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12 Oct 2026 · awaraalfaz · 1 मिनट का पाठ
जमीन का नक्शा और खतियान ऑनलाइन कैसे निकालें: JharBhoomi गाइड
चित्र: CC BY 4.0 — Vyacheslav Argenberg · Wikimedia Commons
एक नज़र में

  • JharBhoomi पोर्टल से आप घर बैठे जमीन का खतियान, भू-नक्शा और रजिस्टर-2 विवरण देख सकते हैं।
  • डिजिटल लैंड रिकॉर्ड देखने के लिए आपको जिला, अंचल, हल्का, मौजा और खाता/खेसरा नंबर की जानकारी होनी चाहिए।
  • ऑनलाइन प्राप्त दस्तावेज़ केवल सूचना के उद्देश्य से होते हैं; कानूनी कार्यों के लिए डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित कॉपी की आवश्यकता होती है।
  • केंद्र सरकार के DILRMP और स्वामित्व योजना के तहत पूरे भारत में ज़मीनों का डिजिटल सर्वे किया जा रहा है।
  • ज़मीन खरीदने या बैंक से होम लोन लेने से पहले भू-नक्शा और खतियान का मिलान करना बेहद ज़रूरी है।

ज़रमीन का खतियान और भू-नक्शा (Land Map) हासिल करने के लिए अब आपको सरकारी दफ्तरों या अंचल कार्यालयों (Circle Office) के चक्कर काटने की कोई आवश्यकता नहीं है। झारखंड सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने JharBhoomi (झारभूमि) पोर्टल के माध्यम से ज़मीन से जुड़ी सभी जानकारियों को पूरी तरह डिजिटल कर दिया है। इसी तरह भारत के अन्य राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश में यूपी भूलेख, बिहार में बिहारभूमि, मध्य प्रदेश में एमपी भूलेख और राजस्थान में अपना खाता पोर्टल के ज़रिए लोग घर बैठे अपनी ज़मीन का ब्योरा देख सकते हैं।

यदि आप कोई ज़मीन खरीदने की योजना बना रहे हैं, पैतृक संपत्ति का बंटवारा कर रहे हैं या बैंक लोन के लिए आवेदन कर रहे हैं, तो खतियान और नक्शे की सही जानकारी होना सबसे पहला और महत्वपूर्ण कदम है। इस गाइड में हम आपको JharBhoomi पोर्टल का उपयोग करके खतियान और ज़मीन का नक्शा ऑनलाइन निकालने की पूरी प्रक्रिया विस्तार से समझाएंगे, ताकि आपको किसी दलाल या बिचौलिए पर निर्भर न रहना पड़े।

डिजिटल लैंड रिकॉर्ड्स: भारत सरकार की पहल और DILRMP योजना

भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा संचालित डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड्स मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम (DILRMP) का मुख्य उद्देश्य देश के सभी राज्यों के भूमि अभिलेखों को कंप्यूटरीकृत करना और पारदर्शिता लाना है। इस योजना के तहत देश के करोड़ों भू-स्वामियों के रिकॉर्ड्स को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया जा चुका है।

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इसके साथ ही, केंद्र सरकार की ‘स्वामित्व योजना’ (SVAMITVA Scheme) के ज़रिए ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्रों में ड्रोन तकनीक से जमीनों का सर्वे किया जा रहा है और संपत्ति कार्ड (Property Cards) जारी किए जा रहे हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि विवादों में कमी आई है और लोगों के लिए बैंकों से क्रेडिट या लोन पाना आसान हो गया है।

झारखंड में JharBhoomi, उत्तर प्रदेश में Bhulekh UP, बिहार में Biharbhumi और मध्य प्रदेश में MP Bhulekh जैसे सभी राज्य स्तरीय पोर्टल DILRMP के मानकों के तहत ही काम करते हैं। इन पोर्टलों पर डेटा को समय-समय पर अपडेट किया जाता है ताकि नागरिकों को सही और प्रामाणिक जानकारी मिल सके।

जमीन का खतियान और भू-नक्शा क्या होता है और यह क्यों ज़रूरी है?

किसी भी संपत्ति या ज़मीन के स्वामित्व को साबित करने के लिए दो सबसे प्रमुख दस्तावेज होते हैं—पहला खतियान (Record of Rights – ROR) और दूसरा भू-नक्शा (Cadastral Map)। इन दोनों दस्तावेजों की अपनी-अपनी कानूनी अहमियत होती है जिसे समझना हर संपत्ति खरीदार के लिए आवश्यक है।

खतियान एक ऐसा सरकारी दस्तावेज है जिसमें ज़मीन के मालिक का नाम, पिता का नाम, जाति, ज़मीन का प्रकार (जैसे- धनहर, भीठ, व्यावसायिक या आवासीय), खाता नंबर, प्लॉट/खेसरा नंबर और ज़मीन का कुल क्षेत्रफल दर्ज होता है। यह ज़मीन के ऐतिहासिक और वर्तमान मालिकाना हक का सबसे बड़ा सबूत माना जाता है।

दूसरी ओर, भू-नक्शा ज़मीन का भौगोलिक ढांचा या नक्शा होता है। इसमें यह दर्शाया जाता है कि आपकी ज़मीन का आकार कैसा है, उसके चारों तरफ (उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम) किसकी ज़मीन या रास्ता है। केवल खतियान होने से यह पता नहीं चलता कि ज़मीन धरातल पर कहाँ स्थित है, इसलिए भू-नक्शा देखना बेहद आवश्यक होता है।

विभिन्न राज्यों के भू-लेख पोर्टल और JharBhoomi की तुलना

भारत के लगभग सभी राज्यों ने अपने भू-अभिलेखों को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से जनता के लिए उपलब्ध कराया है। यद्यपि सभी पोर्टलों का मूल उद्देश्य एक ही है, लेकिन उनकी कार्यप्रणाली और इंटरफेस में थोड़ा अंतर होता है। नीचे दी गई तालिका में भारत के प्रमुख राज्य पोर्टलों की तुलना की गई है:

  • झारखंड
  • JharBhoomi / Bhu-Naksha
  • खतियान, रजिस्टर-2, ऑनलाइन लगान, दाखिल-खारिज
  • jharbhoomi.jharkhand.gov.in
  • उत्तर प्रदेश
  • UP Bhulekh / UP Bhu-Naksha
  • खतौनी की नकल, अंश निर्धारण, भू-खंड यूनिकोड
  • upbhulekh.gov.in
  • बिहार
  • Bihar Bhumi / Bhu-Naksha Bihar
  • अपना खाता देखें, दाखिल-खारिज आवेदन, LPC
  • biharbhumi.bihar.gov.in
  • मध्य प्रदेश
  • MP Bhulekh
  • खसरा/खतौनी, भू-नक्शा, गिरधावरी रिपोर्ट
  • mpbhulekh.gov.in
  • राजस्थान
  • Apna Khata (E-Dharti)
  • जमाबंदी की नकल, नामांतरण के लिए आवेदन
  • apnakhata.rajasthan.gov.in
  • राज्य पोर्टल का नाम प्रमुख सेवाएं सरकारी वेबसाइट यूआरएल

    ध्यान रखें कि इन सरकारी पोर्टलों पर सेवाएं निःशुल्क या बहुत ही मामूली सरकारी शुल्क (लगभग ₹10 से ₹50) पर उपलब्ध होती हैं। किसी भी पोर्टल का उपयोग करते समय हमेशा आधिकारिक `.gov.in` या `.nic.in` डोमेन वाली वेबसाइट ही खोलें।

    JharBhoomi पोर्टल से खतियान निकालने का स्टेप-बाय-स्टेप तरीका

    अगर आपकी ज़मीन झारखंड राज्य में स्थित है और आप अपने मोबाइल या कंप्यूटर से खतियान देखना या डाउनलोड करना चाहते हैं, तो निम्नलिखित स्टेप्स का पालन करें:

    स्टेप 1: आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं
    सबसे पहले अपने वेब ब्राउज़र में JharBhoomi की आधिकारिक वेबसाइट (jharbhoomi.jharkhand.gov.in) खोलें। होमपेज पर आपको कई विकल्प दिखाई देंगे।

    स्टेप 2: ‘अपना खाता देखें’ विकल्प चुनें
    मुख्य पृष्ठ पर बाएं या मध्य में आपको ‘अपना खाता देखें’ (View Your Account) का विकल्प मिलेगा। इस पर क्लिक करें। क्लिक करते ही झारखंड का एक डिजिटल नक्शा आपके सामने खुल जाएगा।

    स्टेप 3: जिला और अंचल (Circle) का चयन करें
    नक्शे पर अपने संबंधित जिले (जैसे—रांची, धनबाद, जमशेदपुर, हजारीबाग आदि) के नाम पर क्लिक करें। जिला चुनने के बाद उस जिले के सभी अंचल (तहसील) की सूची आएगी, उसमें से अपने अंचल को चुनें।

    स्टेप 4: हल्का और मौजा चुनें
    अंचल चुनने के बाद एक नया पेज खुलेगा। यहाँ आपको अपना ‘हल्का’ (Halka) नंबर चुनना होगा। इसके बाद अपने गाँव या क्षेत्र का ‘मौजा’ (Mouza) चुनें। आप मौजा के नाम के पहले अक्षर पर क्लिक करके भी इसे जल्दी खोज सकते हैं।

    स्टेप 5: खतियान या रजिस्टर-2 खोजें
    मौजा चुनने के बाद आपको खतियान खोजने के कई विकल्प मिलेंगे:
    – मौजा के समस्त खातों को नामानुसार देखें
    – खाता संख्या से देखें
    – खेसरा (प्लॉट) संख्या से देखें
    – खाताधारी के नाम से देखें

    अपनी सुविधानुसार विकल्प चुनें (जैसे खाता संख्या दर्ज करें) और ऊपर ‘खतियान’ या ‘रजिस्टर 2’ के रेडियो बटन पर टिक करें। फिर ‘खाता खोजें’ बटन पर क्लिक करें। आपकी स्क्रीन पर खतियान का पूरा विवरण आ जाएगा, जिसे आप पीडीएफ (PDF) फॉर्मेट में सेव या प्रिंट कर सकते हैं।

    झारखंड भू-नक्शा (Land Map) ऑनलाइन डाउनलोड करने की प्रक्रिया

    खतियान निकालने के बाद अगला कदम ज़मीन का नक्शा (Bhu-Naksha) डाउनलोड करना होता है। भू-नक्शा देखने की प्रक्रिया खतियान से थोड़ी अलग है, क्योंकि इसके लिए एक समर्पित सॉफ्टवेयर मॉडल का उपयोग किया जाता है।

  • आधिकारिक लिंक (jharbhunaksha.jharkhand.gov.in) पर ही क्लिक करें।
  • District, Sub-Division, Circle, Halka, Mauza का सही चयन करें।
  • सर्च बॉक्स में अपनी ज़मीन का सटीक प्लॉट नंबर दर्ज करें।
  • स्क्रीन पर खुले प्लॉट विवरण के नीचे ‘Map Report’ विकल्प चुनें।
  • नक्शा डाउनलोड करें और उसमें चौहद्दी (Boundaries) का मिलान करें।
  • चरण प्रक्रिया / कार्य महत्वपूर्ण सुझाव
    1 Bhu-Naksha Jharkhand पोर्टल पर जाएं
    2 लोकेशन विवरण भरें
    3 प्लॉट (खेसरा) नंबर खोजें
    4 Map Report पर क्लिक करें
    5 PDF डाउनलोड व प्रिंट करें

    जब आप भू-नक्शा पीडीएफ डाउनलोड करते हैं, तो उसमें प्लॉट का कुल क्षेत्रफल (हेक्टेयर या वर्ग फीट में), प्लॉट मालिक का नाम और पड़ोसी प्लॉट्स की संख्या साफ दिखाई देती है। यदि आपको अपने घर का निर्माण शुरू करना है, तो ज़मीन का नक्शा और पासिंग अप्रूवल बहुत आवश्यक होता है। निर्माण से जुड़ी पूरी जानकारी के लिए आप नगर निगम से नक्शा पास कराने की प्रक्रिया की विस्तृत गाइड पढ़ सकते हैं।

    जमीन की माप और इकाइयों को समझना: कट्ठा, डिसिमिल, बीघा और एकड़

    जब आप खतियान या भू-नक्शा डाउनलोड करते हैं, तो उसमें ज़मीन का क्षेत्रफल एकड़, डिसमिल या हेक्टेयर में लिखा होता है। लेकिन आम बोलचाल और ज़मीन की खरीद-बिक्री में कट्ठा, बीघा और छटाक जैसे पारंपरिक शब्दों का इस्तेमाल किया जाता है। भारत के अलग-अलग राज्यों और जिलों में इन पैमानों का मान अलग-अलग हो सकता है।

    उदाहरण के लिए, झारखंड और बिहार के अधिकांश हिस्सों में 1 एकड़ में 100 डिसमिल होते हैं। वहीं 1 डिसमिल लगभग 435.6 वर्ग फीट के बराबर होता है। अगर कट्ठा की बात करें, तो 1 कट्ठा में आमतौर पर 3.125 डिसमिल (लगभग 1361.25 वर्ग फीट) माना जाता है, लेकिन कुछ जिलों में लग्गी के हिसाब से कट्ठा का आकार बदल जाता है। उत्तर प्रदेश और राजस्थान में बीघा और विश्वा का प्रयोग अधिक होता है।

    ज़मीन की सही नापी और रूपांतरण को बिना किसी गलती के समझने के लिए आप कट्ठा, डिसमिल और बीघा का सही हिसाब वाला लेख ज़रूर पढ़ें। इससे आपको ज़मीन की नापी के दौरान किसी भी धोखाधड़ी से बचने में मदद मिलेगी।

    ऑनलाइन जमीन दस्तावेज निकालते समय लोग कौन सी गलतियाँ करते हैं?

    ऑनलाइन सिस्टम आसान तो है, लेकिन थोड़ी सी लापरवाही के कारण लोग गलत दस्तावेज डाउनलोड कर लेते हैं या कानूनी झंझटों में फंस जाते हैं। यहाँ उन आम गलतियों की सूची दी गई है जिनसे आपको बचना चाहिए:

    1. केवल ऑनलाइन कॉपी को अंतिम कानूनी दस्तावेज मानना
    इंटरनेट से डाउनलोड की गई साधारण खतियान या भू-नक्शे की कॉपी केवल आपकी जानकारी के लिए होती है। कोर्ट-कचहरी, रजिस्ट्री या बैंक लोन के लिए आपको अंचल कार्यालय (तहसील) से डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित (Digitally Signed) या मुहरयुक्त प्रमाणित प्रति (Certified Copy) ही निकालनी चाहिए।

    2. मौजा और थाना नंबर की अनदेखी करना
    कई बार एक ही जिले या अंचल में एक ही नाम के दो या तीन गाँव (मौजा) हो सकते हैं। लोग जल्दबाजी में गलत मौजा चुन लेते हैं। हमेशा अपनी ज़मीन के ‘थाना नंबर’ (Thana Number) का मिलान ज़रूर करें, जो हर मौजा के लिए अद्वितीय (Unique) होता है।

    3. नाम के हिज्जे (Spelling) में गलती
    हिंदी यूनिकोड में नाम टाइप करते समय मात्राओं की गलती से आपका रिकॉर्ड ‘Not Found’ दिखा सकता है। यदि नाम से सर्च करने पर रिकॉर्ड न मिले, तो नाम के शुरुआती दो-तीन अक्षर ही टाइप करें या सबसे बेहतर होगा कि खाता नंबर/खेसरा नंबर से सर्च करें।

    4. दाखिल-खारिज (Mutation) का स्टेटस न देखना
    केवल पुराना खतियान देखकर ज़मीन खरीद लेना बड़ी गलती है। आपको JharBhoomi पर ‘रजिस्टर 2’ और ‘ऑनलाइन लगान/रसीद’ भी चेक करना चाहिए कि वर्तमान में ज़मीन का लगान (टैक्स) किसके नाम पर कट रहा है।

    यदि आप केवल ज़मीन ही नहीं खरीद रहे हैं बल्कि उस पर अपना घर बनाने की योजना भी बना रहे हैं, तो निर्माण प्रक्रिया के दौरान होने वाली अन्य वित्तीय और तकनीकी भूलों से बचने के लिए घर बनाते समय ध्यान रखने योग्य 15 गलतियाँ ज़रूर पढ़ें।

    बैंक लोन, रजिस्ट्री और RERA सुरक्षा में खतियान का उपयोग

    किसी भी संपत्ति पर वित्तीय सुरक्षा और कानूनी अधिकार सुनिश्चित करने के लिए खतियान और भू-नक्शा रीढ़ की हड्डी का काम करते हैं। जब आप अपनी ज़मीन पर बैंक से कंस्ट्रक्शन लोन या प्लॉट लोन के लिए आवेदन करते हैं, तो बैंक के वकील (Empaneled Advocate) सबसे पहले पिछले 13 से 30 सालों की खतियान और म्यूटेशन चेन की जांच करते हैं।

    यदि खतियान में ज़मीन का प्रकार ‘गैरमजरुआ’ (सरकारी भूमि), ‘केसर-ए-हिंद’, या ‘जंगल-झाड़’ दर्ज है, तो ऐसी ज़मीन पर बैंक कभी लोन स्वीकृत नहीं करते और न ही उसकी रजिस्ट्री मान्य होती है। इसलिए जमीन की खरीद से पहले JharBhoomi या संबंधित राज्य के भू-लेख पोर्टल पर ज़मीन का खाता प्रकार ज़रूर जांच लें।

    रियल एस्टेट (रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट) एक्ट यानी RERA के तहत भी बिल्डरों और डेवलपर्स के लिए अपनी प्लॉटिंग प्रोजेक्ट की ज़मीन का खतियान और स्वीकृत नक्शा पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य कर दिया गया है। इससे आम खरीदारों के पैसे फंसने का जोखिम काफी कम हो जाता है। यदि आपको घर बनाने के कुल बजट और लोन की किस्तों का अंदाजा लगाना है, तो आप हमारे फ्री ईएमआई और फाइनेंस कैलकुलेटर टूल्स का उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा, यदि आप झारखंड की राजधानी में घर बनाने की कुल लागत का अनुमान लगाना चाहते हैं, तो रांची में घर बनाने का खर्च गाइड देख सकते हैं।

    डिजिटल जमीन रिकॉर्ड की समस्याएँ और उनका समाधान

    हालांकि डिजिटल इंडिया अभियान के तहत अधिकतर लैंड रिकॉर्ड्स ऑनलाइन कर दिए गए हैं, लेकिन फिर भी कुछ मामलों में पोर्टल पर डेटा त्रुटिपूर्ण या गायब मिलता है। आइए ऐसी समस्याओं और उनके व्यावहारिक समाधानों पर नज़र डालते हैं:

    समस्या 1: ऑनलाइन रिकॉर्ड में ज़मीन का क्षेत्रफल या नाम गलत दिखना।
    समाधान: इसे ‘डेटा एंट्री एरर’ कहा जाता है। इसके सुधार के लिए आपको JharBhoomi पोर्टल के ‘परिमार्जन’ (Parimarjan) ऑप्शन पर जाकर ऑनलाइन सुधार हेतु आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ आपको मूल खतियान या पुरानी केवाला (रजिस्ट्री) की कॉपी अपलोड करनी होगी।

    समस्या 2: प्लॉट नंबर दर्ज करने पर भू-नक्शा प्रदर्शित न होना।
    समाधान: कई मौजों का कैडस्ट्रल सर्वे नक्शा अभी डिजिटल फॉर्मेट में पूरी तरह अपलोड नहीं हो पाया है। ऐसी स्थिति में आपको अपने जिले के बंदोबस्त कार्यालय (Settlement Office) या अंचल कार्यालय के रिकॉर्ड रूम से फिजिकल ‘कपड़ा नक्शा’ (Traced Map) की प्रमाणित प्रति प्राप्त करनी होगी।

    समस्या 3: दाखिल-खारिज (Mutation) रिजेक्ट हो जाना।
    समाधान: यदि खतियानी रैयत के वारिसों के बीच आपसी बंटवारा पत्र (Partition Deed) नहीं बना है, तो सीओ (Circle Officer) म्यूटेशन खारिज कर सकते हैं। इसके लिए सभी सह-खातेदारों की सहमति या वंशावली के साथ पुनः आवेदन करना होता है।

    सरकारी नियमों के अनुसार, ऑनलाइन सुधार याचिकाओं (Parimarjan) का निवारण 30 से 45 कार्य दिवसों के भीतर अंचलाधिकारी द्वारा किया जाना तय है। किसी भी प्रकार के शुल्क या सरकारी फीस की अद्यतन जानकारी के लिए हमेशा संबंधित राज्य के राजस्व विभाग की आधिकारिक वेबसाइट ही देखें।

    अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    1. क्या ऑनलाइन निकाला गया खतियान कोर्ट या बैंक में मान्य होता है?

    साधारण इंटरनेट प्रिंट केवल आपकी निजी जानकारी और सत्यापन के लिए होता है। अदालत, बैंक लोन या रजिस्ट्री के लिए आपको पोर्टल से ‘डिजिटल साइंड’ कॉपी डाउनलोड करनी होगी या अंचल कार्यालय से मुहरयुक्त प्रमाणित प्रति (Certified Copy) प्राप्त करनी होगी।

    2. JharBhoomi पोर्टल पर ‘रजिस्टर 2’ (Register-II) का क्या मतलब होता है?

    रजिस्टर-2 अंचल कार्यालय का वह मुख्य रजिस्टर है जिसमें यह दर्ज होता है कि वर्तमान में किस व्यक्ति के नाम पर कितना लगान (रसीद) कट रहा है। यह म्यूटेशन के बाद अपडेट होने वाला आधिकारिक भूमि रिकॉर्ड है।

    3. अगर मेरी ज़मीन का नक्शा ऑनलाइन Bhu-Naksha पर नहीं दिख रहा है तो क्या करें?

    यदि आपके मौजा या प्लॉट का नक्शा ऑनलाइन अपलोड नहीं हुआ है, तो आपको अपने जिला मुख्यालय स्थित जिला अभिलेखागार (Record Room) या बंदोबस्त कार्यालय में निर्धारित सरकारी फीस जमा करके हाथ से बना प्रमाणित ट्रेस नक्शा प्राप्त करना होगा।

    4. ऑनलाइन खतियान या भू-नक्शा निकालने का कितना शुल्क लगता है?

    JharBhoomi या अन्य राज्य पोर्टलों पर रिकॉर्ड्स को देखना और साधारण प्रिंट निकालना बिल्कुल मुफ्त है। हालांकि, यदि आप ई-जिला पोर्टल के माध्यम से डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित सर्टिफाइड कॉपी मंगवाते हैं, तो ₹10 से ₹50 तक का मामूली प्रोसेसिंग शुल्क लग सकता है।

    5. खतियान में ‘गैरमजरुआ’ ज़मीन लिखे होने का क्या अर्थ है?

    गैरमजरुआ ज़मीन दो प्रकार की होती है—आम और खास। गैरमजरुआ आम सार्वजनिक उपयोग (जैसे रास्ता, पोखरा) के लिए होती है, और गैरमजरुआ खास सरकारी स्वामित्व वाली भूमि होती है। ऐसी ज़मीन की खरीद-बिक्री बिना विशेष सरकारी अनुमति के गैर-कानूनी होती है।

    6. परिमार्जन (Parimarjan) पोर्टल क्या है और इसका उपयोग कब किया जाता है?

    परिमार्जन झारखंड सरकार द्वारा शुरू किया गया एक ऑनलाइन पोर्टल है। अगर आपके डिजिटाइज्ड खतियान, जमाबंदी या रसीद में नाम, खाता नंबर, खेसरा नंबर या क्षेत्रफल में कोई गलती है, तो उसे ऑनलाइन ठीक करवाने के लिए परिमार्जन पर आवेदन किया जाता है।

    7. क्या मोबाइल फोन से JharBhoomi पर जमीन का नक्शा डाउनलोड किया जा सकता है?

    हां, आप अपने स्मार्टफोन के वेब ब्राउज़र (जैसे Chrome) में JharBhoomi या Bhu-Naksha वेबसाइट खोलकर ‘Desktop Site’ मोड ऑन करके आसानी से खतियान और भू-नक्शा की PDF फाइल डाउनलोड कर सकते हैं।

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    लेखकawaraalfaz

    वाह वाह यार की संपादकीय टीम हिंदी में शिक्षा, पैसा-फाइनेंस, बिज़नेस, सरकारी योजनाओं और जीवन से जुड़ी जाँची-परखी जानकारी लिखती है। हर लेख आधिकारिक स्रोतों से मिलाकर और आसान भाषा में तैयार किया जाता है।

    प्रकाशित: 12 October 2026 · अपडेट: 12 October 2026 · हमारे बारे में · संपर्क

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