विचार संग्रहज़िंदगी पर अनमोल विचार
महापुरुषों, कवियों और लेखकों के 228 विचार — कॉपी कीजिए, शेयर कीजिए।
आदिवासी जंगल सिर्फ ज़मीन नहीं, उनकी अस्मिता और जीवन जीने का अधिकार हैं।
सच बोलने की कीमत चुकानी पड़ती है, लेकिन झूठी शान की जिंदगी से वह कहीं बेहतर है।
रसीदी टिकट मेरी आत्मकथा है, जिसमें मैंने अपने जीवन के पन्नों को बिना किसी पर्दे के खोला है।
जिंदगी के सफर में मैंने जो भी महसूस किया, उसे बिना डरे कागज़ पर उतार दिया।
मध्यवर्गीय जीवन की विसंगतियां और दिखावा व्यक्ति की सच्ची संवेदनाओं को धीरे-धीरे कुचल देते हैं।
मध्यवर्गीय जीवन के पाखंड और कुंठाओं को उजागर किए बिना समाज का यथार्थ अधूरा रहता है।
जीवन का सौंदर्य संघर्षों से भागने में नहीं, बल्कि उनका डटकर मुकाबला करने में है।
जीवन का यथार्थ बाहरी घटनाओं में नहीं, बल्कि आंतरिक अनुभूतियों में बसता है।
विज्ञापन · Advertisement
बाल्यावस्था के संस्कार और मनोविज्ञान मनुष्य के पूरे जीवन को प्रभावित करते हैं।
मनुष्य से बड़ा कुछ नहीं, उससे महान कुछ नहीं,
मानव ही सत्य है, उसका कल्याण ही जीवन है।
जिंदगी सिर्फ सांस लेना नहीं है, बल्कि हक के लिए लड़ना ही जीवन है।
स्वतंत्रता किसी भी मनुष्य का जन्मसिद्ध अधिकार है, जिसके बिना जीवन अधूरा है।
जो मनुष्य अपनी मातृभूमि से प्रेम नहीं करता, उसका जीवन पशु के समान व्यर्थ है।
स्वतंत्रता के बिना मनुष्य का जीवन उस पक्षी जैसा है जिसके पंख काट दिए गए हों।
मैंने जीवन को जैसा देखा और भोगा, उसे ही अपनी कलम से पन्नों पर उतार दिया।
जीवन की राहों में ठोकरें ही मनुष्य को परिपक्व और समझदार बनाती हैं।
जो व्यक्ति दूसरों की पीड़ा नहीं समझ सकता, उसका जीवन व्यर्थ है।
वे कविता को कोई बहुत ऊंची चीज न मानकर रोजमर्रा के जीवन का सच मानते थे।
प्रेम कोई दिखावा नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी में एक-दूसरे का साथ निभाना और भरोसा रखना है।
केदारनाथ अग्रवाल प्रगतिशील कविता के एक ऐसे स्तंभ हैं जिन्होंने जनजीवन की धड़कनों को अपनी कविताओं में उतारा।
प्रकृति उनके लिए केवल सौंदर्य का विषय नहीं थी, बल्कि वह श्रम और जीवन का जीवंत आधार थी।
'फूल और शूल' संग्रह के माध्यम से उन्होंने जीवन के सौंदर्य और संघर्ष दोनों पक्षों को उजागर किया।
वे ट्रेड यूनियन गतिविधियों से भी जुड़े रहे और मजदूरों के अधिकारों के लिए आजीवन मुखर रहे।
चलना हमारा काम है, गतिशीलता ही जीवन का नाम है।
जिंदगी को प्यार करना सीखो, हर पल को जीना सीखो।
जो जला नहीं आँधी में, वो दीप अधूरा है, संघर्ष बिना हर प्राणी का जीवन ही अधूरा है।
जीवन की राहों में कांटे तो बहुत मिलेंगे, पर मुस्कान से ही सारे रास्ते खिलेंगे।
बुनी हुई रस्सी से जीवन की सादगी और मजबूती झलकती है।
मौत के मुंह में भी जिंदगी गाई जा सकती है, अगर हौसला बुलंद हो।
कविता कोई विलास की वस्तु नहीं, बल्कि वह जीवन का सबसे कठिन सच है।
ज़िंदगी क्या है अनासिर में ज़ुहूर-ए-तरतीब
मौत क्या है इन्ही अज्ज़ा का परेशाँ होना
गम दिए मुस्तकिल, कितना नाज़ुक है दिल, ये भी कोई जिंदगी है या रब
जिंदगी देने वाले सुन, तेरी दुनिया से दिल भर गया
जिंदगी है तो नए ख्वाब भी देखे जाएंगे
राख से फिर कोई चिंगारी निकल आएगी।
जिंदगी है तो नए तौर से ढलना होगा, रात कितनी ही घनी हो तो निकलना होगा।
जिंदगी के मेले में सब तन्हा ही नजर आए
भीड़ बहुत थी पर अपना कोई न मिला।
यूँ ही कोई ज़िंदगी का तजुर्बा नहीं पाता।
जिंदगी का मज़ा तो तब है, जब हर साँस एक बगावत बन जाए।
जो ज़िंदगी को समझते हैं इक नई तामीर, वो कभी मान नहीं सकते हैं किसी की ज़ंजीर।
अमल से जिंदगी बनती है, जन्नत भी, जहन्नम भी, यह खाकी अपनी फितरत में न नूरी है न नूरी है।
तब्दीली इल्म का जज़्बा है, और जज़्बा जिंदगी की रूह है।
अमल से ज़िंदगी बनती है जन्नत भी जहाहन्नम भी, ये खाकी अपनी फ़ितरत में न नूरी है न नारी है।
मौसम-ए-गुल है चलो मय-कदे में आज ज़ौक़, फिर न जाने कब बहार आए न आए जिंदगी।
मौत का डर नहीं मुझको न ज़माने का ख़ौफ़, ज़िंदगी ने जो सताया है वो कम तो नहीं।
आलस्य मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है, क्योंकि यह जीवन में कभी आगे नहीं बढ़ने देता।
समय का सदुपयोग करने वाले व्यक्ति जीवन की हर दौड़ में आगे रहते हैं।
प्रेम और स्नेह के बिना जीवन एक सूखा रेगستان मात्र बनकर रह जाता है।
साधूचे वर्तन असे अमृतासमान, जे दुःखीतांचे दुःख वाटे आणि देई नवसंजीवन।
मेहत कर कमाइ खाए, जो श्रम कर जीवन बिताए। ताके पद रज मस्तक धारौं, रैदास शीश झुकाए॥
अपना जीवन सार्थक कर ले, जो प्रभु चरनन चित लाए। भवसागर से तरि जाई वो, जो नाम निरंतर गाए॥
गुरु गोबिंद सिंह का जीवन संघर्ष, त्याग और अटूट विश्वास का प्रतीक है।
प्रेम और करुणा के बिना जीवन व्यर्थ है, जिस हृदय में प्रेम नहीं वह मसान के समान है।
सच्चा शांतिपूर्ण जीवन वही है जो बिना किसी अहंकार और मानसिक उथल-पुथल के जिया जाए।
आत्म-साक्षात्कार से बड़ा इस जीवन में कोई भी पराक्रम या पुरुषार्थ नहीं है।
मनुष्य जीवन का मुख्य उद्देश्य भगवान की भक्ति को प्राप्त करना है।
प्रचार ही जीवन है, हमें भगवद्गीता का संदेश घर-घर तक पहुँचाना चाहिए।
यदि हम अपने दैनिक जीवन में कृष्ण को केंद्र मान लें, तो समस्त कर्म अपने आप पवित्र हो जाते हैं।
असली सफलता भौतिक धन कमाने में नहीं, बल्कि जीवन के अंतिम लक्ष्य भगवान को प्राप्त करने में है।
मनुष्य जीवन अत्यंत दुर्लभ है, इसे केवल खाने-सोने और आनंद लेने में व्यर्थ गंवाना सबसे बड़ी मूर्खता है।
भय और गुलामी कायरता की पहचान हैं, स्वाभिमान ही जीवन है।
ज्ञान का प्रकाश अज्ञानता के अंधकार को मिटाकर जीवन को सही दिशा प्रदान करता है।
सार्वजनिक जीवन का आध्यात्मिकरण होना चाहिए, राजनीति में धर्म और नैतिकता का समावेश आवश्यक है।
सार्वजनिक जीवन में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए निस्वार्थ सेवा भाव और सहनशीलता सबसे महत्वपूर्ण आभूषण हैं।
सार्वजनिक जीवन में नैतिकता और सत्यनिष्ठा का पालन करना ही सच्ची देशभक्ति है।
परोपकार ही मनुष्य का सबसे बड़ा धर्म है, और यही जीवन का सच्चा उद्देश्य होना चाहिए।
विधवाओं की दुर्दशा देखकर मेरा हृदय कांप उठता था, उनके सुधार के लिए मैंने जीवन समर्पित किया।
मैंने जीवन भर रूढ़िवादिता का विरोध किया और हमेशा मानवता के पक्ष में खड़ा रहा।
शिक्षा वह संजीवनी है जो व्यक्ति को असहाय स्थिति से निकालकर उसे अपने पैरों पर खड़ा होने का साहस देती है।
समय और अवसर का सदुपयोग करने वाला व्यक्ति ही अपने जीवन के साथ-साथ समाज का भी कल्याण कर सकता है।
महाराष्ट्र सरकार और विभिन्न संगठनों ने उनके जीवन और कार्यों को पाठ्यक्रम में शामिल किया है।
हर वंचित तक इल्म पहुँचाना ही जीवन का सबसे बड़ा और सच्चा धर्म है।
अपने अधिकारों और स्वाभिमान की रक्षा के लिए प्राणों की बाजी लगा देना ही असली जीवन है।
सच्चा आविष्कार वही है जो मानव जीवन को सुगम और भयमुक्त बना सके।
जीवन एक ऐसा अनसुलझा समीकरण है, जिसके कुछ निश्चित तत्वों को समझना ही हमारी यात्रा है।
मैंने अपने जीवन में यह समझा है कि एक घंटे का समय बर्बाद करने वाला व्यक्ति जीवन का मूल्य नहीं समझता।
एक व्यक्ति जो अपने समय का एक घंटा भी बर्बाद करने की हिम्मत करता है, उसने जीवन के मूल्य को नहीं समझा है।
जीवन की लंबी यात्रा में केवल वे ही लोग सफल होते हैं जो आपसी सहयोग और सह-अस्तित्व के पाठ को सीखते हैं।
पृथ्वी पर जीवन का यह विशाल ताना-बाना इस बात का प्रमाण है कि हर छोटी से छोटी इकाई का अपना महत्व है।
जीवन का सबसे लगातार और ज़रूरी सवाल यह है: "आप दूसरों के लिए क्या कर रहे हैं?"
हम अपने जीवन के अंत के दिनों में उस बात के लिए याद किए जाएंगे जो हमने दूसरों के लिए की।
हमारे जीवन का अंत उस दिन से शुरू हो जाता है जिस दिन हम उन महत्वपूर्ण बातों पर चुप हो जाते हैं।
जीवन एक अवसर है, इसका लाभ उठाएं; जीवन सुंदरता है, इसकी प्रशंसा करें।
जीवन एक अवसर है, इसका लाभ उठाइए। जीवन एक सौंदर्य है, इसकी प्रशंसा कीजिए।
शब्दों में ईमानदारी और वफादारी ही जीवन के सभी क्षेत्रों में सफलता का आधार है।
बिना ऊर्जा के गतिविधि अधूरी है और गतिहीनता जीवन को नष्ट कर देती है।
आशा जागृत सपनों का नाम है जो मनुष्य को जीवन की कठिनाइयों से लड़ने की शक्ति देती है।
जीवन का उद्देश्य केवल जीवित रहना नहीं, बल्कि एक सार्थक और श्रेष्ठ जीवन जीना है।
अनवेषित जीवन जीने योग्य नहीं होता है।
जो लोग आज के काम को कल पर टालते हैं, वे अपने जीवन को बर्बाद कर रहे हैं।
अंततः आपके जीवन के वर्ष मायने नहीं रखते, बल्कि आपके उन वर्षों का जीवन मायने रखता है।
सुख और दुख इस जीवन के दो ऐसे पहलू हैं जो लगातार बदलते रहते हैं।
सुखी जीवन का रहस्य यही है कि जो मिला है उसमें संतोष करो और शिकायत छोड़ दो।
कला का कार्य जीवन को सुंदर बनाना या उसकी व्याख्या करना नहीं, बल्कि उसे जैसे है वैसे चित्रित करना है।
जीवन बहुत जटिल है और जो लोग इसे सरल मानते हैं वे नासमझ हैं।
जीवन कोई आसान चीज़ नहीं है, और जो लोग इसे आसान समझते हैं, वे भ्रम में जीते हैं।
हम अपनी जिंदगी के लेखक खुद हैं, बस जरूरत एक मजबूत इरादे और कलम उठाने की है।
किताबें पढ़ो, वे जीवन को समझने में तुम्हारी मदद करेंगी।
जब काम एक आनंद हो, तो जीवन एक खुशी है।
हर महान व्यक्ति ने अपने जीवन में भारी संघर्ष किया है।
समय किसी के लिए नहीं रुकता, इसका सदुपयोग ही जीवन को सार्थक बनाता है।
कला केवल सौंदर्य का प्रदर्शन नहीं, बल्कि जीवन की अभिव्यक्ति है।
केवल वही जीवन सार्थक है जो दूसरों की भलाई के लिए जिया जाए।
जीवन का अर्थ केवल जीवित रहना नहीं, बल्कि प्रेम और सेवा के साथ जीना है।
मौート का भय केवल उन लोगों को सताता है जिन्होंने अपने जीवन को व्यर्थ गंवाया हो।
जीवन की इस छोटी सी रात में, होश में रहना ही सबसे बड़ी भूल है।
ज़िंदगी एक प्याला है जो रोज़ थोड़ा-थोड़ा खाली होता जा रहा है।
सत्य की खोज में भटके बिना, इस जीवन के हर एक पल का आनंद उठा ले।
इस जीवन रूपी सफर में प्रेम ही वह पूंजी है जो अंत तक साथ निभाती है।
जो जलता नहीं है, वह प्रकाश नहीं दे सकता; प्रेम में जलना ही असली जीवन है।
जीवन का उद्देश्य केवल जीवित रहना नहीं है, बल्कि जागना और खुद को जानना है।
आपके बच्चे आपके बच्चे नहीं हैं, वे जीवन की अपनी लालसा के पुत्र और पुत्री हैं।
अत्यधिक सोचना और तर्क करना अक्सर जीवन की सहज और सरल सुंदरता को नष्ट कर देता है।
वक्त किसी का साथ न दे, पल-पल करके जीवन ले।
धिक जीवन तेहि सुख भजे, जरै सु ऐसौ राज। जासु न होइ परमारथू, काछू जग को काज॥
ज्ञान रूपी प्रकाश ही मनुष्य के जीवन से अज्ञानता के अंधकार को दूर भगाता है।
विज्ञापन · Advertisement
आत्मसम्मान के बिना जीवन पशु के समान है, और आत्मसम्मान के लिए संघर्ष ही सच्चा धर्म है।
सत्य की खोज और समाज सेवा ही मानव जीवन का सबसे बड़ा उद्देश्य होना चाहिए।
विद्या ही मनुष्य को इंसान बनाती है, ज्ञान के बिना जीवन व्यर्थ है।
स्त्री और शूद्रों की शिक्षा पर रोक लगाने वाली व्यवस्था को उखाड़ फेंकना ही जीवन का सबसे बड़ा उद्देश्य होना चाहिए।
जो लोग दूसरों के उत्थान के लिए अपना जीवन समर्पित करते हैं, उनका जीवन ही सार्थक होता है।
दिल में है प्यार वतन का, आँखों में है आज़ादी का सपना, यही है जीवन का एकमात्र लक्ष्य अपना।
मौत तो एक दिन आनी ही है साथियों, क्यों न देश के नाम पर अपनी जिंदगी कुर्बान कर दें।
माँ भारती के चरणों में समर्पित यह जीवन ही मेरी सबसे बड़ी पूंजी और सफलता है।
जिंदगी का क्या भरोसा है यहाँ पल भर का, आज जी लो देश के नाम पर खुलकर यारो।
जो देश के लिए नहीं जिया, उसका जीवन व्यर्थ है।
मातृभूमि की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है, इसके लिए सर्वस्व न्योछावर करना ही जीवन है।
जीवन का सबसे बड़ा पाप अन्याय को सहन करना और उसके आगे घुटने टेकना है।
जीवन का सबसे बड़ा पाप अन्याय सहना और गलत के सामने झुक जाना है।
संघर्ष के बिना जीवन का कोई वास्तविक अर्थ नहीं होता, कठिनाइयाँ ही व्यक्ति को मजबूत बनाती हैं।
सादा जीवन और उच्च विचार का सिद्धांत उनके पूरे जीवन और कार्यशैली में स्पष्ट रूप से झलकता था।
जीवन एक गीत है, इसे गाइए; जीवन एक चुनौती है, इसका सामना कीजिए।
ज़िंदगी
मित्र वे अनमोल रत्न हैं जो अंधेरे समय में हमारे जीवन में दीया बनकर जलते हैं।
दोस्ती
आशा वह अटूट रोशनी है जो सबसे गहरी और काली रातों में भी रास्ता दिखाती है।
ज़िंदगी
संयम, सदाचार और अनुशासन के बिना जीवन में किसी भी प्रकार की सच्ची सफलता असंभव है।
निर्भयता और साहस के बिना जीवन के किसी भी बड़े उद्देश्य को प्राप्त नहीं किया जा सकता।
कठिन परिश्रम और निरंतर अभ्यास ही मनुष्य के जीवन में सफलता के द्वार खोलते हैं।
लोकतंत्र केवल एक राजनीतिक व्यवस्था नहीं है, यह जीवन जीने का एक तरीका है।
सच्चा दर्शन वही है जो जीवन की वास्तविक समस्याओं को समझे और उनका समाधान प्रस्तुत करे।
मानव जीवन का अंतिम लक्ष्य आत्म-साक्षात्कार और सत्य की प्राप्ति है।
सच्ची शिक्षा व्यक्ति को स्वतंत्र और निर्भीक बनाती है, भयमुक्त जीवन ही ज्ञान का प्रमाण है।
सच्ची सफलता आत्म-संतोष और दूसरों के जीवन में प्रकाश लाने में निहित है।
एकाग्रता और निरंतर मेहनत से ही जीवन में बड़े लक्ष्यों को प्राप्त किया जाता है।
लोक कल्याण और सेवा ही सार्वजनिक जीवन का एकमात्र मूल मंत्र होना चाहिए।
लोकतंत्र केवल शासन की प्रणाली नहीं, बल्कि जीवन जीने का एक नैतिक मूल्य है।
उनका पूरा जीवन राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम और पत्रकारिता को समर्पित एक खुली किताब था।
कुटज निबंध हार न मानने वाले संघर्षशील जीवन का संदेश देता है।
संत साहित्य ने भारतीय जनजीवन को जोड़ने में बहुत बड़ा योगदान दिया।
सहर्ष स्वीकारा है: जिंदगी में जो कुछ है, जो भी है, वह सब तुम्हारा है!
जिंदगी के कमरों में अंधेरे लगाता हूँ, मैं अपने ही भीतर रोज़ एक नया युद्ध लड़ता हूँ।
संघर्षों के बिना जीवन एक थका हुआ और ठहरा हुआ पानी बन जाता है।
कृतज्ञता केवल शब्दों में नहीं, बल्कि जीवन की हर साँस में होनी चाहिए।
सब कहती है दुनिया, जीवन एक रण है, पर मैं कहता हूँ यह सृजन का क्षण है।
जो नहीं हो सका पूर्ण, उसे भी पूर्ण समझो; अधूरापन ही तो जीवन का सौंदर्य है।
शिक्षा रटी हुई विद्या नहीं, बल्कि जीवन को नए दृष्टिकोण से देखने की दृष्टि है।
यंत्रवत चलना जीवन नहीं, हर पल को अपनी शर्तों पर जीना ही जीवंतता है।
जन का है जीवन वरदान, प्रकृति का सौंदर्य महान।
वियोग का यह सुंदर क्षण, जीवन का मौन समर्पण।
किस तरह का यह जीवन है, केवल जगना और सोना, पाकर कुछ थोड़ा सा हमको, सब कुछ है खोना।
बिखर जाता है क्यों आलोक, तम के घेरे में आकर? क्यों रोता है मानव जीवन, सुख के सपने को पाकर?
जग का जीवन ही श्रम-बल है, कर्मवीर का यह संबल है, पसीना बन बहती धारा, जीवन का पावन बल है।
मानुष जीवन का अधिकार, श्रम से गढ़े नया संसार, न्याय और समता से ही हो सबका सच्चा श्रृंगार।
प्रेम वही जो बाँटे प्राण, स्नेह से सींचे जग का मान, स्वार्थरहित हो जिसकी ज्योति, वही है जीवन का वरदान।
समय नदी की चंचल धारा, कब किसी ने इसको है तारा? बीत गया जो पल जीवन से, लौट कभी न आएगा सारा।
अबला जीवन हाय तेरी यही कहानी, आंचल में है दूध और आंखों में पानी।
जीवन महासंग्राम है, जो लड़ रहा वह शूर है, जो हारकर चुप बैठता, वह लक्ष्य से बहुदूर है।
अधिकार चाहने से पहले कर्तव्य निभाना सीखो, इस जीवन के सच्चे पथ पर आगे बढ़ना सीखो।
जो अपने देश और समाज की भलाई नहीं सोचता, उसका जीवन व्यर्थ है।
कपट और छल का अंतनिश्चित है, सादगी ही जीवन का आभूषण है।
अपने असली स्वरूप को पहचानना ही जीवन का एकमात्र उद्देश्य है।
पसीना बहाए बिना और कड़ा संघर्ष किए बिना जीवन में कभी भी कोई स्थाई सफलता प्राप्त नहीं होती।
समय का एक-एक क्षण अमूल्य है, इसे व्यर्थ गँवाना अपने ही जीवन के बहुमूल्य रत्नों को लुटाने जैसा है।
ईमानदारी इंसान का सबसे बड़ा आभूषण है, इसके बिना जीवन का सारा आडंबर पूरी तरह व्यर्थ है।
चिता और कब्र के बीच पलने वाली जिंदगी
हम जैसे मुफलिसों की बपौती नहीं रही
उनकी कहानियों में ग्रामीण जीवन की महक, लोकगीत, भाषा और संस्कृति का अनूठा संगम मिलता है।
जिंदगी केवल साँसों का नाम नहीं है, बल्कि उम्मीद और संघर्ष का दूसरा नाम है।
रोने से कब दुख कम होता है? जीवन तो संघर्षों की एक सतत यात्रा है।
मातृभूमि के चरणों में जीवन समर्पित करना ही सबसे बड़ा सौभाग्य है।
कर्म का मार्ग ही जीवन की सच्ची सफलता की इकलौती कुंजी है।
आह वेदना मिली विदाई! मैंने भ्रमवश जीवन संचित, मधुकरी की भीख लुटाई।
समरस थे जड़ या चेतन, सुंदर साकार बने थे, जीवन का सत्य यही था, सौंदर्य-सार बने थे।
जीवन का यथार्थ संघर्षों में ही छिपा है, जो इनसे डरकर भागता है वह कभी पूर्णता को प्राप्त नहीं कर पाता।
आह! वेदना ही जीवन का सत्य है, यही वह कसौटी है जिस पर प्रेम और साधना के सच्चे आभूषण कसे जाते हैं।
परोपकार ही मनुष्य जीवन का सबसे बड़ा कर्तव्य है।
परोपकार और भलाई ही मनुष्य जीवन का सबसे उत्तम आभूषण और परम कर्तव्य है।
जीवन जीने के केवल दो ही तरीके हैं: मान लीजिए कि कुछ भी चमत्कार नहीं है, या मान लीजिए कि सब कुछ एक चमत्कार है।
जीवन जीने के केवल दो ही तरीके हैं: ऐसा मानो कि कुछ भी चमत्कार नहीं है, या ऐसा मानो कि सब कुछ एक चमत्कार है।
108
वही जीवन मूल्यवान है जो दूसरों के कल्याण के लिए जिया जाए।
60
मैंने अपनी जिंदगी का एक लंबा हिस्सा अंधेरे में बिताया, लेकिन मैंने आशा कभी नहीं छोड़ी।
जिस तरह एक मोमबत्ती बिना आग के नहीं जल सकती, उसी तरह मनुष्य का जीवन भी आध्यात्मिक ज्ञान बिना अधूरा है।
जीवन में तीन चीजें कभी नहीं छिप सकतीं—सूर्य, चंद्रमा और सत्य।
जिस प्रकार मोमबत्ती बिना आग के नहीं जल सकती, उसी प्रकार मनुष्य बिना आध्यात्मिक जीवन के नहीं जी सकता।
जो लोग नासमझ होते हैं, वे जीवन को एक अंतहीन संघर्ष और अज्ञानता का मार्ग मानते हैं।
माता-पिता के ऋण को कोई भी मनुष्य जीवनभर सेवा करके भी नहीं चुका सकता है।
जो लोग दूसरों के लिए रोशनी लाते हैं, उनके अपने जीवन से भी अंधेरा दूर रहता है।
जब मैं अपने पुराने जीवन को देखता हूँ, तो ऐसा लगता है जैसे किसी ने एक सुंदर गीत रच दिया हो।
शिक्षा का सबसे बड़ा उद्देश्य यह सिखाना है कि ज्ञान सिर्फ सूचना नहीं, बल्कि जीवन का विस्तार है।
कठिनाइयां हमारे जीवन में इसलिए आती हैं ताकि हम अपनी छिपी हुई ताकत को पहचान सकें।
कठिन समय हमारे जीवन में केवल इसलिए आते हैं ताकि हम अपनी वास्तविक क्षमता को पहचान सकें।
जीवन में कठिनाइयां हमें यह सिखाने आती हैं कि हम अंदर से कितने मजबूत हैं।
जीवन में कठिनाइयाँ हमें यह सिखाने आती हैं कि हम खुद अंदर से कितने मजबूत और सक्षम हैं।
ज़िंदगी तो अपने दम पर जी जाती है, दूसरों के कंधों पर तो सिर्फ जनाजे उठाए जाते हैं।
जिंदगी अपने दम पर जी जाती है, दूसरों के कंधों पर तो सिर्फ जनाजे उठाए जाते हैं।
समाज की सच्ची सेवा वही है जो शोषितों और पीड़ितों के जीवन में न्याय और समानता लेकर आए।
प्रेम ही जीवन का नियम है, द्वेष और घृणा से केवल विनाश होता है।
जीवन लंबा होने के बजाय महान होना चाहिए, यही सबसे बड़ा सत्य है।
ज्ञान हर व्यक्ति के जीवन का आधार है, इसके बिना विकास असंभव है।
महान और सच्चे विचार केवल किताबों से नहीं, बल्कि जीवन के कड़े संघर्षों से सीखे जाते हैं।
मेरा जीवन ही मेरा संदेश है, और यही सत्य के प्रति मेरी सबसे बड़ी निष्ठा और साधना है।
सादा जीवन और उच्च विचार ही मनुष्य के असली चरित्र और उसकी महानता का पैमाना हैं।
कौन जाता है यहाँ अपनी ख़ुशी से 'मीर'
ज़िंदगी कैद-ए-बला है, उम्र भर की क़ैद है
म्हारा जीवन धन गोपाल
चरण कमल पर वारूँ तन मन, और कुनकुन की माल
साधु संगति बिन हरिकथा, जीवन निष्फल जात रे।
दोनों हाथ जिसे दिखलाते हैं सूनापन, वे दोनों हाथ समर्पित हैं तुझको हे जीवन!
जीवन में जो मिला उसी को मैंने अपना माना है
रे बटकल! जीवन की दो राहों में, कभी न रुकना चाहिए
मानवता का यह शंखनाद, जीवन भर चलता रहेगा
प्रेम और सौन्दर्य बिना जीवन एक मरुस्थल है
जीवन का अंतिम लक्ष्य सत्य और सौंदर्य की अनुभूति है।
वेदना ही जीवन का सत्य है, जो हमें भीतर से मजबूत बनाती है।
दुःख ही जीवन की कथा रही, क्या कहूं आज जो नहीं कही।
राम की शक्तिपूजा में राम का संघर्ष और निराशा, निराला के व्यक्तिगत जीवन का प्रतिबिंब है।
कर्म ही जीवन का सत्य है, पसीना बहाकर ही मनुष्य अपना भाग्य लिखता है।
स्नेह की एक बूंद भी सूखे हुए प्राणों में नव-जीवन का संचार कर देती है।
जीवन का यथार्थ जितना कठोर है, साहित्य उसे उतना ही संवेदनशील बनाता है।
प्रेम और करुणा के बिना मनुष्य का जीवन पशु के समान है।
आशा का अंत जीवन का अंत है, जब तक जीवन है, आशा बनी रहती है।
धिक जीवन ते थिर रहे, जो मन होत न प्रफुल्ल
कहै रहीम तजि देह को, जैसै सुखी सुमूल
जो तू हँसे तो जग हँसै, रोय न पावै कोय। मरणे तै जग हँसि पड़े, तो कैसो जीवन होय।
इस विषय पर लिखने वाले लेखक
दूसरे विषय