
इसी नारे से पूरे बगोदर मे एक नई उम्मीद उठी हुई है बगोदर की जनता से जब हमारे टीम ने बात की तो यहाँ के जनता ने बताया की इस बार बगोदर मे बदलाव होगी, हम 30 सालों से ये उम्मीद मे थे की हमारे नेतृत्व के लिए कोई आए जो हमारे लिए आवाज उठाए और इस ताना शाही और परिवारवाद से बगोदर के जनता को बाहर करे जो की अब कही न कही ये लग रहा की डॉ सलीम अंसारी के आने से यहाँ बदलाव होगा क्यों की डॉ सलीम अंसारी साहब हर धर्म और जाति के लिए हमेशा खड़े रहते हैं उनका धर्म ही सेवा का है, इसी कारणों से बगोदर की जनता उनसे बहुत उम्मीद लगाए हुए हैं।

क्यों जरूरी है बगोदर विधानसभा मे बदलाव
हमारी टीम से बात करते हुए बगोदर की जनता ने बताया की झारखंड अलग राज्य बनने के बाद अब तक पूरे झारखंड राज्य में हर दल कि सत्ता में परिवारवाद शुरू हो गया और इस परिवारवादी सत्ता का उधारण बगोदर विधानसभा को कह सकते है और झारखंड के लगभग लगभग विधानसभा और लोकसभा का यही हाल है. वैसे ही बगोदर विधानसभा भी एक ही परिवार के 30 सालों से बगोदर विधानसभा मे राज करते आ रही है। बगोदर विधानसभा मे 95% पिछड़े वर्ग और अति पिछड़े वर्ग की आबादी है, पर बगोदर विधानसभा के नेतृत्व वो कर रहे है जिनकी आबादी पूरे बगोदर विधानसभा मे सिर्फ 5% है।

जनता का कहना है यहाँ कि जनता है बेहाल
ब्लॉक हो या अंचल यहाँ अधिकारियोंं की मनमानी और रिश्वत खोरी चरम पर है।
आए दिन बगोदर की सड़को पर अवैध पत्थर लदे हाईवा से लोगो की सड़क दुर्घटना मे जान जाती है, आए दिन चोरी की घटना सामने आती है, अवैध नकली दारू के ठेके मिलते रहते हैं।
इतने अपराधिक घटना बगोदर मे घटती है तब भी यहाँ के सत्ता धारी विधायक जी को इन सब बातो से फर्क नही पड़ता।
हमारी टीम ने बगोदर के कई गांव मे यहाँ के विधायक के प्रति आक्रोश देखा और सभो का यही कहना था की अब यहाँ बदलाव होना बहुत जरूरी है।
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