
आज 16 अगस्त 2022 को मणिपुर हिंसा के कारण मणिपुर से जान बचाकर सिमडेगा लौटे सेलेस्टीन बाड़ा के परिवार से सम्पूर्ण भारत क्रांति पार्टी के झारखण्ड प्रदेश के नेता तथा ऑल इंङिया क्रिश्चियन माईनोरिटी फ्रंट के स्टेट कोर्डिनेटर प्रवीण कच्छप ने मुलाकात कर राशन तथा आर्थिक सहयोग किया।

- श्री कच्छप ने कहा कि सेलेस्टीन बाङा के परिवार को रोजगार मुहैय्या करने का प्रयास कर रही है।
- कुछ क्षण बिताने के बाद अचानक परिवार के लोग भायुक हो गए
- जस्टीन बेक ( पूर्व जिला परिषद सदस्य ) ने कहा कि सेलेस्टीन बाड़ा के परिवार के साथ हैं
सिमडेगा, झारखंड: सम्पूर्ण भारत क्रांति पार्टी के झारखण्ड प्रदेश के नेता प्रवीण कच्छप ने कहा कि पार्टी जाति, धर्म, लिंग भेद, समुदाय से ऊपर उठकर दलित, शोषित, मजदूर, किसान के साथ खड़ी है तथा मणिपुर की घटना पर मर्माहत हैं। सेलेस्टीन बाङा के परिवार के लिए जिला प्रशासन द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना करते हैं। इस विषय पर सरकार को और सकारात्मक पहल करने की आवश्यकता है। वहीं ऑल इंङिया क्रिश्चियन माईनोरिटी फ्रंट के स्टेट कोर्डिनेटर के तौर पर श्री कच्छप ने कहा कि क्रिश्चियन माईनोरिटी फ्रंट सेलेस्टीन बाङा के परिवार के वयस्क सदस्यों को रोजगार मुहैय्या कर परिवार को सुव्यवस्थित करने का प्रयास कर रही है। और परिवार के साथ हमेशा खड़ी है।

यह भी पढ़ें: सुभाष चंद्र बोस, आज भी इनकी मृत्यु एक रहस्य क्यों बनी हुई है?
कुछ क्षण बिताने के बाद अचानक परिवार के लोग भायुक हो गए
कुछ क्षण बिताने के बाद अचानक परिवार के लोग भायुक होकर उन लोगों ने बतलाया कि मणिपुर की स्थिति बहुत ही भयावह है, लोग डर के साए में जी रहे हैं, घर जलाया जा रहा है, एक दूसरे के लिए प्यार नफरत में बदल गया है। रोजी रोजगार और खाने पीने के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। अनजाने भय के साए में इन लोगों ने कई-कई रातें जागकर गुजारे हैं। ये सरकार से गुहार लगा रहे हैं की जल्द शांति बहाल हो और जीवन पहले की तरह सामान्य तरीके से शुरू हो। न किसी की केंद्र सरकार सुन रही है और न ही मणिपुर की सरकार कोई ढोस कदम उठा रही है. आगे कुछ परिवार के सदस्य ने कहा वहां सही में आदिवासियों के साथ शोषण और अत्याचार एक सोची समझी साजिस की तरह चल रहा है।
हर सहाययता करने के लिए तैयार
मौके पर निल जस्टीन बेक ( पूर्व जिला परिषद सदस्य ) ने कहा कि सेलेस्टीन बाड़ा के परिवार के साथ हैं इन्हें झारखंड में किसी से डरने की जरुरत नहीं है और इनके बच्चों के भविष्य के लिए कुछ बेहतर करने की कोशिश कर रहे हैं।
इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्त्ता अगुस्टीना सोरेंग भी मौजूद रहीं।

यह भी पढ़े:
- आजादी के 76 वर्ष: क्या कानून सब के लिए बराबर है?
- सत्ता में हिस्सेदारी लेने के लिए पसमांदा आंदोलन को मजबूत करना होगा – डॉ कलीम अंसारी !
- नेल्सन मंडेला के कुछ ऐसी बातें जो लोगों को प्रेरित करती है?
ये भी पढ़ें
World NewsG20 Summit 2023: G20 क्या है? जाने इनसे जुडी सारी बातें9 और 10 सितंबर को भारत में G20 सम्मेलन (G20 Sammelan) का महा आयोजन होना है. जाने इस आर्जीटिकल में-20 के बारे…8 Sep 2023 पढ़ें →
खबरें और समाजParasnath News: पहाड़ आदिवासियों का पारंपरिक धर्म स्थल जो प्राचीन काल से है.पारसनाथ मधुबन, पीरटांड़ गिरिडीह - दिनांक 10.01.2023 को मारांग बुरू संवता सुसर वैसी एवं अन्य आदिवासी समाजिक संगठनों द्वारा मधुबन, पारसनाथ में…11 Jan 2023 पढ़ें →
Politicsशरद यादव इंजीनियरिंग में गोल्ड मेडलिस्ट से लेकर राजनीतिक सफर की कुछ बातेंJDU के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव ने दुनिया को कहा अलविदा, 75 वर्ष की आयु में निधन JDU के पूर्व अध्यक्ष शरद…12 Jan 2023 पढ़ें →
National Newsआदिवासियों को आखिर क्यों विभाजित करना चाहते हैं ये लोग?विरोध महारैली - झारखंड क्रिश्चियन यूथ एसोसिएशन के तत्वाधान में दिनांक 15 जनवरी 2023 को रांँची के गोस्सनर थियोलॉजिकल कॉलेज मैदान से…22 Jan 2023 पढ़ें →