
आज के समय में आधार (Aadhaar), पैन (PAN) और बैंक खाते (Bank Account) को आपस में लिंक रखना और इनकी KYC (Know Your Customer) अपडेटेड रखना सिर्फ एक कागजी औपचारिकता नहीं, बल्कि आपके वित्तीय लेनदेन की जीवनरेखा है। यदि आपका पैन कार्ड आधार से लिंक नहीं है या बैंक खाते की KYC पुरानी हो चुकी है, तो आपका बैंक खाता फ्रीज हो सकता है, सरकारी योजनाओं (जैसे PM-KISAN, छात्रवृत्ति, या पेंशन) का पैसा रुक सकता है और इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने में भारी दिक्कत आ सकती है।
- पैन को आधार से लिंक न करने पर पैन कार्ड इनऑपरेटिव (Inoperative) हो सकता है।
- बैंक खाते की re-KYC हर 2 से 10 साल में (ग्राहक के रिस्क प्रोफाइल के आधार पर) कराना अनिवार्य है।
- UIDAI के ‘myAadhaar’ पोर्टल से पता और दस्तावेज ऑनलाइन आसानी से अपडेट किए जा सकते हैं।
- सरकारी सब्सिडी (DBT) पाने के लिए बैंक खाते में आधार लिंक होने के साथ-साथ NPCI मैप होना भी जरूरी है।
- सरकारी नियमों, पेनल्टी की राशि और डेडलाइन की सटीक पुष्टि के लिए संबंधित आधिकारिक पोर्टलों की जांच करें।
आधार, पैन और बैंक खाता लिंक करना क्यों जरूरी है?
भारत सरकार और भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने वित्तीय धोखाधड़ी रोकने, काले धन पर लगाम लगाने और सरकारी योजनाओं की सब्सिडी सीधे सही लाभार्थी तक पहुँचाने के लिए आधार और पैन की लिंकिंग को अनिवार्य बना दिया है। जब आप अपने बैंक खाते को आधार और पैन से जोड़ते हैं, तो बैंक आपकी पहचान की पुष्टि कर पाता है। इसे ही KYC प्रक्रिया कहा जाता है।
यदि आपका पैन कार्ड इनऑपरेटिव (निष्क्रिय) हो जाता है, तो बैंक आपके खातों पर उच्च दर से TDS (Tax Deducted at Source) काटने लगता है। इसके अलावा, आप ₹50,000 से अधिक का नकद लेनदेन नहीं कर सकते और नया फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) या म्यूचुअल फंड में निवेश करने से रोक दिए जाते हैं। जब आप होम लोन या पर्सनल लोन के लिए आवेदन करते हैं, तब भी बैंक सबसे पहले आपकी अद्यतन (updated) KYC और पैन-आधार लिंकिंग की स्थिति जांचते हैं।
यदि आप अपने किसी वित्तीय लक्ष्य या संपत्ति निर्माण के लिए योजना बना रहे हैं, जैसे कि जमीन-जायदाद खरीदना या मकान बनवाना, तो बैंक से लोन लेते समय आपकी साफ-सुथरी KYC फाइल ही सबसे काम आती है। जैसे घर के निर्माण में सही प्लानिंग जरूरी है और लोग रांची में घर बनाने का खर्च समझकर बजट बनाते हैं, ठीक वैसे ही अपने बैंक खातों और पहचान पत्रों का सही रिकॉर्ड रखना आपकी वित्तीय नींव को मजबूत बनाता है।
इसके अलावा, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में मिलने वाली विभिन्न राज्यस्तरीय योजनाओं की राशि भी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए सीधे उन्हीं खातों में भेजी जाती है जो आधार से सीडेड (Seeded) होते हैं। इसलिए, तीनों दस्तावेजों का आपस में सही तरीके से लिंक होना बेहद आवश्यक है।
आधार कार्ड ऑनलाइन अपडेट करने का स्टेप-बाय-स्टेप तरीका
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) नागरिकों को अपना पता, दस्तावेज और अन्य जनसांख्यिकीय (demographic) जानकारी ऑनलाइन अपडेट करने की सुविधा देता है। यदि आपने पिछले 10 वर्षों में अपना आधार अपडेट नहीं कराया है, तो UIDAI अपने आधार को नवीनतम पहचान और पते के प्रमाण पत्र के साथ अपडेट करने की सलाह देता है।
ऑनलाइन आधार अपडेट करने की पूरी प्रक्रिया नीचे दिए गए चरणों में समझे:
- स्टेप 1: सबसे पहले UIDAI के आधिकारिक पोर्टल (myAadhaar) पर जाएं और ‘Login’ बटन पर क्लिक करें।
- स्टेप 2: अपना 12 अंकों का आधार नंबर दर्ज करें, कैप्चा (Captcha) भरें और ‘Send OTP’ पर क्लिक करें। आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आया OTP दर्ज करके लॉगिन करें।
- स्टेप 3: पोर्टल पर ‘Document Update’ या ‘Address Update’ के विकल्प का चयन करें।
- स्टेप 4: अपनी वर्तमान जानकारी की जांच करें। यदि विवरण सही है, तो ‘I verify that the above details are correct’ पर टिक करें और आगे बढ़ें।
- स्टेप 5: ड्रॉपडाउन मेनू से वैध पहचान पत्र (PoI) और पते का प्रमाण (PoA) चुनें। उदाहरण के लिए—वोटर आईडी, पासपोर्ट, राशन कार्ड या बिजली का बिल। चुने गए दस्तावेजों की साफ स्कैन की गई कॉपी (JPEG या PDF फॉर्मेट में) अपलोड करें।
- स्टेप 6: आवश्यक शुल्क (यदि लागू हो, आमतौर पर ₹25 से ₹50 के बीच, जो बदलता रहता है) का भुगतान ऑनलाइन यूपीआई, नेट बैंकिंग या कार्ड के माध्यम से करें और रसीद (Acknowledgement Slip) डाउनलोड करें। इसमें दिए गए Service Request Number (SRN) से आप अपडेट का स्टेटस ट्रैक कर सकते हैं।
ध्यान रखें कि यदि आपको अपना मोबाइल नंबर, बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट/आईरिस) या फोटो बदलना है, तो इसके लिए आपको नजदीकी आधार सेवा केंद्र (Aadhaar Seva Kendra) ही जाना होगा, क्योंकि सुरक्षा कारणों से बायोमेट्रिक अपडेट ऑनलाइन नहीं किए जा सकते। सरकारी नियमों और फीस में समय-समय पर बदलाव होते रहते हैं, इसलिए हमेशा UIDAI की आधिकारिक साइट पर जाकर दरों की पुष्टि करें।
पैन कार्ड को आधार से कैसे लिंक करें?
आयकर अधिनियम की धारा 139AA के तहत प्रत्येक पैन कार्ड धारक के लिए अपने पैन को आधार से लिंक करना अनिवार्य है। यदि आपने अभी तक लिंकिंग नहीं की है, तो आपका पैन कार्ड निष्क्रिय माना जाएगा और आप टैक्स फाइलिंग नहीं कर पाएंगे।
पैन-आधार लिंक करने का आसान तरीका:
- इनकम टैक्स विभाग की ई-फाइलिंग वेबसाइट (incometax.gov.in) पर जाएं।
- होमपेज पर बाईं ओर दिए गए ‘Quick Links’ सेक्शन में ‘Link Aadhaar’ विकल्प पर क्लिक करें।
- अपना पैन नंबर और आधार नंबर दर्ज करें और ‘Validate’ पर क्लिक करें।
- यदि आपका पैन और आधार पहले से लिंक नहीं हैं, तो स्क्रीन पर चालान भुगतान का मैसेज दिखाई देगा। निर्धारित लेट फीस (जो समय-समय पर आयकर नियमों के अनुसार ₹500 से ₹1,000 या अधिक हो सकती है) का भुगतान e-Pay Tax सुविधा के जरिए करें।
- पेमेंट पूरा होने के बाद, NSDL/Protean से भुगतान की पुष्टि होने में 4 से 5 दिन का समय लग सकता है। भुगतान की पुष्टि के बाद पुनः ‘Link Aadhaar’ पेज पर जाकर अपना विवरण दर्ज करें और OTP द्वारा सत्यापित करें।
| सेवा/प्रक्रिया | संबंधित आधिकारिक पोर्टल | जरूरी दस्तावेज/जानकारी | अनुमानित समय/फीस |
|---|---|---|---|
बैंक खाते में Aadhaar, PAN और e-KYC अपडेट करने का तरीका
भारतीय रिजर्व बैंक के दिशानिर्देशों के अनुसार, बैंकों को समय-समय पर अपने ग्राहकों की KYC अपडेट करनी होती है, जिसे Re-KYC कहा जाता है। आमतौर पर लो-रिस्क (Low Risk) ग्राहकों के लिए 10 साल, मीडियम-रिस्क के लिए 8 साल और हाई-रिस्क ग्राहकों के लिए 2 साल में Re-KYC कराना अनिवार्य होता है।
यदि आपका बैंक खाता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB), बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB), HDFC बैंक, ICICI बैंक या एक्सिस बैंक में है, तो आप नीचे दिए गए तरीकों से अपनी KYC ऑनलाइन अपडेट कर सकते हैं:
1. नेट बैंकिंग और मोबाइल ऐप द्वारा
अधिकतर बड़े बैंक अपने ग्राहकों को मोबाइल ऐप (जैसे SBI YONO, iMobile, HDFC MobileBanking) पर Re-KYC का ऑप्शन देते हैं। ऐप में लॉगिन करके ‘Profile Services’ या ‘Re-KYC’ विकल्प में जाएं। यदि आपके पते या विवरण में कोई बदलाव नहीं है, तो आप नो-चेंज डिक्लेरेशन (No-Change Declaration) पर टिक करके एक क्लिक में KYC पूरी कर सकते हैं। यदि विवरण बदलना है, तो नए आधार की कॉपी अपलोड करें।
2. वीडियो KYC (Video KYC – V-KYC)
यदि आपको नया खाता खोलना है या पुरानी KYC का पूरा नवीनीकरण करना है, तो कई बैंक वीडियो KYC की सुविधा देते हैं। इसमें बैंक का अधिकारी वीडियो कॉल पर आपसे जुड़ता है। कॉल के दौरान आपको अपना ओरिजनल पैन कार्ड दिखाना होता है, आधार OTP शेयर करना होता है और सादे कागज पर लाइव हस्ताक्षर (Signature) करने होते हैं। यह प्रक्रिया 5 मिनट में पूरी हो जाती है।
3. ईमेल या एटीएम (ATM) के माध्यम से
यदि आपके बैंक खाते के विवरण में कोई बदलाव नहीं है, तो कुछ बैंक ग्राहकों को अपने रजिस्टर्ड ईमेल आईडी से री-केवाईसी फॉर्म भरकर भेजने की अनुमति देते हैं। इसके अलावा, कुछ राष्ट्रीयकृत बैंक (जैसे PNB या SBI) अपने एटीएम स्क्रीन पर भी री-केवाईसी कन्फर्म करने की सुविधा प्रदान करते हैं।
| बैंक का नाम | ऑनलाइन KYC का माध्यम | आवश्यक प्रक्रिया | शाखा जाने की आवश्यकता |
|---|---|---|---|
Aadhaar, PAN और Bank Details का मिलान न होने पर क्या करें?
बहुत से लोगों की समस्या यह होती है कि उनके आधार कार्ड में नाम की स्पेलिंग अलग है, जबकि पैन कार्ड या बैंक खाते में नाम अलग है। उदाहरण के लिए, आधार में “राम कुमार” लिखा है और पैन में “राम कुमार शर्मा” या जन्मतिथि में दिन या महीने का अंतर है। ऐसे मामलों में ऑनलाइन लिंकिंग रिजेक्ट हो जाती है।
इस समस्या के समाधान के लिए नीचे दिए गए स्टेप्स का पालन करें:
पहला कदम – आधार को बेस डॉक्यूमेंट मानें: सबसे पहले यह तय करें कि आपका कौन सा दस्तावेज सही है। आमतौर पर आधार कार्ड में सुधार कराना सबसे आसान होता है। यदि आपके 10वीं के सर्टिफिकेट, वोटर आईडी या पासपोर्ट में विवरण सही हैं, तो उनके आधार पर आधार सेंटर जाकर अपने आधार का नाम या जन्मतिथि सही कराएं।
दूसरा कदम – पैन कार्ड में सुधार: यदि आपका आधार सही है और पैन कार्ड में नाम गलत है, तो Protean (पुराना NSDL) या UTIITSL के पोर्टल पर जाकर ‘PAN Correction’ का फॉर्म भरें। इसमें “e-KYC paperless” का विकल्प चुनें। इससे आपके आधार का सही डेटा सीधे पैन कार्ड में कॉपी हो जाएगा और 7 से 15 दिनों में नया पैन कार्ड जारी हो जाएगा।
तीसरा कदम – बैंक रिकॉर्ड्स अपडेट करें: जब आधार और पैन दोनों में जानकारी एक समान हो जाए, तब अपने बैंक की निकटतम शाखा में जाकर ‘Customer Master Update’ फॉर्म जमा करें। इसके साथ नए पैन और आधार की कॉपी लगाएं। जब तीनों जगह आपका नाम, पिता का नाम और जन्मतिथि 100% मैच करेगी, तभी लिंकिंग प्रक्रिया सफल होगी।
जैसे वित्तीय मामलों में छोटी सी गलती बाद में बड़ा नुकसान करा सकती है, ठीक वैसे ही प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों में भी नियमों की जानकारी न होना परेशानी का सबब बनता है। निर्माण कार्य शुरू करने से पहले पक्के दस्तावेज रखना उतना ही जरूरी है जितना वित्तीय कागजात दुरुस्त रखना; यदि आप घर बनाने की योजना में हैं तो घर बनाते समय की जाने वाली 15 गलतियाँ जानकर सतर्क रहना समझदारी होगी।
अलग-अलग राज्यों और सरकारी योजनाओं में KYC व आधार सीडिंग का महत्व
कई लोग ‘आधार लिंकिंग’ और ‘आधार सीडिंग’ को एक ही समझ लेते हैं, जबकि दोनों में बड़ा अंतर है। आधार लिंकिंग का मतलब है बैंक को यह बताना कि यह खाता आपका है। लेकिन आधार सीडिंग (Aadhaar Seeding) का मतलब है आपके बैंक खाते को NPCI (National Payments Corporation of India) के मैपर से जोड़ना।
जब केंद्र या राज्य सरकार किसी कल्याणकारी योजना का पैसा भेजती है, तो वह बैंक अकाउंट नंबर पर नहीं, बल्कि व्यक्ति के आधार नंबर पर पैसे भेजती है। इसे Direct Benefit Transfer (DBT) कहते हैं। पैसा उसी बैंक खाते में जाता है जो NPCI से सीडेड (Seeded) होता है।
विभिन्न राज्यों में इसका सीधा असर देखा जा सकता है:
- उत्तर प्रदेश (UP): PM-KISAN की सम्मान निधि, वृद्धावस्था पेंशन और छात्रवृत्ति का पैसा केवल उन्हीं किसानों और छात्रों के खातों में पहुंच रहा है जिनका बैंक खाता आधार सीडेड है।
- बिहार: मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना और पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप के लिए DBT अनिवार्य है। बिना आधार सीडिंग के आवेदन रद्द हो जाते हैं।
- मध्य प्रदेश (MP): लाड़ली बहना योजना की मासिक राशि प्राप्त करने के लिए महिलाओं के बैंक खाते का DBT इनेबल्ड (enabled) और e-KYC होना अनिवार्य शर्त रखी गई है।
- राजस्थान और झारखंड: सामाजिक सुरक्षा पेंशन और खाद्य सुरक्षा योजना (राशन) का लाभ उठाने के लिए राशन कार्ड के साथ-साथ बैंक खाते की KYC अपडेट होना आवश्यक है।
- महाराष्ट्र: नमो शेतकरी महासन्मान निधि योजना और संजय गांधी निराधार योजना में DBT के जरिए भुगतान के लिए NPCI मैपिंग अनिवार्य है।
यदि आप जानना चाहते हैं कि आपका कौन सा बैंक खाता NPCI से जुड़ा है, तो आप UIDAI के myAadhaar पोर्टल पर ‘Bank Seeding Status’ सेक्शन में जाकर अपना स्टेटस चेक कर सकते हैं। यदि आपके अलग-अलग बैंकों में खाते हैं या आप अपने वित्तीय निवेश और ईएमआई का हिसाब-किताब लगाना चाहते हैं, तो आप हमारे मुफ्त वित्तीय टूल्स (EMI, SIP, टैक्स कैलकुलेटर) का उपयोग करके अपना बजट बना सकते हैं।
KYC और दस्तावेज अपडेट करते समय लोग करते हैं ये 6 गलतियां
ऑनलाइन प्रक्रिया आसान होने के बावजूद बहुत से लोग कुछ बुनियादी गलतियां कर बैठते हैं, जिससे उनका आवेदन बार-बार खारिज हो जाता है। इन गलतियों से बचना जरूरी है:
- मोबाइल नंबर अपडेट न रखना: आधार में पुराना या बंद हो चुका मोबाइल नंबर दर्ज होना सबसे बड़ी बाधा है। बिना OTP के आप कोई भी ऑनलाइन KYC या लिंकिंग नहीं कर सकते। सबसे पहले आधार में एक्टिव मोबाइल नंबर दर्ज कराएं।
- नाम में मामूली स्पेलिंग मिस्टेक को नजरअंदाज करना: यदि आधार में “Choudhary” है और पैन में “Chowdhury” है, तो सिस्टम लिंकिंग स्वीकार नहीं करेगा। ऑटोमेटेड कंप्यूटर सिस्टम 100% सटीक मिलान मांगता है।
- गलत दस्तावेज अपलोड करना: ऑनलाइन आधार पता बदलते समय ऐसा दस्तावेज अपलोड कर देना जिसमें आपका नाम सही न हो या जो 3 महीने से पुराना बिजली बिल हो। UIDAI ऐसे फॉर्म रिजेक्ट कर देता है।
- Aadhaar Seeding न कराना: केवल बैंक खाते से आधार लिंक करा लेना और यह सोचना कि सरकारी योजना का पैसा आ जाएगा। बैंक जाकर अलग से “DBT/NPCI Seeding Form” भरना जरूरी होता है।
- फर्जी या अनधिकृत वेबसाइटों पर डेटा शेयर करना: Google Search में दिखने वाले किसी भी अनजान लिंक या ऐप पर अपना आधार, पैन या OTP दर्ज कर देना। KYC हमेशा सिर्फ सरकारी (.gov.in) या बैंक की आधिकारिक वेबसाइट/ऐप से ही करें।
- निष्क्रिय पैन से लेनदेन की कोशिश करना: पैन कार्ड के इनऑपरेटिव होने के बाद भी बैंक में 50 हजार से ऊपर का लेन-देन करना, जिससे भारी जुर्माना या इनकम टैक्स का नोटिस आ सकता है।
ऑनलाइन सुरक्षा और साइबर फ्रॉड (Cyber Fraud) से बचाव के नियम
आजकल KYC अपडेट करने के नाम पर साइबर अपराधी लोगों को ठगने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। आमतौर पर लोगों को एसएमएस (SMS) या व्हाट्सएप पर मैसेज भेजा जाता है कि “आपका बैंक खाता/सिम कार्ड आज रात बंद हो जाएगा, तुरंत नीचे दिए लिंक पर क्लिक कर KYC अपडेट करें।”
सुरक्षित रहने के लिए इन सावधानियों का पालन करें:
1. कोई भी बैंक SMS में लिंक नहीं भेजता: कोई भी असली बैंक या सरकारी संस्था कभी भी एसएमएस में लिंक भेजकर आपसे आपका पासवर्ड, PIN या OTP दर्ज करने को नहीं कहती। ऐसे मैसेज पूरी तरह से फर्जी होते हैं।
2. OTP किसी से शेयर न करें: आधार सत्यापन या बैंक री-केवाईसी का OTP केवल आपके लिए है। कॉल पर बात कर रहे किसी भी व्यक्ति (भले ही वह खुद को बैंक मैनेजर बताए) को कभी भी OTP न दें।
3. Masked Aadhaar का इस्तेमाल करें: यदि आपको किसी गैर-वित्तीय जगह (जैसे होटल चेक-इन या प्राइवेट ऑफिस) में पहचान के लिए आधार की कॉपी देनी पड़े, तो UIDAI की वेबसाइट से ‘Masked Aadhaar’ डाउनलोड करके दें, जिसमें आधार के शुरुआती 8 अंक छिपे होते हैं।
4. साइबर हेल्पलाइन 1930: यदि गलती से आपके साथ कोई वित्तीय धोखाधड़ी हो जाती है, तो तुरंत भारत सरकार के राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर **1930** पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। जितनी जल्दी आप रिपोर्ट करेंगे, पैसे वापस मिलने की संभावना उतनी ही अधिक होगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या पैन को आधार से लिंक करने की कोई समय सीमा या फीस है?
सरकार ने पैन-आधार लिंकिंग की मुफ्त समय सीमा समाप्त कर दी है। वर्तमान में विलंब शुल्क (Late Fee) के साथ लिंकिंग की सुविधा इनकम टैक्स के ई-फाइलिंग पोर्टल पर उपलब्ध है। शुल्क और नियमों में बदलाव के लिए हमेशा incometax.gov.in पर लेटेस्ट नोटिफिकेशन देखें।
मेरा पैन कार्ड ‘Inoperative’ हो गया है, इसे दोबारा एक्टिव कैसे करें?
निष्क्रिय पैन को पुन: सक्रिय (Operative) करने के लिए आपको इनकम टैक्स पोर्टल पर जाकर निर्धारित लेट फीस का भुगतान करना होगा और आधार लिंकिंग की रिक्वेस्ट डालनी होगी। शुल्क का भुगतान सत्यापित होने के 30 दिनों के भीतर पैन कार्ड पुनः सक्रिय कर दिया जाता है।
क्या मैं बिना बैंक शाखा जाए घर बैठे e-KYC कर सकता हूँ?
हाँ, यदि आपका मोबाइल नंबर आपके बैंक खाते और आधार दोनों से जुड़ा हुआ है, तो आप संबंधित बैंक के मोबाइल ऐप, नेट बैंकिंग या वीडियो KYC (V-KYC) के माध्यम से बिना शाखा जाए घर बैठे ऑनलाइन KYC अपडेट कर सकते हैं।
Aadhaar Linking और Aadhaar Seeding में क्या अंतर है?
आधार लिंकिंग का अर्थ है बैंक खाते में पहचान के रूप में आधार जोड़ना। वहीं, आधार सीडिंग का अर्थ है अपने खाते को NPCI मैपर से जोड़ना ताकि केंद्र व राज्य सरकार की DBT योजनाओं (जैसे सब्सिडी, पेंशन) का पैसा सीधे आपके खाते में आ सके।
यदि मेरे आधार और पैन में नाम अलग-अलग हैं, तो लिंकिंग कैसे होगी?
यदि नाम में स्पेलिंग का अंतर है, तो पहले आपको किसी एक दस्तावेज (आमतौर पर पैन कार्ड में आधार के अनुसार correction कराकर) में सुधार करवाना होगा। जब दोनों दस्तावेजों में नाम, लिंग और जन्मतिथि समान हो जाएंगे, तभी लिंकिंग सफल होगी।
आधार कार्ड में पता ऑनलाइन बदलने के लिए कौन-कौन से दस्तावेज मान्य हैं?
पता बदलने के लिए आप बिजली/पानी का बिल (3 महीने से पुराना न हो), पासपोर्ट, बैंक पासबुक (फोटो और मुहर के साथ), राशन कार्ड, वोटर आईडी या संपत्ति कर की रसीद अपलोड कर सकते हैं। दस्तावेज स्पष्ट और आपके नाम पर होने चाहिए।
बच्चों के बैंक खाते या बाल आधार की KYC कैसे अपडेट होती है?
5 वर्ष और 15 वर्ष की आयु पूरी होने पर बच्चों का बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट और आईरिस) आधार केंद्र जाकर अनिवार्य रूप से अपडेट कराना होता है। इसके बाद माता-पिता या अभिभावक के दस्तावेजों के साथ बैंक शाखा में जाकर बाल खाते की KYC अपडेट की जा सकती है।
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