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10 Oct 2026 · awaraalfaz · 1 मिनट का पाठ
पीएम आवास योजना और अबुआ आवास: पात्रता और आवेदन गाइड
चित्र: CC BY 4.0 — Vyacheslav Argenberg · Wikimedia Commons
एक नज़र में

  • पीएम आवास योजना केंद्र सरकार की राष्ट्रीय योजना है, जबकि अबुआ आवास योजना झारखंड सरकार की विशेष पहल है।
  • पीएम आवास ग्रामीण में लाभार्थियों को लगभग ₹1.20 लाख से ₹1.30 लाख तक मिलते हैं, वहीं अबुआ आवास योजना में ₹2.00 लाख की आर्थिक सहायता 4 किस्तों में दी जाती है।
  • दोनों ही योजनाओं का मुख्य उद्देश्य कच्चे घरों या बिना छत के रह रहे गरीब और बेघर परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराना है।
  • आवेदन प्रक्रिया में आधार कार्ड, बैंक खाता, राशन कार्ड, आय प्रमाण पत्र और जमीन से जुड़े दस्तावेज प्राथमिक रूप से आवश्यक हैं।
  • योजनाओं की पात्रता सूची, आवेदन की स्थिति और किस्तों की जानकारी आधिकारिक पोर्टल (जैसे pmayg.nic.in) पर ऑनलाइन देखी जा सकती है।

अपना खुद का पक्का घर होना हर परिवार का सपना होता है, और इसी सपने को सच करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें विभिन्न आवास योजनाएं चला रही हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) देशभर के गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को छत देने के लिए एक केंद्रीय योजना है, जबकि अबुआ आवास योजना झारखंड सरकार द्वारा शुरू की गई एक राज्य स्तरीय योजना है जिसका उद्देश्य उन गरीब परिवारों को पक्का मकान देना है जो पीएम आवास योजना से वंचित रह गए थे। अगर आप उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र या झारखंड के रहने वाले हैं, तो इन आवास योजनाओं की सही जानकारी होना आपके लिए बहुत जरूरी है।

1. पीएम आवास योजना (PMAY) और अबुआ आवास योजना क्या हैं?

प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है जिसका मुख्य उद्देश्य देश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रहने वाले बेघर तथा कच्चे मकानों में रहने वाले लोगों को पक्का मकान उपलब्ध कराना है। इस योजना को दो भागों में बांटा गया है: पीएम आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) और पीएम आवास योजना शहरी (PMAY-U)। इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को सीधे उनके बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से आर्थिक मदद दी जाती है या होम लोन पर ब्याज सब्सिडी दी जाती है।

दूसरी ओर, अबुआ आवास योजना विशेष रूप से झारखंड राज्य के गरीब और जरूरतमंद नागरिकों के लिए शुरू की गई एक महत्वाकांक्षी आवास योजना है। कई बार सामाजिक-आर्थिक और जाति जनगणना (SECC) की पुरानी सूचियों के कारण बहुत से पात्र गरीब परिवार पीएम आवास योजना का लाभ पाने से छूट जाते थे। इस समस्या को दूर करने के लिए झारखंड सरकार ने अपने बजट से अबुआ आवास योजना की शुरुआत की, ताकि राज्य के हर जरूरतमंद परिवार को 3 कमरे का एक सुंदर और मजबूत पक्का मकान मिल सके।

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दोनों ही योजनाओं का अंतिम लक्ष्य बेघर और सामाजिक रूप से कमजोर परिवारों को सुरक्षित और गरिमापूर्ण जीवन देना है। हालांकि, इनकी पात्रता, सहायता राशि, किस्तों का ढांचा और आवेदन करने की प्रक्रिया में कुछ मूलभूत अंतर हैं। भारत के किसी भी राज्य में रहने वाले नागरिकों को यह समझना आवश्यक है कि वे किस योजना के तहत पात्र हैं और कैसे इसका लाभ उठा सकते हैं।

2. पात्रता के नियम: किसे मिलेगा पीएम आवास और अबुआ आवास का लाभ?

सरकारी आवास योजनाओं का लाभ केवल उन्हीं परिवारों को दिया जाता है जो सरकार द्वारा निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा करते हैं। पीएम आवास योजना (PMAY) के तहत देश के किसी भी राज्य (जैसे UP, बिहार, MP, राजस्थान आदि) के निवासी आवेदन कर सकते हैं, बशर्ते उनके पास पहले से कोई पक्का मकान न हो और उन्होंने पहले किसी सरकारी आवास योजना का लाभ न लिया हो।

पीएम आवास योजना (PMAY) के लिए प्रमुख पात्रता मानदंड:

अबुआ आवास योजना के लिए प्रमुख पात्रता मानदंड:

3. दोनों योजनाओं में आर्थिक सहायता और किस्तों की तुलना

पीएम आवास योजना और अबुआ आवास योजना के बीच सबसे बड़ा अंतर वित्तीय सहायता की राशि और मकान की संरचना में है। पीएम आवास योजना ग्रामीण के तहत मैदानी इलाकों में लगभग ₹1.20 लाख और पहाड़ी/दुर्गम इलाकों में लगभग ₹1.30 लाख की राशि दी जाती है। इसके अलावा, MGNREGA के तहत मजदूरी की राशि और स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण के लिए लगभग ₹12,000 की अतिरिक्त सहायता मिलती है।

वहीं दूसरी तरफ, अबुआ आवास योजना के तहत लाभार्थी को कुल ₹2.00 लाख की राशि प्रदान की जाती है। इस योजना की खास बात यह है कि इसमें लाभार्थी को 3 कमरों वाला पक्का मकान (रसोईघर के साथ) बनाना होता है, जबकि पीएम आवास योजना में आमतौर पर 2 कमरों का ढांचा तैयार किया जाता है। सहायता राशि का भुगतान काम की प्रगति के आधार पर अलग-अलग किस्तों में सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाता है।

सुविधा / विशेषता पीएम आवास योजना (PMAY-G) अबुआ आवास योजना
क्षेत्रीय दायरा पूरा भारत (सभी राज्य व केंद्रशासित प्रदेश) केवल झारखंड राज्य
कुल वित्तीय सहायता ₹1.20 लाख से ₹1.30 लाख (अनुमानित) ₹2.00 लाख (अनुमानित)
मकान का आकार/संरचना 2 कमरों का पक्का मकान + रसोई 3 कमरों का पक्का मकान + रसोई
किस्तों की संख्या 3 से 4 किस्तों में भुगतान 4 किस्तों में चरणबद्ध भुगतान
अतिरिक्त लाभ मनरेगा मजदूरी + शौचालय प्रोत्साहन राशि मनरेगा के तहत मजदूरी का लाभ

ध्यान दें: सहायता राशि और नियम समय-समय पर सरकारी संशोधनों के अनुसार बदलते रहते हैं। किसी भी अंतिम निर्णय या ताजा आंकड़ों के लिए संबंधित ग्रामीण विकास विभाग या आधिकारिक सरकारी पोर्टल की जांच अवश्य करें।

4. आवश्यक दस्तावेज़: फॉर्म भरने से पहले क्या-क्या चाहिए?

चाहे आप पीएम आवास योजना का फॉर्म भर रहे हों या अबुआ आवास योजना का, सही दस्तावेज़ों का होना बेहद जरूरी है। दस्तावेज़ों में थोड़ी सी भी गलती या नाम का बेमेल होना आपके आवेदन को खारिज करा सकता है। इसलिए फॉर्म भरने से पहले सभी कागजात तैयार रखें।

आवास योजना में आवेदन के लिए निम्नलिखित कागजात अनिवार्य हैं:

5. स्टेप-बाय-स्टेप ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया

पीएम आवास योजना और अबुआ आवास योजना दोनों की आवेदन प्रक्रिया थोड़ी अलग है। पीएम आवास योजना शहरी के लिए आप सीधे ऑनलाइन पोर्टल से आवेदन कर सकते हैं, जबकि पीएम आवास ग्रामीण और अबुआ आवास योजना के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर सर्वे और शिविरों के माध्यम से आवेदन लिए जाते हैं।

चरण पीएम आवास योजना (PMAY) आवेदन प्रक्रिया अबुआ आवास योजना आवेदन प्रक्रिया
चरण 1 आधिकारिक पोर्टल (pmaymis.gov.in या pmayg.nic.in) पर जाएँ या CSC सेंटर पहुँचें। ‘सरकार आपके द्वार’ शिविर या ग्राम पंचायत कार्यालय से फॉर्म प्राप्त करें।
चरण 2 अपनी पात्रता श्रेणी चुनकर आधार नंबर दर्ज करें और OTP सत्यापन करें। आवेदन फॉर्म में मांगी गई सभी व्यक्तिगत और जमीन से जुड़ी जानकारियों को सही-सही भरें।
चरण 3 व्यक्तिगत विवरण, बैंक खाता, आय और परिवार के सदस्यों की जानकारी भरें। आधार, बैंक पासबुक, राशन कार्ड और जमीन के कागजात की प्रतियां संलग्न करें।
चरण 4 संबंधित दस्तावेज अपलोड करें और फॉर्म को सबमिट करके एप्लीकेशन नंबर संभाल कर रखें। फॉर्म को शिविर स्थल या पंचायत सचिव/मुखिया के पास जमा करके रसीद (Acknowledgement Receipt) प्राप्त करें।
चरण 5 ब्लॉक या स्थानीय निकाय द्वारा भौतिक सत्यापन (Geotagging) किया जाएगा। ग्राम सभा द्वारा सत्यापन और भौतिक निरीक्षण के बाद अंतिम वरीयता सूची तैयार की जाएगी।

यदि आप किसी शहरी या अर्ध-शहरी क्षेत्र में घर बना रहे हैं और स्थानीय नियमों के अनुसार घर का प्लान पास कराना चाहते हैं, तो नक्शा पास कराने की प्रक्रिया की जानकारी जरूर लें, ताकि बाद में किसी कानूनी अड़चन का सामना न करना पड़े।

6. लाभार्थी सूची (Beneficiary List) कैसे देखें और स्टेटस चेक करें?

आवेदन करने के बाद सबसे महत्वपूर्ण कदम यह चेक करना होता है कि आपका नाम सरकार द्वारा जारी की गई लाभार्थी सूची में आया है या नहीं। अगर आपका नाम सूची में शामिल हो जाता है, तो स्वीकृति पत्र (Sanction Letter) जारी कर दिया जाता है और पहली किस्त की राशि आपके खाते में भेज दी जाती है।

PMAY-G (ग्रामीण) सूची चेक करने का तरीका:

  1. पीएम आवास योजना ग्रामीण के आधिकारिक पोर्टल (pmayg.nic.in) पर जाएँ।
  2. मेनू बार में ‘Awaassoft’ विकल्प पर क्लिक करें और ‘Reports’ चुनें।
  3. ‘Social Audit Reports’ सेक्शन में जाकर ‘Beneficiary details for verification’ पर क्लिक करें।
  4. अपने राज्य, जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत का चयन करें।
  5. कैप्चा कोड दर्ज करके सबमिट करें। आपके सामने पूरे गांव की सूची खुल जाएगी।

अबुआ आवास योजना सूची चेक करने का तरीका:

अबुआ आवास योजना की सूची देखने के लिए आप राज्य सरकार की आधिकारिक पोर्टल या अपने जिला/ग्राम पंचायत कार्यालय के सूचना पट्ट (Notice Board) पर प्रकाशित सूची को देख सकते हैं। ग्राम सभा की बैठकों में भी अंतिम रूप से चयनित अभ्यर्थियों की सूची पढ़ी जाती है। इसके अलावा, जिन आवेदकों ने शिविरों में फॉर्म भरा है, वे अपनी रसीद संख्या से ब्लॉक कार्यालय में स्टेटस जान सकते हैं।

7. आवास का निर्माण कराते समय ध्यान देने योग्य बातें और गलतियाँ

सरकारी मदद मिलने के बाद सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है एक मजबूत और टिकाऊ घर का निर्माण कराना। कई बार लोग जानकारी के अभाव में गलत ठेकेदार चुन लेते हैं या घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल कर बैठते हैं, जिससे कुछ ही वर्षों में घर की दीवारों में दरारें आ जाती हैं या छत टपकने लगती है।

घर बनाते समय गुणवत्तापूर्ण सीमेंट, सही ग्रेड का TMT स्टील और अच्छी ईंटों का ही चयन करें। काम शुरू करने से पहले एक बुनियादी BOQ (Bill of Quantities) या बजट का अनुमान ज़रूर बना लें। यदि आप निर्माण लागत और बजटीय योजना को गहराई से समझना चाहते हैं, तो घर बनाने के खर्च का अनुमान संबंधी गाइड देख सकते हैं। इससे आपको स्टील, बालू, गिट्टी और मजदूरी पर होने वाले खर्च का सही अंदाजा लग जाएगा।

निर्माण के दौरान किसी भी प्रकार की जल्दबाजी या लापरवाही से बचें। मकान निर्माण में होने वाली आम गलतियों से बचने के लिए घर बनाते समय ध्यान रखने योग्य बातें ज़रूर पढ़ें, ताकि आपकी मेहनत की कमाई और सरकारी आर्थिक मदद का सही उपयोग हो सके।

8. अतिरिक्त फंड, लोन मैनेजमेंट और गृह प्रवेश

कभी-कभी सरकार द्वारा मिलने वाली ₹1.20 लाख या ₹2.00 लाख की सहायता राशि एक बड़ा या अधिक सुविधाओं वाला घर बनाने के लिए काफी नहीं होती। ऐसी स्थिति में लाभार्थी अपने पास मौजूद बचत का उपयोग करते हैं या बैंकों से छोटे आकार का होम लोन लेते हैं। PMAY योजना के तहत क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी (CLSS) का भी प्रावधान रहा है, जिसके तहत होम लोन के ब्याज दर पर राहत मिलती है।

बैंकों से लोन लेते समय अपनी महीने की EMI का सही हिसाब लगाना बेहद जरूरी है ताकि भविष्य में वित्तीय संकट न आए। लोन की किस्तों और ब्याज की गणना के लिए आप वित्तीय गणना हेतु उपलब्ध फ्री ऑनलाइन टूल्स का उपयोग कर सकते हैं। इससे आपको पता चलेगा कि आपकी मासिक आय के हिसाब से कितनी EMI चुकाना आसान होगा।

जब आपका सपनों का घर बनकर तैयार हो जाए और सभी किस्तें सही समय पर मिल जाएं, तो शुभ मुहूर्त में अपने परिवार के साथ नए घर में प्रवेश करें। गृह प्रवेश की धार्मिक और व्यावहारिक तैयारियों के लिए गृह प्रवेश चेकलिस्ट की मदद ली जा सकती है, जिससे आपके नए घर की शुरुआत मंगलमय और व्यवस्थित तरीके से हो सके।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. क्या एक ही परिवार को पीएम आवास और अबुआ आवास दोनों का लाभ मिल सकता है?

नहीं, किसी भी परिवार को केवल एक ही सरकारी आवास योजना का लाभ मिल सकता है। यदि आपने पहले पीएम आवास योजना या किसी अन्य योजना के तहत मकान प्राप्त किया है, तो आप अबुआ आवास योजना के लिए पात्र नहीं होंगे।

2. अबुआ आवास योजना किस राज्य के लोगों के लिए है?

अबुआ आवास योजना विशेष रूप से झारखंड सरकार की योजना है, इसलिए इसका लाभ केवल झारखंड के स्थायी निवासी ही उठा सकते हैं। अन्य राज्यों जैसे UP, बिहार, MP के नागरिक PMAY का लाभ ले सकते हैं।

3. आवास योजना की किस्तें बैंक खाते में आने में कितना समय लगता है?

आवेदन स्वीकृत होने और जिओ-टैगिंग (Geotagging) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आमतौर पर 15 से 45 दिनों के भीतर पहली किस्त खाते में आ जाती है। अगली किस्तें निर्माण कार्य के सत्यापन के आधार पर जारी की जाती हैं।

4. क्या पीएम आवास योजना में आवेदन के लिए कोई शुल्क देना पड़ता है?

बिल्कुल नहीं। पीएम आवास योजना और अबुआ आवास योजना दोनों में आवेदन पूरी तरह से निःशुल्क है। यदि कोई व्यक्ति या दलाल फॉर्म भरने या सूची में नाम जुड़वाने के नाम पर पैसे मांगता है, तो इसकी शिकायत तुरंत ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO) या हेल्पलाइन पर करें।

5. अगर मेरा नाम सूची में नहीं है तो मुझे क्या करना चाहिए?

अगर आपका नाम सूची में नहीं है और आप पात्र हैं, तो आप अपनी ग्राम पंचायत की ग्राम सभा में आवेदन दे सकते हैं, या ‘सरकार आपके द्वार’ जैसे शिविरों में नया फॉर्म जमा कर सकते हैं। इसके अलावा पोर्टल पर ग्रीवांस (Grievance) भी दर्ज कराया जा सकता है।

6. क्या किराए के मकान में रहने वाले या बिना जमीन वाले लोग भी आवेदन कर सकते हैं?

भूमिहीन परिवारों को सरकार द्वारा आवास निर्माण के लिए जमीन का पट्टा या वित्तीय सहायता देने का प्रावधान अलग-अलग राज्य नीतियों के तहत किया जाता है। जमीन का वैध स्वामित्व या पट्टा होना योजना के तहत मकान बनाने के लिए आवश्यक है।

7. योजनाओं के ताजा अपडेट और दिशानिर्देश कहाँ से जांचें?

पीएम आवास योजना के लिए केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की वेबसाइट (pmayg.nic.in) या शहरी आवास पोर्टल (pmaymis.gov.in) देखें। अबुआ आवास योजना के लिए झारखंड सरकार के ग्रामीण विकास विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या अपने स्थानीय ब्लॉक कार्यालय से संपर्क करें।

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लेखकawaraalfaz

वाह वाह यार की संपादकीय टीम हिंदी में शिक्षा, पैसा-फाइनेंस, बिज़नेस, सरकारी योजनाओं और जीवन से जुड़ी जाँची-परखी जानकारी लिखती है। हर लेख आधिकारिक स्रोतों से मिलाकर और आसान भाषा में तैयार किया जाता है।

प्रकाशित: 10 October 2026 · अपडेट: 10 October 2026 · हमारे बारे में · संपर्क

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