
- रांची में प्रॉपर्टी टैक्स (होल्डिंग टैक्स) भुगतान झारखंड नगर विकास एवं आवास विभाग के आधिकारिक पोर्टल से 10 मिनट में ऑनलाइन होता है।
- ज़मीन या मकान का म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) कराने के लिए झारभूमि (Jharbhoomi) पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध है।
- ऑनलाइन प्रक्रिया से दलालों के चक्कर, फर्जी रसीद और बार-बार दफ़्तर दौड़ने की झंझट पूरी तरह खत्म हो गई है।
- समय पर टैक्स चुकाने पर रांची नगर निगम (RMC) द्वारा 5% से 10% तक की रीबेट (छूट) भी दी जाती है।
- गलत होल्डिंग नंबर या बिना म्यूटेशन के प्रॉपर्टी खरीदने पर कानूनी विवाद और भारी जुर्माना लग सकता है।
रांची नगर निगम (RMC) की सीमा में आने वाले किसी भी मकान, दुकान या खाली प्लॉट के मालिक को हर साल प्रॉपर्टी टैक्स (जिसे स्थानीय भाषा में होल्डिंग टैक्स कहा जाता है) देना अनिवार्य होता है। इसके साथ ही, जब भी आप रांची में कोई नई ज़मीन या बना हुआ घर खरीदते हैं, तो राजस्व रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराने के लिए म्यूटेशन यानी दाखिल-खारिज करवाना कानूनी रूप से बहुत जरूरी है। पहले इन दोनों कामों के लिए सरकारी दफ़्तरों के महीनों चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब आप अपने स्मार्टफोन या लैपटॉप से घर बैठे यह पूरा काम निपटा सकते हैं।
अगर आपने हाल ही में रांची में नई संपत्ति खरीदी है या अपने मकान के लिए नया निर्माण कराया है, तो आपको टैक्स असेसमेंट और म्यूटेशन का तरीका स्पष्ट होना चाहिए। झारखंड सरकार ने डिजिटल इंडिया और ई-गवर्नेंस पहल के तहत राज्य के नागरिकों को यह सहूलियत दी है। इस विस्तृत गाइड में हम आपको बताएंगे कि रांची में प्रॉपर्टी टैक्स कैसे कैलकुलेट होता है, ऑनलाइन भुगतान का सही स्टेप-बाय-स्टेप तरीका क्या है और झारभूमि पोर्टल से ऑनलाइन म्यूटेशन का आवेदन कैसे किया जाता है।
रांची में प्रॉपर्टी टैक्स (होल्डिंग टैक्स) क्या है और यह क्यों जरूरी है?
रांची नगर निगम क्षेत्र में स्थित हर अचल संपत्ति पर लगने वाला वार्षिक कर ‘प्रॉपर्टी टैक्स’ या ‘होल्डिंग टैक्स’ कहलाता है। नगर निगम इस टैक्स से मिलने वाले राजस्व का उपयोग शहर में सड़कों का रख-रखाव, स्ट्रीट लाइट, साफ-सफाई, कचरा प्रबंधन और जलापूर्ति जैसी मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए करता है। यदि आप समय पर अपने होल्डिंग टैक्स का भुगतान नहीं करते हैं, तो नगर निगम हर महीने 1.5% से 2% की दर से दंडात्मक ब्याज (Penal Interest) वसूल सकता है।
प्रॉपर्टी टैक्स का नियमित भुगतान केवल एक सरकारी नियम नहीं है, बल्कि यह आपकी संपत्ति के मालिकाना हक का एक मजबूत कानूनी प्रमाण भी बनता है। जब आप स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), HDFC बैंक या ICICI बैंक से होम लोन के लिए अप्लाई करते हैं, तो बैंक आपसे पिछले 3 सालों की प्रॉपर्टी टैक्स रसीद मांगते हैं। यदि आपकी टैक्स रसीद अपडेटेड नहीं है, तो लोन रिजेक्ट हो सकता है।
झारखंड के अलावा उत्तर प्रदेश (e-Nagarsewa portal), मध्य प्रदेश (e-NagarPalika) और बिहार जैसे पड़ोसी राज्यों में भी अब अर्बन लोकल बॉडीज (ULB) द्वारा प्रॉपर्टी टैक्स कलेक्शन को पूरी तरह डिजिटल कर दिया गया है। रांची में भी प्रत्येक होल्डिंग को एक विशिष्ट 15-अंकों या 16-अंकों का यूनिक प्रॉपर्टी ID दिया जाता है, जिससे आपकी संपत्ति की पहचान बेहद आसान हो जाती है।
यदि आपने हाल ही में रांची में ज़मीन खरीदी है और उस पर निर्माण की सोच रहे हैं, तो सबसे पहले आपको ज़मीन के रकबे का सही गणित पता होना चाहिए। इसके लिए आप हमारी विशेष गाइड झारखंड में कट्ठा, डिसमिल और बीघा का हिसाब पढ़कर अपनी ज़मीन का सटीक नाप समझ सकते हैं।
ऑनलाइन प्रॉपर्टी टैक्स भुगतान और म्यूटेशन के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट्स
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू करने से पहले आपके पास सभी आवश्यक कागजात डिजिटल फॉर्मेट (PDF या JPG, 1 MB से कम साइज) में स्कैन होकर तैयार होने चाहिए। अधूरे कागजात के कारण ऑनलाइन आवेदन रिजेक्ट होने की संभावना सबसे ज्यादा होती है।
प्रॉपर्टी टैक्स के भुगतान और नए असेसमेंट के लिए आपको इन मुख्य दस्तावेजों की आवश्यकता होती है:
- पुरानी टैक्स रसीद या होल्डिंग नंबर: यदि आप पहले भी टैक्स जमा करते आए हैं, तो पुरानी रसीद पर लिखा होल्डिंग नंबर।
- सेल डीड (रजिस्ट्री की कॉपी): संपत्ति के मालिकाना हक का दस्तावेज।
- स्वीकृत भवन नक्शा: यदि पक्का मकान बना है, तो रांची नगर निगम या RRDA से पास नक्शा। यदि नक्शा पास कराने की प्रक्रिया जाननी हो, तो पढ़ें झारखंड में नक्शा पास कैसे कराएं।
- आवेदक का पहचान पत्र: आधार कार्ड, पैन कार्ड या वोटर आईडी।
- बिजली बिल या पानी का कनेक्शन बिल: संपत्ति के पते की पुष्टि के लिए।
वहीं, जब आप ऑनलाइन म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) के लिए आवेदन करते हैं, तो कागजातों की सूची थोड़ी अलग होती है। इसमें रजिस्टर्ड डीड की स्कैन कॉपी, विक्रेता की वंशावली (यदि पैतृक संपत्ति हो), शुद्धि पत्र (Correction Slip) और आवेदक का शपथ पत्र (Affidavit) अनिवार्य रूप से अपलोड करना पड़ता है।
रांची में ऑनलाइन प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने का स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस
रांची नगर निगम के आधिकारिक पोर्टल (udhd.jharkhand.gov.in या support.rmc.org.in) पर जाकर आप केवल 5 आसान स्टेप्स में अपना होल्डिंग टैक्स जमा कर सकते हैं। इसके लिए आपको किसी दलाल या वार्ड ऑफिस जाने की कोई जरूरत नहीं है।
नीचे दी गई प्रक्रिया का पालन करके आप मिनटों में पेमेंट पूरा कर सकते हैं:
- आधिकारिक पोर्टल पर जाएँ: सबसे पहले अपने ब्राउज़र में झारखंड सरकार के अर्बन डेवलपमेंट पोर्टल या RMC की आधिकारिक वेबसाइट खोलें और ‘Pay Property Tax’ विकल्प पर क्लिक करें।
- अपनी प्रॉपर्टी खोजें: अपने 15-अंकों के यूनिक प्रॉपर्टी ID, होल्डिंग नंबर, या अपने नाम और वार्ड नंबर का चयन करके सर्च बटन दबाएं। स्क्रीन पर आपकी संपत्ति का पूरा ब्योरा आ जाएगा।
- टैक्स राशि का मिलान करें: स्क्रीन पर दिखेगा कि आपका पुराना कोई बकाया है या नहीं, और चालू वित्तीय वर्ष (Financial Year) का कुल कितना टैक्स बन रहा है। यदि आप अप्रैल या मई के शुरुआती महीनों में भुगतान करते हैं, तो स्क्रीन पर आपको रीबेट डिस्काउंट खुद-ब-खुद कटकर दिखेगा।
- पेमेंट गेटवे का चयन करें: ‘Pay Online’ पर क्लिक करें। यहाँ आप अपने डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग या UPI (GPay, PhonePe, Paytm) के ज़रिये सुरक्षित भुगतान कर सकते हैं।
- रसीद डाउनलोड करें: पेमेंट सफल होते ही स्क्रीन पर ऑनलाइन रसीद जनरेट हो जाएगी। इसे तुरंत डाउनलोड करके पीडीएफ फॉर्मेट में सुरक्षित रख लें और एक प्रिंटआउट निकालकर अपनी फाइल में लगा लें।
यदि आपका नया मकान बना है और अभी तक होल्डिंग नंबर नहीं मिला है, तो पोर्टल पर ही ‘Self Assessment for New Holding’ का विकल्प चुनकर अपनी प्रॉपर्टी की डिटेल्स भरकर नए होल्डिंग नंबर के लिए अप्लाई कर सकते हैं। नया घर बनाते समय बजट का ध्यान रखना भी जरूरी होता है, इस संदर्भ में हमारी रिपोर्ट रांची में घर बनाने का खर्च ज़रूर पढ़ें।
रांची में ऑनलाइन दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) कैसे करें?
म्यूटेशन (Mutation) वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा अंचल कार्यालय (Tehsil Office) के सरकारी भू-अभिलेखों में संपत्ति के पुराने मालिक का नाम हटाकर नए खरीदार का नाम दर्ज किया जाता है। रजिस्ट्री कराना सिर्फ पहला कदम है, जब तक म्यूटेशन नहीं होता, तब तक सरकारी रिकॉर्ड में आप पूरी तरह मालिक दर्ज नहीं होते।
झारखंड में म्यूटेशन की प्रक्रिया झारभूमि पोर्टल (jharbhoomi.jharkhand.gov.in) के माध्यम से ऑनलाइन संचालित की जाती है। आइए इसकी पूरी प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से समझें:
स्टेप 1: झारभूमि पोर्टल पर जाएँ और ‘Apply Online Mutation’ लिंक पर क्लिक करें। यदि आपका अकाउंट नहीं है, तो ‘Registration’ बटन पर क्लिक करके अपना मोबाइल नंबर और ईमेल डालकर एक नया यूजर अकाउंट बनाएं।
स्टेप 2: लॉगिन करने के बाद ‘Apply New Mutation’ पर क्लिक करें। यहाँ आपको जिला (रांची), अंचल (जैसे- शहर रांची, कांके, नामकुम, या हेहल) और हल्का/मौजा चुनना होगा।
स्टेप 3: इसके बाद डीड डिटेल्स दर्ज करें, जैसे रजिस्ट्री नंबर, रजिस्ट्री की तारीख, और रजिस्ट्रार ऑफिस का नाम (DSR Ranchi)। साथ ही खरीदार (Buyer) और विक्रेता (Seller) की पूरी जानकारी भरें।
स्टेप 4: ज़मीन का ब्योरा भरें, जैसे खाता नंबर, प्लॉट नंबर (खसरा), रकबा (डिसमिल में) और चौहद्दी (उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम में किसकी ज़मीन/सड़क है)।
स्टेप 5: अपनी रजिस्टर्ड सेल डीड और एफ़िडेविट की एक कंबाइंड (Combined) PDF फाइल बनाकर अपलोड करें और फाइनल सबमिट करें। सबमिट करने के बाद आपको एक केस नंबर (Case Number) मिलेगा, जिसे भविष्य के स्टेटस ट्रैकिंग के लिए संभालकर रखें।
प्रॉपर्टी टैक्स की गणना कैसे होती है और अनुमानित शुल्क
रांची में प्रॉपर्टी टैक्स का निर्धारण मुख्यतः मकान की लोकेशन (सड़क की चौड़ाई), निर्माण का प्रकार (आरसीसी पक्का घर, एस्बेस्टस/टिन शेड, या कच्चा घर) और उपयोग के उद्देश्य (आवासीय, व्यावसायिक या औद्योगिक) के आधार पर होता है। नगर निगम ने इसके लिए अलग-अलग ज़ोन और कारपेट एरिया (Carpet Area) के अनुसार दरें तय की हैं।
सामान्य तौर पर, मुख्य सड़कों पर बनी व्यावसायिक दुकानों की टैक्स दरें अंदरूनी गली में बने आवासीय मकानों से काफी अधिक होती हैं। नीचे दी गई तालिका से आप एक अनुमानित दर का ढांचा समझ सकते हैं (कृपया सटीक दरों के लिए सरकारी पोर्टल देखें क्योंकि दरें समय-समय पर संशोधित होती रहती हैं):
| संपत्ति का प्रकार | स्थान / रोड की चौड़ाई | अनुमानित वार्षिक दर (प्रति वर्ग फीट) | छूट / रीबेट की स्थिति |
|---|---|---|---|
| आवासीय (Residential) | अंदरूनी गली (< 20 फीट) | ₹1.50 – ₹3.00 | समय पर भुगतान करने पर 5%-10% छूट |
| आवासीय (Residential) | मुख्य मार्ग (> 40 फीट) | ₹3.00 – ₹5.50 | वरिष्ठ नागरिकों/महिलाओं को अतिरिक्त छूट (अधिनियम अनुसार) |
| व्यावसायिक (Commercial) | मुख्य बाजार / मेन रोड | ₹8.00 – ₹18.00 | कोई विशेष रीबेट नहीं, विलंब पर ब्याज लागू |
| खाली जमीन (Vacant Plot) | किसी भी क्षेत्र में | ₹0.50 – ₹1.50 | वार्षिक मूल्यांकन के आधार पर |
म्यूटेशन के लिए झारखंड में सरकारी कोर्ट फीस आमतौर पर ₹100 से ₹500 के आसपास होती है, लेकिन इसके साथ आपको हलफनामा (Affidavit) और दस्तावेज तैयार कराने में ₹500 से ₹1,500 तक का मामूली खर्च आ सकता है। यदि आप नया मकान बना रहे हैं, तो किसी भी प्रकार की गलती से बचने के लिए हमारी गाइड घर बनाते समय ध्यान रखने योग्य 15 गलतियाँ अवश्य पढ़ें।
अन्य राज्यों (UP, MP, बिहार) से तुलना और डिजिटल सुविधाएँ
भारत भर में डिजिटल इंडिया मिशन के तहत सभी राज्यों की राज्य सरकारों और नगर निगमों ने अपनी राजस्व प्रणालियों को ऑनलाइन कर दिया है। जहाँ उत्तर प्रदेश में e-Nagarsewa पोर्टल के ज़रिये लखनऊ, कानपुर या नोएडा के निवासी टैक्स जमा करते हैं, वहीं बिहार में ‘bihar-propertytax.com’ और मध्य प्रदेश में ‘e-NagarPalika’ पोर्टल बेहद लोकप्रिय हैं।
झारखंड का सिस्टम (RMC & Jharbhoomi) भी इन बड़े राज्यों की तर्ज पर काफी आधुनिक और पारदर्शी बनाया गया है। नीचे दी गई तुलना से आपको समझने में मदद मिलेगी कि अलग-अलग राज्यों में यह डिजिटल व्यवस्था कैसे काम कर रही है:
| राज्य / शहर | प्रॉपर्टी टैक्स पोर्टल | म्यूटेशन पोर्टल | औसत म्यूटेशन समय (दिन) |
|---|---|---|---|
| झारखंड (रांची) | udhd.jharkhand.gov.in / RMC Portal | jharbhoomi.jharkhand.gov.in | 30 से 45 दिन |
| उत्तर प्रदेश (लखनऊ/नोएडा) | e-nagarsewaup.gov.in | upbhulekh.gov.in | 45 से 60 दिन |
| बिहार (पटना) | bihar-propertytax.com | biharbhumi.bihar.gov.in | 35 से 90 दिन |
| मध्य प्रदेश (इंदौर/भोपाल) | mpenagarpalika.gov.in | saara.mp.gov.in | 30 से 45 दिन |
रांची में ऑनलाइन म्यूटेशन का सबसे बड़ा फायदा यह है कि जब आप आवेदन जमा करते हैं, तो हल्का कर्मचारी (कर्मचारी/अमीन) और अंचल अधिकारी (CO) के पास केस फाइल अपने-आप ट्रांसफर हो जाती है। आप घर बैठे अपने केस का स्टेटस देख सकते हैं और यदि कोई आपत्ति (Objection) उठती है, तो उसकी नोटिस भी पोर्टल पर ही दिख जाती है।
प्रॉपर्टी टैक्स और म्यूटेशन में लोग जो 5 बड़ी गलतियाँ करते हैं
अक्सर देखा गया है कि लोग जानकारी के अभाव में कुछ ऐसी गलतियाँ कर बैठते हैं, जिससे उन्हें बाद में हजारों रुपये का जुर्माना भरना पड़ता है या फिर कानूनी मुकदमेबाजी में फंसना पड़ता है।
यहाँ उन 5 आम गलतियों का ब्योरा दिया जा रहा है, जिनसे आपको हर हाल में बचना चाहिए:
- 1. निर्माण क्षेत्र (Built-up Area) की गलत जानकारी देना: कई लोग टैक्स बचाने के चक्कर में अपने घर की ऊपरी मंजिल या एक्सटेंशन की जानकारी नगर निगम से छिपा लेते हैं। जब निगम का सर्वे दल फिजिकल वेरिफिकेशन करता है, तो भारी पेनाल्टी और पिछले सालों का एरियर एक साथ वसूल किया जाता है।
- 2. केवल रजिस्ट्री कराकर म्यूटेशन न कराना: ज़मीन या मकान की रजिस्ट्री कराने के बाद यदि आप म्यूटेशन नहीं कराते हैं, तो कानूनी तौर पर पुराने मालिक के पास ही मालिकाना हक दर्ज रहता है। धोखाधड़ी के मामलों में पुराना मालिक उस ज़मीन को दोबारा किसी और को बेच सकता है।
- 3. नाम और स्पेलिंग में गड़बड़ी को अनदेखा करना: ऑनलाइन म्यूटेशन फॉर्म भरते समय अपने नाम, पिता के नाम और पते की स्पेलिंग का ध्यान रखें। आधार कार्ड और डीड में दर्ज नाम बिल्कुल एक समान होना चाहिए, वर्ना अंचल अधिकारी आवेदन निरस्त कर देते हैं।
- 4. गलत खाता/प्लॉट नंबर दर्ज करना: म्यूटेशन के समय यदि एक भी अंक गलत दर्ज हुआ, तो आपकी दाखिल-खारिज किसी दूसरे की ज़मीन पर दर्ज हो जाएगी। सबमिट करने से पहले डीड से एक-एक नंबर का मिलान ज़रूर कर लें।
- 5. भुगतान की रसीद सुरक्षित न रखना: ऑनलाइन टैक्स पेमेंट करने के बाद कई लोग रसीद सेव करना भूल जाते हैं। सर्वर डाउन होने की स्थिति में अगर आपके खाते से पैसे कट जाएं और रसीद न मिले, तो ट्रांजेक्शन आईडी का रिकॉर्ड होना बेहद ज़रूरी है।
ऑनलाइन भुगतान के सुरक्षित तरीके, रसीद डाउनलोड और हेल्पलाइन सपोर्ट
जब आप ऑनलाइन प्रॉपर्टी टैक्स या म्यूटेशन फीस जमा कर रहे हों, तो डिजिटल सुरक्षा का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है। हमेशा आधिकारिक डोमेन (जिसके अंत में .gov.in या .org.in हो) का ही उपयोग करें। किसी भी अनजान व्हाट्सएप मैसेज या SMS पर आए पेमेंट लिंक पर क्लिक न करें।
सुरक्षित लेनदेन के लिए इन बातों का ध्यान रखें:
भुगतान के लिए अपने SBI, PNB, Canara Bank या HDFC जैसे मुख्य बैंक के आधिकारिक नेट बैंकिंग या UPI ऐप का ही इस्तेमाल करें। पेमेंट पूरा होने के तुरंत बाद स्क्रीन पर ‘Print Receipt’ का बटन आता है। यदि किसी तकनीकी खराबी के कारण स्क्रीन बंद हो जाए, तो दोबारा पोर्टल पर जाकर अपने होल्डिंग नंबर से लॉगिन करें और ‘Transaction History’ सेक्शन में जाकर रसीद दोबारा डाउनलोड कर लें।
यदि आपका ऑनलाइन पेमेंट अटक जाता है या म्यूटेशन आवेदन लंबे समय से पेंडिंग है, तो आप रांची नगर निगम के जनसुविधा केंद्र या आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा, आप झारखंड सरकार के समाधान पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं। सरकारी योजनाओं और टैक्स नियमों की सटीक और अपडेटेड जानकारी के लिए हमेशा संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (udhd.jharkhand.gov.in) पर ही भरोसा करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. रांची में होल्डिंग नंबर (Unique Property ID) कैसे पता करें?
आप रांची नगर निगम के प्रॉपर्टी टैक्स पोर्टल पर जाकर ‘Search Holding’ विकल्प चुन सकते हैं। वहाँ अपना वार्ड नंबर और अपना नाम या पुराना एसेसमेंट नंबर डालकर अपना 15-अंकों का यूनिक होल्डिंग नंबर ढूंढ सकते हैं।
2. ज़मीन की रजिस्ट्री के कितने दिनों के भीतर म्यूटेशन कराना जरूरी है?
रजिस्ट्री होने के तुरंत बाद (आमतौर पर 30 से 90 दिनों के भीतर) म्यूटेशन के लिए ऑनलाइन आवेदन कर देना चाहिए। हालाँकि, आप बाद में भी आवेदन कर सकते हैं, लेकिन देरी करने पर संपत्ति विवाद या कानूनी झंझट का खतरा बना रहता है।
3. अगर ऑनलाइन टैक्स पेमेंट के पैसे कट गए पर रसीद नहीं मिली, तो क्या करें?
घबराएं नहीं। कभी-कभी बैंक सर्वर और निगम पोर्टल के बीच तालमेल में 24 से 48 घंटे का समय लगता है। 48 घंटे बाद पोर्टल पर ‘Check Transaction Status’ में जाकर अपना बैंक रेफरेंस नंबर डालें। आपकी रसीद अपडेट होकर डाउनलोड हो जाएगी।
4. क्या किरायेदार से मिलने वाले किराये पर अलग से प्रॉपर्टी टैक्स देना होता है?
प्रॉपर्टी टैक्स मकान के उपयोग पर निर्भर करता है। यदि आप अपने मकान को आवासीय से व्यावसायिक (Commercial) उपयोग में बदलते हैं, तो नगर निगम की दरें बढ़ जाती हैं। यदि आपने सामान्य किराएदार को रखा है तो दरें आवासीय ही रहेंगी, लेकिन असेसमेंट सही होना चाहिए।
5. रांची में म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) रिजेक्ट होने का सबसे बड़ा कारण क्या है?
म्यूटेशन रिजेक्ट होने का सबसे मुख्य कारण ज़मीन की चौहद्दी का सही न होना, विक्रेता (Seller) के नाम पर पूर्व में म्यूटेशन न होना, या डीड (सेल डीड) की कॉपी स्पष्ट रूप से स्कैन करके अपलोड न करना होता है।
6. क्या सीनियर सिटीजन या महिला संपत्ति मालिकों को प्रॉपर्टी टैक्स में कोई छूट मिलती है?
हाँ, रांची नगर निगम के नियमों के तहत वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों और महिला संपत्ति मालिकों को स्व-घोषणा के आधार पर टैक्स दरों में विशेष छूट या रीबेट का प्रावधान होता है। इसकी सटीक प्रतिशत जानकारी निगम के चालू वित्तीय वर्ष के सर्कुलर में देखी जा सकती है।
7. क्या बिना म्यूटेशन के मकान का नक्शा पास कराया जा सकता है?
नहीं, रांची नगर निगम (RMC) या नगर विकास विभाग से मकान का नक्शा पास कराने के लिए आवेदक के नाम पर म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) की अद्यतन रसीद और शुद्धि पत्र होना अनिवार्य शर्त है।
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