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Income Tax Calculator

इनकम टैक्स कैलकुलेटर

नया रेजिम vs पुराना रेजिम — किसमें कम टैक्स लगेगा, तुरंत पता करें।

नया रेजिम
पुराना रेजिम

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इनकम टैक्स कैलकुलेटर: नया और पुराना टैक्स रेजिम क्या है

जब भी वित्त वर्ष (Financial Year) का अंत नजदीक आता है या नया बजट पेश होता है, तो हर वेतनभोगी और करदाता के मन में एक ही सवाल होता है—इस बार टैक्स कितना लगेगा? अपनी आय का सही अनुमान लगाने और टैक्स की सही गणना करने के लिए Income Tax Calculator सबसे बड़ा मददगार साबित होता है। इंटरनेट पर income tax calculator hindi की खोज करने वाले पाठकों के लिए यह समझना बेहद जरूरी है कि भारत में वर्तमान में कर व्यवस्था के दो विकल्प मौजूद हैं—नया टैक्स रेजिम (New Tax Regime) और पुराना टैक्स रेजिम (Old Tax Regime)।

भारत सरकार ने करदाताओं को यह छूट दी है कि वे अपनी वित्तीय स्थिति और निवेश के आधार पर इन दोनों में से किसी एक विकल्प को चुन सकते हैं। ध्यान रहे कि आयकर अधिनियम और बजट के नियमों के तहत टैक्स स्लैब, छूट और कटौतियों (Deductions) के नियम समय-समय पर बदलते रहते हैं, इसलिए किसी भी कैलकुलेटर का उपयोग करने से पहले वर्तमान वित्तीय वर्ष के नियमों की जानकारी अवश्य होनी चाहिए।

पुराना टैक्स रेजिम उन लोगों के लिए डिजाइन किया गया था जो भविष्य निधि (PF), बीमा, गृह ऋण और अन्य माध्यमों से बचत करते हैं और टैक्स छूट का लाभ उठाते हैं। इसके विपरीत, नया टैक्स रेजिम कम टैक्स दरों के साथ आता है, लेकिन इसमें अधिकांश पारंपरिक कटौतियों (जैसे 80C, 80D आदि) को समाप्त कर दिया गया है। आइए दोनों व्यवस्थाओं के टैक्स स्लैब को विस्तार से समझते हैं।

दोनों के स्लैब (टेबल)

भारत में इनकम टैक्स स्लैब (Income Tax Slabs) हर साल बजट में संशोधित किए जाते हैं। यहाँ दोनों कर व्यवस्थाओं के सामान्य स्लैब दिए जा रहे हैं। (नोट: कर दरें, सरचार्ज और सेस समय-समय पर वित्त मंत्रालय के नियमों के अनुसार बदलते रहते हैं।)

नया टैक्स रेजिम स्लैब (आमतौर पर लागू दरें):

आय की सीमा (रुपये में) टैक्स की दर (%)
शून्य से 3,00,000 तक0% (शून्य)
3,00,001 से 7,00,000 तक5% (लेकिन नई कर व्यवस्था में अक्सर Rebate के तहत 7 लाख तक की आय पर टैक्स शून्य हो जाता है)
7,00,001 से 10,00,000 तक10%
10,00,001 से 12,00,000 तक15%
12,00,001 से 15,00,000 तक20%
15,00,000 से अधिक30%

 

पुराना टैक्स रेजिम स्लैब (सामान्य नागरिक / 60 वर्ष से कम उम्र):

आय की सीमा (रुपये में) टैक्स की दर (%)
शून्य से 2,50,000 तक0% (शून्य)
2,50,001 से 5,00,000 तक5%
5,00,001 से 10,00,000 तक20%
10,00,000 से अधिक30%

किसे कौन सा फायदेमंद (आय के हिसाब से तुलना टेबल)

यह तय करना कि कौन सा रेजिम आपके लिए बेहतर है, आपकी कुल आय और आपके द्वारा किए जाने वाले निवेश पर निर्भर करता है। यदि आपके पास होम लोन का ब्याज, HRA, 80C और 80D के तहत बड़ा निवेश है, तो पुराना रेजिम फायदेमंद हो सकता है। यदि आपके पास कोई निवेश नहीं है, तो नया रेजिम बेहतर साबित होता है।

वार्षिक आय (रुपये में) कम निवेश (0-1.5 लाख तक) पर फायदेमंद अधिक निवेश (3 लाख से अधिक) पर फायदेमंद
7 लाख तकनया रेजिम (रिबेट के कारण टैक्स शून्य)नया रेजिम (टैक्स शून्य)
10 लाख से 12 लाखनया रेजिम (कम टैक्स दरें)पुराना रेजिम (कटौतियों के बाद टैक्स कम हो सकता है)
15 लाख या अधिकनया रेजिम (झंझट-मुक्त और कम दरें)पुराना रेजिम (यदि डिडक्शन का दायरा बहुत बड़ा है)

स्टैंडर्ड डिडक्शन

स्टैंडर्ड डिडक्शन (Standard Deduction) वेतनभोगी कर्मचारियों (Salaried Employees) और पेंशनभोगियों के लिए एक निश्चित छूट है, जिसे बिना किसी निवेश के सीधे कुल आय से घटा दिया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य नौकरीपेशा वर्ग को राहत देना है।

80C, 80D, HRA, होम लोन ब्याज

पुराने टैक्स रेजिम के तहत टैक्स बचाने के लिए ये सबसे बड़े हथियार माने जाते हैं। इनके माध्यम से आप अपनी taxable income को काफी हद तक कम कर सकते हैं:

टैक्स बचाने के 10 तरीके

अपनी कर योग्य आय को कानूनी रूप से कम करने और वित्तीय नियोजन को बेहतर बनाने के लिए आप निम्नलिखित 10 तरीकों अपना सकते हैं:

  1. PPF (पब्लिक प्रोविडेंट फंड) में दीर्घकालिक निवेश करें।
  2. ELSS (इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम) म्यूचुअल फंड के जरिए टैक्स बचत के साथ बेहतर रिटर्न पाएं।
  3. अपने और अपने परिवार के लिए व्यापक हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी लें (80D)।
  4. यदि आप किराए पर रहते हैं, तो सही रसीदें और पैन विवरण देकर HRA का दावा करें।
  5. होम लोन लेकर अचल संपत्ति में निवेश करें ताकि ब्याज और मूलधन दोनों पर छूट मिले।
  6. राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS - National Pension System) में अतिरिक्त योगदान करके अतिरिक्त कर लाभ (धारा 80CCD(1B)) प्राप्त करें।
  7. बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए किए जाने वाले लोन के ब्याज पर धारा 80E के तहत छूट लें।
  8. दान देने की आदत डालें और योग्य संस्थानों को दिए गए दान पर 80G के तहत छूट प्राप्त करें।
  9. दिव्यांग आश्रितों के चिकित्सा उपचार के लिए धारा 80DD का लाभ उठाएं।
  10. सेविंग बैंक खाते से मिलने वाले ब्याज पर धारा 80TTA/80TTB के तहत छूट का दायरा समझें।

ITR कब और कौन सा फॉर्म

आयकर रिटर्न (ITR - Income Tax Return) दाखिल करने की एक निश्चित नियत तिथि (Due Date) होती है, जो आम तौर पर बिना ऑडिट वाले मामलों के लिए 31 जुलाई होती है (हालाँकि सरकार इसे बढ़ा भी सकती है)। सही फॉर्म का चयन करना अत्यंत आवश्यक है:

TDS और फॉर्म 16

TDS (Tax Deducted at Source) वह कर है जो आपकी आय के भुगतान के समय ही काट लिया जाता है (जैसे वेतन, बैंक ब्याज आदि पर)।

रिफंड कब आता है

जब आप समय पर ITR फाइल कर देते हैं और विभाग द्वारा उसकी प्रोसेसिंग सफलतापूर्वक पूरी हो जाती है, तो यदि आपका कोई अतिरिक्त टैक्स कटा है, वह सरकार द्वारा आपके बैंक खाते में वापस भेज दिया जाता है जिसे 'टैक्स रिफंड' (Tax Refund) कहते हैं।

आम गलतियाँ

इनकम टैक्स कैलकुलेशन और ITR फाइलिंग के दौरान लोग अक्सर कुछ ऐसी गलतियाँ कर बैठते हैं जिन्हें टाला जाना चाहिए:

सॉल्व्ड उदाहरण (स्टेप-बाय-स्टेप गणना)

आइए एक काल्पनिक वेतनभोगी कर्मचारी (जिसकी वार्षिक आय 10,00,000 रुपये है) के उदाहरण से समझते हैं कि कैलकुलेटर कैसे काम करता है:

  1. कुल सकल आय (Gross Total Income): 10,00,000 रुपये
  2. स्टैंडर्ड डिडक्शन घटाएं: मान लीजिए 50,000 रुपये की मानक कटौती लागू है।
    आय बची: 10,00,000 - 50,000 = 9,50,000 रुपये।
  3. पुराने रेजिम के तहत निवेश (यदि कोई हो): मान लीजिए 80C में 1,50,000 रुपये और 80D में 25,000 रुपये का निवेश किया गया।
    कुल कटौती = 1,75,000 रुपये।
    कर योग्य आय (Taxable Income) = 9,50,000 - 1,75,000 = 7,75,000 रुपये।
  4. नए रेजिम के तहत: नए रेजिम में कोई अन्य कटौती नहीं मिलती, इसलिए कर योग्य आय 9,50,000 रुपये ही रहेगी (या नियमानुसार जो भी छूट हो)।
  5. टैक्स स्लैब लगाना: कैलकुलेटर इन कर योग्य आय पर दोनों प्रणालियों के स्लैब के अनुसार टैक्स की गणना करता है और सेस (Cess) जोड़कर अंतिम परिणाम दिखाता है कि आपके लिए कौन सा विकल्प सस्ता पड़ेगा।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

नया रेजिम कब फायदेमंद है?

जब आपकी कटौतियाँ (80C, HRA, बीमा) कम हों। ज्यादा कटौती वालों को पुराना रेजिम सस्ता पड़ सकता है।

क्या इसमें सेस शामिल है?

हाँ, 4% हेल्थ एंड एजुकेशन सेस जोड़ा गया है। यह अनुमान है, अंतिम हिसाब CA या आयकर पोर्टल से जाँचें।

स्टैंडर्ड डिडक्शन?

सैलरी वालों को दोनों रेजिम में स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलता है; ऊपर का हिसाब उसे शामिल करके दिखाता है।

समझना चाहते हैं पूरा विषय? पढ़ें: टैक्स और बचत