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11 Oct 2026 · awaraalfaz · 1 मिनट का पाठ
राशन कार्ड और आयुष्मान कार्ड कैसे बनवाएं: पूरी जानकारी
चित्र: CC BY-SA 3.0 — Department of food,Civil supplies and consumer affairs · Wikimedia Commons
एक नज़र में

  • राशन कार्ड से देश भर में सस्ती दर या मुफ्त अनाज (NFSA) मिलता है और आयुष्मान कार्ड से प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का मुफ्त इलाज मिलता है।
  • राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत पात्र परिवारों का आयुष्मान भारत (PM-JAY) योजना में अपने आप नाम आ जाता है।
  • अब आयुष्मान कार्ड का ऑनलाइन ई-केवाईसी (e-KYC) खुद Beneficiary Portal या आयुष्मान ऐप से घर बैठे मोबाइल द्वारा किया जा सकता है।
  • उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, झारखंड और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में राशन कार्ड का आवेदन खाद्य विभाग की राज्य वेबसाइट से होता है।
  • 70 साल या उससे अधिक उम्र के सभी वरिष्ठ नागरिकों को अब आय की सीमा के बिना आयुष्मान योजना का लाभ देने की व्यवस्था शुरू की गई है।

भारत सरकार और राज्य सरकारों द्वारा चलाई जाने वाली योजनाओं में राशन कार्ड और आयुष्मान भारत कार्ड दो सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज़ हैं। राशन कार्ड परिवार को खाद्य सुरक्षा (अनाज) और पहचान पत्र का अधिकार देता है, जबकि आयुष्मान कार्ड बीमारी के समय आर्थिक तंगी से बचाते हुए अस्पताल में मुफ्त इलाज की सुविधा प्रदान करता है। अगर आप अपने परिवार का नया राशन कार्ड बनवाना चाहते हैं या आयुष्मान कार्ड की सूची में अपना नाम जोड़कर कार्ड डाउनलोड करना चाहते हैं, तो इसकी प्रक्रिया अब बहुत आसान और पारदर्शी हो चुकी है।

1. भारत में राशन कार्ड और आयुष्मान कार्ड क्यों जरूरी हैं?

राशन कार्ड केवल सस्ते गेहूं या चावल प्राप्त करने का ज़रिया नहीं है, बल्कि यह एक बहु उपयोगी सरकारी पहचान पत्र है। भारत के लगभग सभी राज्यों (जैसे उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, झारखंड, छत्तीसगढ़ और दिल्ली) में राशन कार्ड का उपयोग पते के प्रमाण, आय प्रमाण पत्र बनवाने और विभिन्न सरकारी छात्रवृत्ति योजनाओं में किया जाता है। ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ (ONORC) लागू होने के बाद अब देश का कोई भी नागरिक किसी भी राज्य की सरकारी राशन दुकान से अपना राशन प्राप्त कर सकता है।

दूसरी तरफ, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में से एक है। इसके तहत पात्र परिवार को हर साल ₹5 लाख तक के मुफ्त इलाज की गारंटी मिलती है। इस योजना के तहत देश के हज़ारों सरकारी और सूचीबद्ध निजी (Empaneled Private) अस्पतालों में बिना नकद पैसा दिए (Cashless) गंभीर बीमारियों का इलाज कराया जा सकता है। राशन कार्ड में नाम दर्ज होना आयुष्मान कार्ड की पात्रता पाने का सबसे पहला और आसान रास्ता बनता है।

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अगर आप अपने परिवार की सुरक्षा और भविष्य का खाका तैयार कर रहे हैं, तो इन सरकारी योजनाओं का लाभ उठाना बहुत ज़रूरी है। जिस तरह लोग अपने वित्त प्रबंधन के लिए ऑनलाइन कैलकुलेटर का इस्तेमाल करते हैं (जैसे हमारे फ्री टूल्स पर वित्तीय गणनाएं की जाती हैं), उसी तरह स्वास्थ्य और राशन की सुरक्षा का यह सरकारी ढांचा हर परिवार का बजट बिगड़ने से बचाता है।

सुविधा / विशेषता राशन कार्ड (PDS / NFSA) आयुष्मान भारत कार्ड (PM-JAY)
मुख्य उद्देश्य खाद्य सुरक्षा (मुफ्त/सस्ता अनाज) और पहचान पत्र गंभीर बीमारियों में ₹5 लाख तक का मुफ्त इलाज
लागू एजेंसी राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA)
पात्रता आधार आय वर्ग (AAY, PHH, BPL/APL) SECC 2011 डेटाबेस और पात्र राशन कार्डधारक
कार्ड का प्रकार भौतिक/डिजिटल राशन बुक या नंबर डिजिटल प्लास्टिक/PVC आयुष्मान कार्ड
लाभार्थी क्षेत्र पूरे भारत में राशन दुकानों पर (ONORC) देशभर के सभी सूचीबद्ध सरकारी व प्राइवेट अस्पताल

2. राशन कार्ड के प्रकार और उनके लिए पात्रता मानदंड

भारत में अलग-अलग आय वर्ग और सामाजिक स्थिति के हिसाब से राशन कार्ड को मुख्य रूप से तीन श्रेणियों में बांटा जाता है। राज्य सरकारें अपने-अपने नियमों के अनुसार आय की सीमा तय करती हैं, जो आमतौर पर ₹1 लाख से ₹2.5 लाख प्रति वर्ष के बीच हो सकती है। यह दरें और मानदंड समय-समय पर राज्य सरकारों द्वारा संशोधित किए जाते हैं, इसलिए सही जानकारी के लिए अपने राज्य के खाद्य विभाग की आधिकारिक वेबसाइट देखें।

अंत्योदय अन्न योजना (AAY): यह कार्ड समाज के सबसे गरीब परिवारों के लिए जारी किया जाता है। जिन परिवारों की कोई स्थिर आय नहीं है, बुजुर्ग विधवाएं, या असहाय लोग इस श्रेणी में आते हैं। इस कार्ड पर प्रति परिवार हर महीने लगभग 35 किलोग्राम अनाज (गेहूं/चावल) बहुत ही कम दाम पर या मुफ्त दिया जाता है।

प्राथमिकता प्राप्त गृहस्थी (PHH / BPL): ऐसे परिवार जो गरीबी रेखा के नीचे आते हैं या जिनकी वार्षिक आय राज्य सरकार द्वारा निर्धारित सीमा से कम है, वे PHH श्रेणी में आते हैं। इसमें परिवार के प्रति सदस्य (Per Unit) 5 किलोग्राम अनाज देने का प्रावधान है।

गैर-प्राथमिकता या सामान्य कार्ड (Non-PHH / APL): जिन परिवारों की आय गरीबी रेखा से ऊपर है, उन्हें सामान्य राशन कार्ड दिया जाता है। यह कार्ड मुख्य रूप से निवास स्थान के प्रमाण और अन्य सरकारी कामों में पहचान पत्र के रूप में काम आता है।

3. आयुष्मान भारत योजना (PM-JAY) के लिए कौन पात्र है?

आयुष्मान कार्ड हर किसी नागरिक के लिए सीधे नहीं बनता, बल्कि इसके लिए सरकार ने कुछ निश्चित पैमाने तय किए हैं। शुरुआत में इसका आधार सामाजिक, आर्थिक और जाति जनगणना (SECC 2011) का डेटा था। लेकिन अब कई राज्यों ने अपने खाद्य सुरक्षा कार्ड (राशन कार्ड) के डेटा को आयुष्मान भारत योजना से जोड़ दिया है।

यदि आपके परिवार के पास अंत्योदय (AAY) राशन कार्ड है या फिर आपके PHH राशन कार्ड में 6 या उससे अधिक सदस्य दर्ज हैं, तो आपका नाम आयुष्मान योजना में आसानी से जुड़ जाता है। मध्य प्रदेश में ‘संबल योजना’, राजस्थान में ‘चिरंजीवी योजना’ (अब मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना), उत्तर प्रदेश में ‘मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना’ और बिहार में ‘बिहार राज्य स्वास्थ्य सुरक्षा समिति’ के माध्यम से लाखों अतिरिक्त परिवारों को इसमें शामिल किया गया है।

हाल ही में केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी बुजुर्गों को आयुष्मान भारत योजना के तहत ₹5 लाख तक के मुफ्त इलाज के दायरे में शामिल किया है। इसके लिए परिवार की आय का कोई बंधन नहीं रखा गया है। 70 साल से ऊपर के बुजुर्गों के लिए एक अलग ‘Senior Citizen Ayushman Card’ जारी किया जाता है।

4. राशन कार्ड बनवाने की ऑनलाइन और ऑफलाइन प्रक्रिया (Step-by-Step)

राशन कार्ड बनवाने के लिए अब आपको बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की ज़रूरत नहीं है। आप ऑनलाइन पोर्टल या नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC / Seva Kendra) के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। यहाँ हमने राशन कार्ड आवेदन की पूरी चरणबद्ध प्रक्रिया बताई है:

चरण 1: अपने राज्य के PDS पोर्टल पर जाएं

सबसे पहले अपने राज्य के खाद्य एवं असैनिक पूर्ति विभाग (Food & Civil Supplies Department) की आधिकारिक वेबसाइट खोलें। उदाहरण के लिए, UP में fcs.up.gov.in, बिहार में epds.bihar.gov.in, MP में rationmitra.mp.gov.in, या राष्ट्रीय पोर्टल nfsa.gov.in पर जाएं।

चरण 2: ‘New Ration Card Application’ चुनें

वेबसाइट पर ‘Citizen Corner’ या ‘Apply for Ration Card’ विकल्प पर क्लिक करें। अपना मोबाइल नंबर दर्ज करके OTP के माध्यम से रजिस्ट्रेशन पूरा करें।

चरण 3: परिवार के मुखिया का विवरण दर्ज करें

राशन कार्ड में आमतौर पर परिवार की वरिष्ठ महिला को ‘मुखिया’ बनाया जाता है। मुखिया का नाम, पिता/पति का नाम, जन्म तिथि, आधार नंबर और बैंक खाते का विवरण (IFSC कोड सहित) ध्यानपूर्वक भरें।

चरण 4: सदस्यों के नाम और दस्तावेज़ अपलोड करें

परिवार के अन्य सभी सदस्यों (पति, बच्चे, बहू आदि) के नाम और उनके आधार नंबर जोड़ें। इसके बाद पासपोर्ट आकार की फोटो, आधार कार्ड की कॉपी, आय प्रमाण पत्र और निवास स्थान का प्रमाण (बिजली बिल, पानी बिल या किरायानामा) PDF या JPEG प्रारूप में अपलोड करें।

चरण 5: रसीद (Acknowledgement Slip) प्राप्त करें और जमा करें

फार्म को फाइनल सबमिट करने के बाद एक रेफरेंस नंबर या रसीद मिलती है। इसे प्रिंट कर लें। कई राज्यों में इस रसीद और दस्तावेज़ों की फोटोकॉपी को ब्लॉक कार्यालय (Block Development Office) या तहसील में खाद्य आपूर्ति अधिकारी के पास जमा करना होता है। भौतिक सत्यापन (Physical Verification) के बाद 15 से 30 दिनों के भीतर राशन कार्ड जारी कर दिया जाता है।

5. आयुष्मान कार्ड (PM-JAY) ऑनलाइन कैसे बनाएं: पूरी गाइड

आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया को केंद्र सरकार ने ‘आयुष्मान ऐप’ (Ayushman App) और `beneficiary.nha.gov.in` पोर्टल के ज़रिए बहुत सरल बना दिया है। अब आप बिना किसी बिचौलिए के अपने मोबाइल फोन से ही कार्ड बना सकते हैं।

चरण ऑनलाइन प्रक्रिया (Beneficiary Portal / App) ऑफलाइन प्रक्रिया (CSC / अस्पताल)
1 beneficiary.nha.gov.in या Ayushman App खोलें नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC) या सूचीबद्ध अस्पताल जाएं
2 ‘Beneficiary’ मोड चुनें और मोबाइल नंबर से OTP पाएं ‘आयुष्मान मित्र’ (Ayushman Mitra) से मिलें
3 राज्य, योजना (PMJAY) और अपना राशन कार्ड/आधार नंबर डालें अपना आधार कार्ड और राशन कार्ड ऑपरेटर को दें
4 परिवार की सूची में अपना नाम देखें और ‘e-KYC’ विकल्प चुनें ऑपरेटर आपका नाम डेटाबेस में सर्च करेगा
5 Aadhaar OTP या Face Authentication से e-KYC पूरी करें फिंगरप्रिंट (बायोमेट्रिक) या आईरिस स्कैन से e-KYC होगी
6 स्वीकृति मिलते ही PDF डाउनलोड करके प्रिंट निकालें अनुमोदन के बाद केंद्र से प्रिंटेड कार्ड प्राप्त करें

आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आपके आधार कार्ड से आपका सक्रिय मोबाइल नंबर जुड़ा होना चाहिए। अगर मोबाइल नंबर लिंक है, तो आप केवल OTP दर्ज करके 2 मिनट में ई-केवाईसी पूरी कर सकते हैं। इसके अलावा आयुष्मान ऐप में ‘Face Authentication’ (चेहरा पहचानकर सत्यापन) की सुविधा भी है, जिससे बिना फिंगरप्रिंट मशीन के केवल मोबाइल कैमरे से चेहरा स्कैन करके सत्यापन किया जा सकता है।

6. आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज़ और ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया

चाहे आप राशन कार्ड के लिए आवेदन कर रहे हों या आयुष्मान कार्ड के लिए, कागजात का सही और अपडेट होना बहुत आवश्यक है। गलत या अधूरे कागजात के कारण अक्सर आवेदन रद्द हो जाते हैं। कागजी औपचारिकताओं को सही तरीके से पूरा करना ठीक उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि जीवन के अन्य बड़े फैसलों में योजना बनाना। आवेदन भरते समय होने वाली गलतियों से बचें, ठीक वैसे ही जैसे घर बनाते समय लोग गलतियाँ करते हैं और बाद में परेशानी उठाते हैं।

राशन कार्ड के लिए ज़रूरी दस्तावेज़:

आयुष्मान कार्ड के लिए ज़रूरी दस्तावेज़ और e-KYC:

आयुष्मान कार्ड के लिए आपको अलग से बहुत सारे कागज़ात जमा करने की ज़रूरत नहीं पड़ती। आपके पास केवल दो मुख्य चीज़ें होनी चाहिए: 1. आधार कार्ड और 2. राशन कार्ड या PM-JAY पत्र (Family ID)।

e-KYC की प्रक्रिया में जब आप पोर्टल पर अपना आधार नंबर डालते हैं, तो आपके आधार से पंजीकृत मोबाइल पर 6 अंकों का OTP आता है। OTP दर्ज करते ही आपका फोटो, नाम, पता और जन्म तिथि आधार सर्वर से खुद-ब-खुद ले ली जाती है। यदि डेटा में राशन कार्ड और आधार कार्ड का नाम मेल खाता है, तो सिस्टम स्वतः ही ‘Approved’ कर देता है और कुछ ही घंटों में कार्ड डाउनलोड के लिए उपलब्ध हो जाता है।

7. राशन कार्ड और आयुष्मान कार्ड आवेदन में होने वाली 5 बड़ी गलतियाँ

लाखों आवेदनों की समीक्षा के दौरान यह देखा गया है कि छोटी-छोटी असावधानियों के कारण लोगों के आवेदन खारिज (Reject) हो जाते हैं। इन 5 प्रमुख गलतियों पर विशेष ध्यान दें:

1. आधार और राशन कार्ड में नाम की वर्तनी (Spelling Mismatch): अगर आपके आधार कार्ड में नाम की स्पेलिंग (जैसे ‘Ramesh Kumar’) और राशन कार्ड या अन्य कागज़ में नाम की स्पेलिंग (‘Ramesh Chand’) अलग है, तो e-KYC फेल हो जाएगी। आवेदन से पहले दोनों जगह नाम और जन्मतिथि एक समान करवा लें।

2. आधार में मोबाइल नंबर अपडेट न होना: आयुष्मान कार्ड की ई-केवाईसी और राशन कार्ड OTP वेरिफिकेशन के लिए आधार से एक्टिव मोबाइल नंबर का लिंक होना अनिवार्य है। अगर आपका पुराना नंबर बंद हो चुका है, तो तुरंत नजदीकी आधार केंद्र जाकर नया नंबर अपडेट कराएं।

3. फर्जी या एक्सपायर आय प्रमाण पत्र अपलोड करना: कई लोग सालों पुराना आय प्रमाण पत्र लगा देते हैं। ध्यान रखें कि आय प्रमाण पत्र की वैधता 3 वर्ष की होती है। साथ ही तहसील द्वारा जारी असली डिजिटल प्रमाणपत्र ही लगाएं।

4. परिवार के छूटे हुए सदस्यों का नाम न जोड़ना: राशन कार्ड बनवाते समय नवजात शिशुओं (जन्म प्रमाण पत्र के साथ) और नई बहुओं (विवाह प्रमाण पत्र व आधार अपडेट के साथ) का नाम जोड़ना न भूलें। जितने अधिक सदस्य होंगे, अनाज का कोटा और आयुष्मान में नाम आने की संभावना उतनी ही बेहतर होगी।

5. गलत श्रेणी (Category) में आवेदन करना: यदि आपकी आय मध्यम वर्ग की है और आप अंत्योदय या BPL श्रेणी में आवेदन कर देते हैं, तो फील्ड वेरिफिकेशन (लेखपाल/राशन इंस्पेक्टर की जांच) के दौरान आपका आवेदन रद्द हो सकता है और कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।

8. कार्ड का स्टेटस कैसे चेक करें और शिकायत कहाँ दर्ज करें?

आवेदन जमा करने के बाद आप ऑनलाइन ही अपने आवेदन की स्थिति (Application Status) ट्रैक कर सकते हैं। राशन कार्ड का स्टेटस जांचने के लिए अपने राज्य के PDS पोर्टल पर जाएं और ‘Track Application Status’ या ‘राशन कार्ड आवेदन की स्थिति’ वाले विकल्प में अपना रेफरेंस नंबर दर्ज करें।

यदि आपने आयुष्मान कार्ड के लिए आवेदन किया है, तो ‘beneficiary.nha.gov.in’ पर लॉगिन करके अपनी फैमिली आईडी या आधार नंबर डालें। यदि कार्ड के आगे ‘Pending’ लिखा आ रहा है, तो इसका मतलब है कि संबंधित जिला अधिकारी (District Implementation Unit) के पास सत्यापन जारी है। ‘Approved’ होने पर वहीं से हरा ‘Download Card’ बटन एक्टिव हो जाएगा।

यदि आपका राशन कार्ड बिना वजह रद्द कर दिया गया है या राशन डीलर कम अनाज देता है, तो आप राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1967 पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा मोबाइल में ‘Mera Ration’ (मेरा राशन) ऐप डाउनलोड करके भी पास की राशन दुकान और अपने राशन के कोटे की जानकारी ले सकते हैं।

आयुष्मान भारत योजना से जुड़ी किसी भी समस्या, शिकायत या अस्पताल द्वारा मुफ्त इलाज से मना करने की स्थिति में आप टोल-फ्री नंबर 14555 या 1800-111-565 पर 24 घंटे शिकायत दर्ज करा सकते हैं। जीवन में किसी भी प्रशासनिक या व्यक्तिगत रुकावट के समय धैर्य रखना चाहिए; ऐसे मौकों पर प्रेरणा के लिए आप जीवन के प्रेरक विचार भी पढ़ सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या राशन कार्ड के बिना आयुष्मान कार्ड बन सकता है?

हाँ, यदि आपका नाम 2011 की सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना (SECC) की सूची में शामिल है, या आपके पास राज्य सरकार का स्वास्थ्य कार्ड है, या आपकी उम्र 70 वर्ष से अधिक है, तो बिना राशन कार्ड के भी आयुष्मान कार्ड बन सकता है। हालांकि, राशन कार्ड होना पात्रता साबित करने का सबसे सरल माध्यम है।

क्या 70 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए आयुष्मान कार्ड का अलग नियम है?

हाँ, केंद्र सरकार की नई नीति के तहत 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को आय या सामाजिक श्रेणी का विचार किए बिना आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रति वर्ष ₹5 लाख का मुफ्त इलाज कवर मिलता है। इनके लिए ‘Senior Citizen Ayushman Card’ अलग से जारी होता है।

राशन कार्ड में नया नाम जोड़ने में कितना समय लगता है?

ऑनलाइन आवेदन करने और संबंधित ब्लॉक/तहसील कार्यालय में ज़रूरी दस्तावेज़ (बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र या बहू का आधार/मैरिज सर्टिफिकेट) जमा करने के बाद आमतौर पर 15 से 30 दिनों के भीतर खाद्य निरीक्षक की जांच पूरी होने पर नया नाम जुड़ जाता है।

अगर आधार कार्ड में मोबाइल नंबर लिंक न हो तो ई-केवाईसी कैसे होगी?

यदि आधार से मोबाइल नंबर लिंक नहीं है, तो आप नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC) या सूचीबद्ध अस्पताल में बने आयुष्मान मित्र काउंटर पर जाकर बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट स्कैन) या आईरिस (आँख की पुतली का स्कैन) के ज़रिए e-KYC करवा सकते हैं। इसके अलावा आयुष्मान ऐप में ‘Face Authentication’ का प्रयोग भी किया जा सकता है।

क्या आयुष्मान कार्ड से देश के किसी भी अस्पताल में इलाज कराया जा सकता है?

आयुष्मान कार्ड केवल उन्हीं अस्पतालों में मान्य होता है जो योजना के तहत पंजीकृत (Empaneled) हैं। इसमें देशभर के सभी सरकारी अस्पताल और हज़ारों सूचीबद्ध प्राइवेट अस्पताल शामिल हैं। इलाज कराने से पहले अस्पताल के आयुष्मान मित्र डेस्क या आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अस्पताल की संबद्धता जांच लें।

राशन कार्ड ट्रांसफर या सरेंडर करने की क्या प्रक्रिया है?

यदि आप एक राज्य या शहर से दूसरे शहर जा रहे हैं, तो पुराने शहर के खाद्य आपूर्ति अधिकारी (DSO) कार्यालय में आवेदन देकर ‘Deletion Certificate’ या ‘Surrender Certificate’ प्राप्त करना होता है। इसके बाद नए स्थान के पते के प्रमाण के साथ नए राज्य के PDS पोर्टल पर नया कार्ड बनवाया जा सकता है।

आयुष्मान कार्ड डाउनलोड करने का सबसे आसान तरीका क्या है?

सबसे आसान तरीका ‘Ayushman App’ या `beneficiary.nha.gov.in` पर जाना है। वहाँ अपना मोबाइल नंबर डालकर OTP से लॉगिन करें, अपना आधार नंबर या राशन कार्ड नंबर दर्ज करें, e-KYC Approved कार्ड के सामने दिख रहे ‘Download’ बटन पर क्लिक करके PDF फाइल सेव कर लें।

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लेखकawaraalfaz

वाह वाह यार की संपादकीय टीम हिंदी में शिक्षा, पैसा-फाइनेंस, बिज़नेस, सरकारी योजनाओं और जीवन से जुड़ी जाँची-परखी जानकारी लिखती है। हर लेख आधिकारिक स्रोतों से मिलाकर और आसान भाषा में तैयार किया जाता है।

प्रकाशित: 11 October 2026 · अपडेट: 11 October 2026 · हमारे बारे में · संपर्क

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