है।
शेयर:f
अवसर अधिकांश लोगों से इसलिए चूक जाते हैं क्योंकि यह चोले पहने मेहनत की तरह दिखता है।
शेयर:f
जो लोग हर बात में भाग्य को दोष देते हैं, वे असल में अपनी मेहनत से भाग रहे होते हैं।
शेयर:f
अनवरत परिश्रम और अपने लक्ष्य के प्रति पूर्ण समर्पण ही किसी भी सफलता की असली कीमत है।
शेयर:f
बिना सोचे-समझे पढ़ना व्यर्थ की मेहनत है, और बिना पढ़े केवल सोचना बेहद खतरनाक है।
शेयर:f
श्रेष्ठ मनुष्य अपनी वाणी में अत्यंत विनम्र होता है, किंतु कर्म करने में सबसे आगे रहता है।
शेयर:f
सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, इसके लिए निरंतर परिश्रम की आवश्यकता होती है।
शेयर:f
शब्दों से ज्यादा महत्वपूर्ण है कि आपके कर्म क्या कहते हैं।
शेयर:f
हर सफल व्यक्ति के पीछे उसकी अथक मेहनत और कभी न हार मानने की जिद्द होती है।
शेयर:f
इंसान का असली कद उसकी लंबाई से नहीं, बल्कि उसके कर्मों से मापा जाता है।
शेयर:f
मेहनत और पसीने से सींची गई रोटी का स्वाद दुनिया के सबसे महंगे पकवानों से भी बढ़कर होता है।
शेयर:f
मेहनत का फल मीठा होता, जग में कोई न भूखा सोता।
शेयर:f
विज्ञापन · Advertisement
श्रमिक वर्ग की मेहनत से ही यह दुनिया चलती है, इसलिए उन्हें उनका हक मिलना ही चाहिए।
शेयर:f
मेहनत के बिना दुनिया में किसी को भी कभी कोई महान उपलब्धि हासिल नहीं होती।
शेयर:f
पसीना बहाकर कमाने वाले मजदूरों की मेहनत ही इस पूरी दुनिया को चलाती है।
शेयर:f
किसानों और मजदूरों की मेहनत पर यह समाज टिका है, इसलिए उनके अधिकारों की रक्षा करना सबसे बड़ा धर्म है।
शेयर:f
मेहनत करने वाले मजदूर और किसान ही इस पूरे संसार के असली निर्माता और आधार हैं।
शेयर:f
जाति, वंश या कुल से कोई महान नहीं बनता, इंसान अपने कर्मों और विचारों से महान बनता है।
शेयर:f
मेहनतकशों के पसीने की सही कीमत और उनके श्रम का सम्मान ही सच्ची न्याय व्यवस्था है।
शेयर:f
ईमानदारी और सत्यनिष्ठा से किया गया कठिन परिश्रम कभी व्यर्थ नहीं जाता, उसका परिणाम समाज को दिशा देता है।
शेयर:f
हमें अपने अतीत से प्रेरणा लेनी चाहिए लेकिन भविष्य का निर्माण वर्तमान के कर्मों से करना होगा।
शेयर:f
मेहनत वह महक है जो असफलता की हर कड़वाहट को मीठा कर देती है।
शेयर:f
मेहनत का फल और वतन के लिए बहाया गया खून कभी बेकार नहीं जाता, उसका असर पूरी दुनिया देखती है।
शेयर:f
आज की मेहनत और बलिदान ही कल के स्वतंत्र और समृद्ध भारत की नींव रखेंगे।
शेयर:f
अतीत की महानता से प्रेरणा लो, वर्तमान में कड़ी मेहनत करो और भविष्य का निर्माण करो।
शेयर:f
मेहनत ऐसी खामोशी से करो कि तुम्हारी सफलता ही तुम्हारा सबसे बड़ा परिचय बन जाए।
शेयर:f
बिना पसीने की बूंदों और अटूट मेहनत के कोई भी महान मंजिल नहीं पाई जा सकती।
मेहनत
शेयर:f
कठिन परिश्रम और निरंतर अभ्यास ही मनुष्य के जीवन में सफलता के द्वार खोलते हैं।
शेयर:f
मनुष्य की महानता उसके पद या संपत्ति में नहीं, बल्कि उसके विचारों और कर्मों में है।
शेयर:f
हमें अतीत की महानता पर गर्व होना चाहिए, लेकिन भविष्य का निर्माण अपनी वर्तमान मेहनत से करना चाहिए।
शेयर:f
धर्म का सार प्रेम, करुणा और बंधुत्व में निहित है, न कि कर्मकांडों में।
शेयर:f
एकाग्रता और निरंतर मेहनत से ही जीवन में बड़े लक्ष्यों को प्राप्त किया जाता है।
शेयर:f
विचार जब तक कर्म न बने, तब तक वह केवल एक बोझ है।
शेयर:f
जग का जीवन ही श्रम-बल है, कर्मवीर का यह संबल है, पसीना बन बहती धारा, जीवन का पावन बल है।
शेयर:f
हिम्मत कभी न हारो साथी, राहों में हो कितनी रात, अपनी ही मेहनत के बल पर, लिख दो तुम अपनी ही बात।
शेयर:f
केवल मनोरंजन न कवि का कर्म होना चाहिए, उसमें उचित उपदेश का मर्म होना चाहिए।
शेयर:f
मातृभूमि की सेवा से बढ़कर नहीं कोई धर्म, यही है हर भारतीय का सबसे पहला कर्म।
शेयर:f
मेहनत की स्याही से जो अपनी तकदीर लिखते हैं, वे लोग इस दुनिया में कभी नहीं दीन-हीन दिखते हैं।
शेयर:f
समाज में न्याय मिले सबको, यह सबसे बड़ा धर्म है, अन्याय सहना और करना दोनों ही महाकर्म-धर्म है।
शेयर:f
बिना पुरुषार्थ के भाग्य भी साथ नहीं देता, कर्म ही प्रधान है।
शेयर:f
भड्डरी कहै सुनै सब कोई, बिना मेहनत कुछ पावै ना कोई।
शेयर:f
असफलता से डरना कायरता है, गिरकर दोबारा उठना और आगे बढ़ना ही एक सच्चे कर्मयोगी की पहचान है।
शेयर:f
सच्ची मेहनत वही है जो पसीने से सींची जाए और जिसका परिणाम समाज को मिले।
शेयर:f
कर्म का मार्ग ही जीवन की सच्ची सफलता की इकलौती कुंजी है।
शेयर:f
पुरुष ने जिसे कर्मठता समझा, नारी ने उसे अपनी करुणा और त्याग से अधिक सार्थक और सुंदर बना दिया।
शेयर:f
सौंदर्य केवल बाहरी आवरण नहीं, बल्कि वह पवित्र आंतरिक प्रकाश है जो मनुष्य के हर कर्म में झलकता है।
शेयर:f
महान कार्य करने के लिए पहले उस पर विश्वास करना और फिर लगातार मेहनत करना जरूरी है।
शेयर:f
जिस प्रकार एक फूल की सुगंध हवा की दिशा में फैलती है, वैसे ही व्यक्ति के अच्छे कर्मों का यश चारों दिशाओं में फैलता है।
शेयर:f
आलस्य मनुष्य के शरीर में छिपा सबसे बड़ा शत्रु है, जो बिना परिश्रम के कभी सफलता प्राप्त नहीं होने देता।
शेयर:f
राष्ट्र के प्रति समर्पण और कड़ी मेहनत से ही एक विकसित भारत का सपना सच हो सकता है।
शेयर:f
आत्मविश्वास और कड़ी मेहनत ही असफलता नामक बीमारी को हमेशा के लिए हराने की अचूक दवा है।
शेयर:f
अपने भाग्य पर भरोसा मत करो, अपनी ताकत और कर्म पर विश्वास रखो।
शेयर:f
मेहनत ही वह चाबी है जो सफलता के हर बंद दरवाजे को खोलकर नई मंजिलों तक पहुँचाती है।
शेयर:f
बिना कार्य के ज्ञान और बिना विवेक के कर्म दोनों ही समाज के लिए विनाशकारी होते हैं।
शेयर:f
प्रसन्नता तब मिलती है जब आपके विचार, आपके शब्द और आपके कर्म पूरी तरह से एक साथ हों।
शेयर:f
मनुष्य का मूल्य उसके कपड़ों या धन से नहीं, बल्कि उसके चरित्र और कर्मों से आंका जाता है।
शेयर:f
कर्म ही जीवन का सत्य है, पसीना बहाकर ही मनुष्य अपना भाग्य लिखता है।
शेयर:f
समय की धारा किसी के लिए नहीं रुकती, कर्म ही मनुष्य का सच्चा आभूषण है।
शेयर:f
मनुष्य की महानता उसके कर्मों से होती है, जन्म या जाति से नहीं।
शेयर:f
मेहनत वह कुंजी है जो किस्मत के बंद ताले को भी आसानी से खोल देती है।
शेयर:f
कर्म प्रधान विश्व करि राखा। जो जस करइ सो तस फल चाखा॥
शेयर:f

इस विषय पर लिखने वाले लेखक

दूसरे विषय

ज़िंदगीसफलताप्रेमदोस्तीसमयशिक्षाहिम्मतसच और ईमानसमाज और न्याय