
झारखंड अलग राज्य के सपनों को हरहाल में साकार करने के लिए झारखंड के मुस्लिम समुदाय हर लड़ाई लड़ने को तैयार : रिजवान अखतर

- आदिवासी मूलवासी अल्पसंख्यक समुदाय मिलजुल कर झारखंड अलग राज्य के सपनों को साकार करेंगे
- हम मुस्लिम अपने राज्य के सुख दुख का समान रूप से सामना करेंगे।
तोपचॉची /धनबाद: डुमरी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत 19 जनवरी 2023 को नावाडीह के सुरही में मुस्लिम समुदाय की एक अति आवश्यक बैठक तैयब शेख जिला परिषद सदस्य बिशुनगढ़ की अध्यक्षता में हुई।
इस बैठक के मुख्य अतिथि के रुप में 1932 खतियान के क्रांतिकारी रिजवान अख्तर उपस्थित थे। बैठक का संचालन मंसूर आलम ने की। इस बैठक को संबोधित करते हुए रिजवान क्रांतिकारी ने कहा कि अब राज्य के खतियानी मुस्लिम एकजुट हो रहे हैं।
रिजवान क्रांतिकारी ने क्या कहा?
1932 खतियान की लड़ाई अब हम सब मुस्लिम भाई मिलकर लड़ेंगे। जिसके लिए वृहद रूप से तैयारी चल रही है, और जल्द ही राज्य स्तरीय बैठक रांची में बुलाई जाएगी, और नए झारखंड के सपनों को साकार करने के लिए हम मुस्लिम अपने राज्य के सुख दुख का समान रूप से सामना करेंगे। खतियान की लडाई हम सभों की लडाई है इस लडाई को मजबूती से लड़ने के लिए हर वर्ग का फ़र्ज़ है के इस लडाई में अपना योगदान दें।

मुस्लिम समुदाय को 1932 खतियान की लड़ाई में आगे आना होगा
इस अवसर पर 7 जिला के लोग मौजूद थे। रिजवान क्रांतिकारी ने आगे कहा कि झारखंड अलग राज्य बनाने में मुस्लिम समुदाय ने भी अहम भूमिका निभाई है। झारखंड अलग राज्य का सपना साकार करने और अलग झारखंड राज्य के उद्देश्य की प्राप्ति के लिए सभी मुस्लिम समुदाय को 1932 खतियान की लड़ाई में आगे आना होगा, वहीँ रिज़वान ने कहा की हम सब झारखंडी मुस्लिम, कुड़मी आदिवासी दलित मूलवासी को एक होकर लड़ना होगा, आगे रिज़वान ने कहा की झारखंडियों की बस एक ही पहचान है वो है 1932 खतियान, और राज्य में स्थानीय और नियोजन निति भी सिर्फ सिर्फ 1932 खतियान के आधार पर बने वरना आने वाले समय में हमलोग जन जागरण आन्दोलन करेंगे राज्य और केंद्र सरकार के खिलाफ। झारखंड के एक एक लोग तक जायेंगे और कहेंगे की वोट उसी पार्टी को देना जो हमारे हक़ अधिकार के लिए निति बनाएगा।

आदिवासी मूलवासी अल्पसंख्यक समुदाय मिलजुल कर झारखंड अलग राज्य के सपनों को साकार करेंगे। इस अवसर पर 1932 खतियान अभियान को आगे ले जाने के लिए बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग उपस्थित थे।
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