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केदारनाथ अग्रवाल
कवि
केदारनाथ अग्रवाल
1911–2000
केदारनाथ अग्रवाल हिंदी साहित्य की प्रगतिशील कविता के प्रमुख शलाका पुरुष थे। उन्होंने अपनी रचनाओं में ग्रामीण जीवन, प्रकृति और जनसंघर्ष को सजीव अभिव्यक्ति दी। वे एक ऐसे कवि थे जिनकी कलम किसानों और मजदूरों के अधिकारों के प्रति पूरी तरह समर्पित रही।
केदारनाथ अग्रवाल का जन्म 1 अप्रैल 1911 को उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के कमासिन गाँव में हुआ था। पेशे से वकील रहे केदारजी ने अपनी कविताओं में जनसाधारण के सुख-दुःख को केंद्र में रखा। वे प्रगतिशील लेखक संघ और 'तार सप्तक' के दौर के रचनाकारों के वैचारिक साथी थे। 'युग की गंगा', 'फूल और शूल' और 'लोक और आलोक' उनके प्रमुख काव्य संग्रह हैं। उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार और सोवियत लैंड नेहरू पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 22 जून 2000 को उनका देहावसान हो गया, किंतु उनकी कविताएँ आज भी प्रासंगिक हैं।
केदारनाथ अग्रवाल के अनमोल विचार
केदारनाथ अग्रवाल प्रगतिशील कविता के एक ऐसे स्तंभ हैं जिन्होंने जनजीवन की धड़कनों को अपनी कविताओं में उतारा।