हिंदी में सुविचार, शायरी, शिक्षा, पैसा और बिज़नेस की जानकारी
भवानी प्रसाद मिश्र
कवि
भवानी प्रसाद मिश्र
1913–1985
भवानी प्रसाद मिश्र (1913–1985) हिंदी के एक प्रमुख कवि और गांधीवादी विचारक थे। उनकी कविता में सहजता, सादगी और मानवीय करुणा की गहरी छाप मिलती है। उन्हें 'दूसरा सप्तक' के प्रतिष्ठित कवियों में गिना जाता है।
भवानी प्रसाद मिश्र का जन्म 29 मार्च 1913 को होशंगाबाद, मध्य प्रदेश में हुआ था। वे गांधीवादी विचारधारा से गहरे रूप से जुड़े थे और स्वतंत्रता संग्राम में भी सक्रिय रहे। 'गीत फरोश', 'सतपुड़ा के जंगल' और 'अंधेरी कविता' उनकी अत्यंत प्रसिद्ध रचनाएं हैं। उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार सहित कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा गया। उनकी भाषा में लोकजीवन की मिठास और सीधी बात कहने का अनूठा अंदाज था। 1985 में उनका देहांत हुआ, लेकिन वे हिंदी कविता के अमर हस्ताक्षर बने रहे।
भवानी प्रसाद मिश्र के अनमोल विचार
गीत बेचता हूँ, मैं गीत बेचता हूँ।
अपने मन का मीत बेचता हूँ।