हिंदी में सुविचार, शायरी, शिक्षा, पैसा और बिज़नेस की जानकारी
साहिर लुधियानवी
गीतकार और शायर
साहिर लुधियानवी
1921–1980
साहिर लुधियानवी (1921–1980) हिंदी सिनेमा के महानतम गीतकार और प्रगतिशील उर्दू शायर थे। उन्होंने अपनी शायरी में सामाजिक न्याय, मजदूर वर्ग की आवाज और गहरे रुमानी अहसासों को अनूठे अंदाज में पिरोया।
साहिर लुधियानवी का जन्म 8 मार्च 1921 को लुधियाना, पंजाब में हुआ था। उनका वास्तविक नाम अब्दुल हई था, लेकिन उन्होंने 'साहिर' उपनाम अपनाया। वे प्रगतिशील लेखक संघ के सक्रिय सदस्य रहे और उन्होंने फिल्मों में गीत लेखन को एक नया बौद्धिक स्तर प्रदान किया। उन्होंने 'प्यासा', 'साधना', 'धूल का फूल', 'वक्त' और 'कभी कभी' जैसी कई फिल्मों के लिए अमर गीत लिखे। साहिर पहले ऐसे गीतकार थे जिन्हें लता मंगेशकर से पहले गीत लिखने के लिए रॉयल्टी और सम्मान मिला। 25 अक्टूबर 1980 को उनका निधन हो गया, लेकिन उनकी शायरी आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है।
साहिर लुधियानवी के अनमोल विचार
दुनिया ने तजुर्बात ओ हवादिस की शक्ल में
जो कुछ मुझे दिया है वो लौटा रहा हूँ मैं