
मृत्यु शायद इंसानों के लिए मिलने वाले सभी
वरदानों में से सबसे महान वरदान है।
— सॉक्रेटीज
यूनानी दार्शनिक सुकरात की यह पंक्ति मृत्यु के प्रति इंसान के पारंपरिक भय को चुनौती देती है। वे मृत्यु को किसी अंत या सजा के बजाय आत्मा की मुक्ति, दुखों
सॉक्रेटीज की चुनी हुई पंक्तियाँ
मैं किसी को कुछ नहीं सिखा सकता, मैं उन्हें केवल सोचने पर मजबूर कर सकता हूँ।
जो बदलाव आप दुनिया में देखना चाहते हैं, वह सबसे पहले अपने अंदर लाएं।
जो इंसान बहुत कम में संतुष्ट रहता है, वही प्रकृति में सबसे अमीर और धनी व्यक्ति है।
दूसरों की लिखी हुई किताबों से खुद को अमीर बनाओ, जो उन्होंने श्रम से पाया है उसे आसानी से अपनाओ।
मृत्यु संभवतः मानव जाति के सभी वरदानों में सबसे महान है।
अपने आप को जानने की शुरुआत ही वास्तविक ज्ञान है।
संतुष्टि ही प्राकृतिक धन है, और अत्यधिक चाहत या लालच हमेशा के लिए गरीबी है।
सॉक्रेटीज के बारे में
सॉक्रेटीज (सुकरात) प्राचीन यूनान के एक महान दार्शनिक थे, जिनका जन्म एथेंस में हुआ था। उन्होंने स्वयं कोई ग्रंथ नहीं लिखा, बल्कि अपने अनूठे संवादों और तर्कों से पश्चिमी दर्शन की नींव रखी। उनके इन्हीं विचारों के कारण उन्हें युवाओं को भ्रमित करने का झूठा आरोप लगाकर मृत्युदंड दिया गया था। पूरा परिचय और सभी विचार: सॉक्रेटीज — लेखक कोश।
विज्ञापन · Advertisement
ये भी पढ़ें
काव्यडॉ. भीमराव अंबेडकर: अन्याय सहना और अन्याय करने वाले का साथ देनअन्याय सहना और अन्याय करने वाले का साथ देना दोनों ही समाज के लिए सबसे बड़े पाप हैं। — डॉ. भीमराव अंबेडकर6 Oct 2026 पढ़ें →
काव्यअमीर ख़ुसरो: यार बिना सब जग सूना, दिल का दर्द न जाने दूयार बिना सब जग सूना, दिल का दर्द न जाने दूना। — अमीर ख़ुसरो1 Oct 2026 पढ़ें →
काव्यरसखान: मूँड़ मुँड़ाये हरि मिलैं, तो सब कोई मुँड़ामूँड़ मुँड़ाये हरि मिलैं, तो सब कोई मुँड़ाय। बार-बार मुँड़न फिरे, बार-बार बढ़ जाय। — रसखान25 Oct 2026 पढ़ें →
काव्यथॉमस एडिसन: पुस्तकें ज्ञान का सबसे उत्तम भंडार हैं, जोपुस्तकें ज्ञान का सबसे उत्तम भंडार हैं, जो मनुष्य को अज्ञान के अंधेरे से निकालती हैं। — थॉमस एडिसन12 Oct 2026 पढ़ें →