हिंदी में सुविचार, शायरी, शिक्षा, पैसा और बिज़नेस की जानकारी
कैफी आज़मी
शायर और गीतकार
कैफी आज़मी
1919–2002
कैफी आज़मी 20वीं सदी के महान उर्दू शायर और प्रगतिशील गीतकार थे। उन्होंने अपनी शायरी से मजदूरों और शोषितों की आवाज़ को बुलंद किया। वे सादगी, संघर्ष और मानवीय संवेदना के प्रतीक माने जाते हैं।
कैफी आज़मी का जन्म 1919 में उत्तर प्रदेश के आज़मगढ़ ज़िले के मिज़वां गाँव में हुआ था। उनका वास्तविक नाम अतहर हुसैन रिज़वी था और वे 'प्रगतिशील लेखक संघ' के प्रमुख स्तंभों में शामिल रहे। उनकी शायरी में रोमानी अंदाज़ के साथ-साथ सामाजिक बदलाव की छटपटाहट स्पष्ट दिखाई देती है। उन्होंने हिंदी सिनेमा के लिए 'कागज़ के फूल' और 'हक़ीक़त' जैसी फिल्मों में अमर गीत लिखे। फ़िल्म 'हक़ीक़त' का गीत "कर चले हम फिदा जान-तन साथियों" आज भी हर भारतीय के दिल में बसा है। उन्हें पद्म श्री और साहित्य अकादमी फैलोशिप सहित कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाज़ा गया।
कैफी आज़मी के अनमोल विचार
औरत ने बहुत देर तक औरत का साथ दिया
अब उठो कि तुम्हारे साथ को मर्द भी आ गया है