
शिक्षा वह है जो आपको तब भी याद रहती है जब आप
स्कूल में सीखी हुई हर चीज़ भूल जाते हैं।
— मार्क ट्वेन
मार्क ट्वेन का यह कथन किताबी ज्ञान और वास्तविक शिक्षा के अंतर को सहज ढंग से उजागर करता है। स्कूल में सीखी गई तिथियाँ, सूत्र और तथ्य भले ही समय के साथ
मार्क ट्वेन की चुनी हुई पंक्तियाँ
आदत कोई ऐसी चीज़ नहीं है जिसे खिड़की से बाहर फेंका जा सके, इसे सीढ़ियों से एक-एक करके उतारना पड़ता है।
सही शब्द और लगभग सही शब्द में उतना ही अंतर है जितना जुगनू और बिजली के चमकने में।
बीस साल बाद आप उन चीज़ों से ज़्यादा निराश होंगे जो आपने नहीं कीं, बजाय उनके जो कीं।
सच्चाई कल्पना से अधिक अजीब होती है, क्योंकि कल्पना को संभावनाओं के दायरे में रहना पड़ता है।
किताबें उनके लिए हैं जो उस दुनिया से दूर जाना चाहते हैं जिसमें वे रह रहे हैं।
साहस डर पर विजय पाना है, डर की अनुपस्थिति नहीं; साहसी वही है जो डरा हुआ होते हुए भी आगे बढ़ता है।
शिक्षा वह चीज़ है जो बहुत कुछ सीखने और फिर उसे भूल जाने के बाद भी बच रहती है।
मार्क ट्वेन के बारे में
मार्क ट्वेन (1835–1910) अमेरिकी साहित्य के महान लेखक और व्यंग्यकार थे। उनका वास्तविक नाम सैमुअल लैंघर्होन क्लेमंस था। उन्हें 'द एडवेंचर्स ऑफ़ टॉम सॉयर' जैसी अमर कृतियों के लिए जाना जाता है। पूरा परिचय और सभी विचार: मार्क ट्वेन — लेखक कोश।
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