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काजी नजरुल इस्लाम
विद्रोही कवि
काजी नजरुल इस्लाम
1899–1976
काजी नजरुल इस्लाम (1899–1976) बंगाल के महान कवि, संगीतकार और क्रांतिकारी थे। उन्हें उनकी विद्रोही रचनाओं के कारण 'विद्रोही कवि' के रूप में जाना जाता है। उनकी रचनाओं ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में युवाओं में अभूतपूर्व जोश भरा।
काजी नजरुल इस्लाम का जन्म 24 मई 1899 को पश्चिम बंगाल के वर्धमान जिले के चुरुलिया गाँव में हुआ था। उन्होंने अपनी ओजस्वी कविताओं और गीतों के माध्यम से ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के खिलाफ जोरदार आवाज उठाई। उनकी प्रसिद्ध कविता 'विद्रोही' (Bidrohi) ने उन्हें रातों-रात भारतीय साहित्य में अमर कर दिया। वे सांप्रदायिक सद्भाव, समानता और मानवीय स्वतंत्रता के प्रबल समर्थक थे। उनकी साहित्यिक रचनाओं में संगीत और विद्रोह का अनूठा संगम देखने को मिलता है। बांग्लादेश सरकार ने उन्हें अपने राष्ट्रीय कवि के रूप में सम्मानित किया है।
काजी नजरुल इस्लाम के अनमोल विचार
महाविद्रोही रण-श्रांत
मैं वह दिन हूँ जिस दिन शांत!