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शिवमंगल सिंह सुमन
कवि
शिवमंगल सिंह सुमन
1915–2002
शिवमंगल सिंह सुमन आधुनिक हिंदी कविता के जाने-माने प्रगतिशील और जनवादी कवि थे। वे अपनी ओजस्वी वाणी, राष्ट्रीय चेतना और मानवीय संवेदनाओं से भरी कविताओं के लिए याद किए जाते हैं।
शिवमंगल सिंह सुमन का जन्म 5 अगस्त 1915 को उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में हुआ था। उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त की और अध्यापन के साथ कई साहित्यिक संस्थाओं का नेतृत्व किया। वे 'प्रगतिशील लेखक संघ' से जुड़े रहे और 'विक्र विश्वविद्यालय, उज्जैन' के कुलपति भी रहे। उनकी कविताओं में शोषितों के प्रति सहानुभूति, विद्रोह के स्वर और जीवन के प्रति अटूट आस्था दिखाई देती है। उन्हें 1974 में उनकी रचना 'मिट्टी की बारात' के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। भारत सरकार ने उन्हें 1974 में पद्म श्री और 1999 में पद्म भूषण से अलंकृत किया।