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यशपाल
कथाकार
यशपाल
1903–1976
यशपाल हिंदी के महान कथाकार, निबंधकार और उपन्यासकार थे। उनका जन्म 3 दिसंबर 1903 को पंजाब के फिरोजपुर छावनी में हुआ था। वे मार्क्सवादी विचारधारा से जुड़े थे और हिंदी कथा-साहित्य में प्रगतिशील चेतना के प्रमुख हस्ताक्षर माने जाते हैं।
यशपाल हिंदी के प्रगतिशील कथा-साहित्य के सबसे मजबूत स्तंभों में गिने जाते हैं। क्रांतिकारी पृष्ठभूमि से आने के बाद वे मार्क्सवादी दर्शन से प्रभावित हुए और अपनी कहानियों व उपन्यासों में सामाजिक यथार्थ को प्रमुखता दी। 'झूठा सच' उनका सबसे प्रतिष्ठित उपन्यास माना जाता है जो भारत-विभाजन की त्रासदी पर आधारित है। उनकी रचनाओं में सांप्रदायिकता, सामाजिक रूढ़ियों, नारी मुक्ति और वर्ग-संघर्ष का यथार्थ चित्रण मिलता है। उन्हें 'पद्म भूषण' और 'साहित्य अकादमी पुरस्कार' से सम्मानित किया गया था। 26 दिसंबर 1976 को उनका निधन हुआ।
यशपाल के अनमोल विचार
साहित्यकार का मुख्य दायित्व समाज के यथार्थ को उजागर करना और प्रगति का मार्ग दिखाना है।