
राष्ट्रपति
अब्राहम लिंकन
1809–1865
अब्राहम लिंकन (1809–1865) संयुक्त राज्य अमेरिका के 16वें राष्ट्रपति थे। उन्होंने अमेरिकी गृहयुद्ध के दौरान देश का नेतृत्व किया और दास प्रथा का अंत किया।
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अब्राहम लिंकन का जन्म 12 फरवरी 1809 को केंटकी में एक गरीब परिवार में हुआ था। उन्होंने स्व-अध्ययन से वकालत की और राजनीति में प्रवेश किया। 1860 में वे अमेरिका के राष्ट्रपति चुने गए। उनके कार्यकाल में अमेरिकी गृहयुद्ध (1861–1865) हुआ, जिसमें उन्होंने देश को टूटने से बचाया। उन्होंने 'इमैंसिपेशन प्रोक्मेशन' के जरिए लाखों दासों को स्वतंत्रता दिलाई। 14 अप्रैल 1865 को जॉन विल्क्स बूथ द्वारा उनकी हत्या कर दी गई, लेकिन लोकतंत्र और समानता के लिए उनका योगदान अमर है।
अब्राहम लिंकन के अनमोल विचार
चरित्र एक वृक्ष की तरह है और प्रतिष्ठा उसकी छाया की तरह, छाया असली चीज़ है और वृक्ष।
यदि आप किसी कुत्ते को उसकी पूंछ समेत गिनते हैं, तो उसके पैरों की कुल संख्या पांच नहीं होगी।
जब मैं अच्छा करता हूँ तो मुझे अच्छा लगता है, जब मैं बुरा करता हूँ तो मुझे बुरा लगता है।
मुझे नहीं पता कि मेरा पिता कौन था, मुझे इससे ज्यादा यह फिक्र है कि वह क्या था।
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अगर आप किसी को हराना चाहते हैं, तो उसे अपने तर्क से नहीं, बल्कि अपने प्रेम से जीतिए।
शिक्षा भविष्य के लिए पासपोर्ट है, क्योंकि कल उन्हीं का है जो आज इसके लिए तैयारी करते हैं।
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मैं एक धीमी गति से चलने वाला इंसान हूँ, लेकिन मैं कभी भी पीछे की तरफ कदम नहीं बढ़ाता।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आप अपने पैर जमीन पर मजबूती से टिकाए रखें और आगे बढ़ते रहें।
अंततः आपके जीवन के वर्ष मायने नहीं रखते, बल्कि आपके उन वर्षों का जीवन मायने रखता है।
अगर आप अपने दुश्मन को दोस्त बना लेते हैं, तो क्या आपने अपने दुश्मन को नष्ट नहीं कर दिया?
मुझे इस बात की कोई परवाह नहीं है कि भगवान मेरी तरफ हैं या नहीं, मेरी यह दुआ होती है कि मैं भगवान की तरफ रहूँ।
जो लोग दूसरों को आज़ादी नहीं देते, वे खुद भी इसके हकदार नहीं होते हैं और ईश्वर के न्याय में भी नहीं टिक सकते।
यदि आपको पेड़ काटने के लिए छह घंटे मिलते हैं, तो आप पहले चार घंटे अपनी कुल्हाड़ी की धार तेज करने में लगाएं।
ज्ञान सबसे बेहतरीन हथियार है, इसलिए शिक्षा को समाज के हर व्यक्ति तक पहुँचाना हमारा पहला कर्तव्य होना चाहिए।
कठिनाइयाँ इंसान को मजबूत बनाती हैं, और संकट के समय ही असली साहस और हिम्मत की परीक्षा होती है।
सच्ची मित्रता वही है जो कठिन समय में आपका साथ न छोड़े और आपको सही राह पर चलने की प्रेरणा दे।
हमें हमेशा सच का साथ देना चाहिए, भले ही पूरी दुनिया आपके खिलाफ क्यों न खड़ी हो जाए।