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फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
उर्दू शायर
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
1911–1984
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ बीसवीं सदी के सबसे महान उर्दू शायरों में से एक थे। उनकी शायरी में इश्क़ और इंकलाब का अनूठा संगम देखने को मिलता है। वे प्रगतिशील लेखक संघ से गहराई से जुड़े रहे और उन्हें लेनिन शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ का जन्म 13 फरवरी 1911 को सियालकोट (अब पाकिस्तान) में हुआ था। उन्होंने अंग्रेजी साहित्य और अरबी में एम.ए. किया और कुछ समय तक अध्यापन और पत्रकारिता से जुड़े रहे। वे भारतीय उपमहाद्वीप के प्रगतिशील लेखक आंदोलन के प्रमुख स्तंभों में गिने जाते हैं। उनकी प्रसिद्ध रचनाओं में 'नक्श-ए-फरियादी', 'दस्ते-सबा' और 'जिंदानामा' शामिल हैं। उनकी कविता में रोमानी और राजनीतिक सुरों का ऐसा मेल है जो दुनिया भर के आंदोलनों की आवाज़ बन गया। 20 नवंबर 1984 को लाहौर में उनका निधन हुआ, लेकिन उनकी शायरी आज भी अमर है।
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ के अनमोल विचार
और भी दुख हैं ज़माने में मोहब्बत के सिवा
राहतें और भी हैं وصل की راحت के सिवा