हिंदी में सुविचार, शायरी, शिक्षा, पैसा और बिज़नेस की जानकारी
बिरसा मुंडा
आदिवासी नायक
बिरसा मुंडा
1875–1900
भगवान बिरसा मुंडा (1875–1900) भारतीय स्वतंत्रता सेनानी और महान आदिवासी नायक थे। उन्होंने ब्रिटिश शासन और महाजनों के खिलाफ 'उल्गुलान' (विद्रोह) का नेतृत्व किया। बहुत कम उम्र में ही उन्होंने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया।
बिरसा मुंडा का जन्म 15 नवंबर 1875 को झारखंड के उलिहातु गाँव में एक गरीब मुंडा परिवार में हुआ था। उन्होंने ईसाई मिशनरियों के प्रभाव और ब्रिटिश नीतियों के कारण हो रहे आदिवासियों के शोषण को करीब से देखा। उन्होंने 'बिरसाइत' पंथ की स्थापना की और समाज में फैली कुप्रथाओं, अंधविश्वास और नशे के खिलाफ लोगों को जागरूक किया। अंग्रेजों द्वारा आदिवासियों की पारंपरिक भूमि व्यवस्था को छीनने के विरोध में उन्होंने 1895 में उलगुलान (महान क्रांति) का शंखनाद किया। फरवरी 1900 में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और 9 जून 1900 को रांची की जेल में रहस्यमय परिस्थितियों में उनका निधन हो गया। आज भी उन्हें 'धरती आबा' के रूप में श्रद्धा के साथ याद किया जाता है।
बिरसा मुंडा के अनमोल विचार
अबुआ राजए टरंडो, महारानी राज टुडू (हमारा राज आ गया है, महारानी का राज खत्म हो गया है)।