
पवित्रता, धैर्य और perseverance यानी
निरंतर प्रयास ही सफलता की कुंजी हैं।
— स्वामी विवेकानंद
स्वामी विवेकानंद की यह प्रेरणादायी पंक्ति जीवन में सफलता हासिल करने के तीन सबसे बड़े मूलमंत्र बताती है। उनके अनुसार, ‘पवित्रता’ यानी विचारों और कर्मों की निर्मलता व्यक्ति को अंदर से मजबूत बनाती है, ‘धैर्य’ मुश्किल समय में अडिग रहने की शक्ति देता है और ‘निरंतर प्रयास’ असफलता के बाद भी आगे बढ़ते रहने का जज़्बा पैदा करता है। एक महान संत और क्रांतिकारी विचारक होने के नाते विवेकानंद का मिजाज हमेशा युवाओं में ऊर्जा भरने, उन्हें आत्मविश्वासी बनाने और कर्मयोगी बनने की प्रेरणा देने वाला रहा है। उनकी वाणी में संतों सी गहराई और देश के उत्थान के लिए एक बेचैनी साफ झलकती है, जो सुनने वाले को झकझोर कर रख देती है।
आज के इस भागदौड़ और प्रतिस्पर्धा से भरे दौर में यह पंक्ति और भी अधिक प्रासंगिक हो गई है। आज की युवा पीढ़ी अक्सर शॉर्टकट अपनाकर रातों-रात सफल होना चाहती है, जिसके कारण वे थोड़ी-सी असफलता से ही तनाव और अवसाद का शिकार हो जाते हैं। ऐसे में, स्वामी जी का यह विचार हमें याद दिलाता है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। अगर जीवन में सच्चे अर्थों में मुकाम हासिल करना है, तो शुद्ध नीयत, मुश्किलों में संयम और बिना रुके लगातार मेहनत करने की आदत ही इंसान को शिखर पर पहुँचा सकती है।
स्वामी विवेकानंद की चुनी हुई पंक्तियाँ
स्वामी विवेकानंद के बारे में
स्वामी विवेकानंद (1863–1902) आधुनिक भारत के महान संत, आध्यात्मिक गुरु और प्रखर विचारक थे। उन्होंने 1893 के शिकागो सम्मेलन में अपने ओजस्वी भाषण से भारतीय दर्शन का डंका पूरे विश्व में बजाया। वे रामकृष्ण परमहंस के प्रिय शिष्य और युवाओं के सबसे बड़े प्रेरणास्रोत थे। पूरा परिचय और सभी विचार: स्वामी विवेकानंद — लेखक कोश।
ये भी पढ़ें
काव्यचार्ल्स डार्विन: जीवों का विकास इस बात पर निर्भर करता है किजीवों का विकास इस बात पर निर्भर करता है कि वे अपने बदलते परिवेश के साथ कितनी जल्दी खुद को ढाल पाते…25 Sep 2026 पढ़ें →
काव्यशरतचंद्र चट्टोपाध्याय: उपेक्षित और ठुकराए गए लोगों के आंसूउपेक्षित और ठुकराए गए लोगों के आंसू पोंछना ही सबसे बड़ा साहित्यकर्म है। — शरतचंद्र चट्टोपाध्याय17 Sep 2026 पढ़ें →
काव्यनेल्सन मंडेला: जब तक काम पूरा न हो जाए, वहजब तक काम पूरा न हो जाए, वह हमेशा असंभव ही लगता है। — नेल्सन मंडेला22 Sep 2026 पढ़ें →
काव्यहरिवंश राय बच्चन: दोनों हाथ जिसे दिखलाते हैं सूनापन, वेदोनों हाथ जिसे दिखलाते हैं सूनापन, वे दोनों हाथ समर्पित हैं तुझको हे जीवन! — हरिवंश राय बच्चन12 Sep 2026 पढ़ें →