
शरद यादव (Sharad Yadav) का 75 साल की उम्र में निधन हो गया है. 12 जनवरी 2023 की रात में गुरुग्राम के फोर्टिस अस्पताल में उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली. काफी वक़्त से बीमार थे शरद यादव और उनका इलाज भी चल रहा था. लेकिन गुरुवार 12 जनवरी 2023 को उन्होंने संस्कार को अलविदा कह दिया.

शरद यादव की निजी जिंदगी पर प्रकाश डाले तो बता दें कि उनका जन्म 1947 को मध्यप्रदेश के होशंगाबाद का एक गांव में हुआ था. शरद यादव कॉलेज की पढ़ाई के समय से राजनीति में दिलचस्पी रखने लगे थे और उन्होंने सन 1971 में जबलपुर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की. आप जानते होंगे की शरद यादव ने सक्रिय राजनीति में 1974 में कदम रखा था. वे 1974 में MP की जबलपुर लोकसभा सीट से पहली बार सांसद चुने गए थे.
यह भी पढ़े: शरद यादव इंजीनियरिंग में गोल्ड मेडलिस्ट से लेकर राजनीतिक सफर की कुछ बातें
शरद यादव ने पुलवामा हमले के समय केंद्र सरकार को दोषी बताया था,
“लोकतांत्रिक जनता दल (एलजेडी) के नेता शरद यादव ने पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों के काफिले पर हुए आतंकी हमले के लिए भारत सरकार को जिम्मेदार ठहराया था।”
वही, जम्मू-कश्मीर की स्थिति पर पुलवामा आतंकी हमले के बाद यादव ने कहा था, “समस्या हर सरकार के साथ होती है। पाकिस्तान के पक्ष के लिए समस्या है, लेकिन भारत सरकार भी हमले के लिए जिम्मेदार है क्योंकि उनके पास खुफिया जानकारी थी।
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूह जैश-ए-मोहम्मद द्वारा किए गए आतंकवादी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे।
एलजेडी सुप्रीमो ने कहा था, ‘हम सरकार और अपने देश के साथ खड़े हैं। मैं कहना चाहता हूं कि देश में शांति होनी चाहिए’ जहां 72 प्रतिशत लोगों ने मतदान किया। उस शांति को क्यों भंग किया गया, इसकी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है।
उसी समय दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के इस बयान के बारे में पूछे जाने पर कि अगर हिटलर और शाह सत्ता में आते हैं तो “वे संविधान बदल देंगे”,
शरद यादव ने कहा था, “इसमें कोई संदेह नहीं है कि उन्होंने (भाजपा सरकार) संवैधानिक संस्थानों को नष्ट कर दिया है।लोगों को इस तरह का संदेह है। शरद यादव आगे कहते है लो इसीलिए मैंने सबसे पहले यह मुद्दा उठाया है।
शरद यादव कहते है की अघोषित आपातकाल के इस दौर में संविधान खतरे में है।
राजद नेता तेजस्वी यादव द्वारा अपने बंगले पर खर्च किए गए धन की गहन जांच पर यादव ने कहा था, “लोगों को अपने अपने व्यवसाय पर ध्यान देना चाहिए। इस तरह की दबाव बंद होना चाहिए। मुझे पता है कि दूसरे क्या कर रहे हैं। अगर वे इस पर अधिक बात करते हैं, तो मैं उनके गतिविधियों को उजागर करूंगा।
यह भी पढ़े
- क्यों आदिवासी समाज पारसनाथ पहाड़ को अपना धार्मिक स्थल बता रहे है?
- झारखंडी भाषा खतियान संघर्ष समिति के नेता जयराम महतो ने कहा “आदिवासी मूलवासी को नक्सली के नाम पर उनकी हत्या तक की जाती है
ये भी पढ़ें
National Newsदिसंबर में 16 माह के उच्चतम स्तर पर देश में बेरोज़गारी दर पर पहुंची: सीएमआईईCMIE के आंकड़ों से पता हमे चलता है कि शहरी क्षेत्रों में बेरोजगारी दर दिसंबर 2022 में बढ़कर 10.09% हो गई, जो…4 Jan 2023 पढ़ें →
National Newsक्यों कांग्रेस से नाराज है पसमांदा मुस्लमान ?कांग्रेस पार्टी अभी हाल के विधानसभा चुनावों में राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ हार गई, इन तीन राज्यों में दो राज्य में कांग्रेस की…10 Dec 2023 पढ़ें →
Politicsइस मुल्क में फैमिली पॉलिटिक्स बहुत पुरानी बात है…फैमिली पॉलिटिक्स बहुत पुरानी बात है इस मुल्क में, मुगलों के दौर में, अंग्रेजों के दौर में, आजादी के बाद भी यही…12 Dec 2023 पढ़ें →
खबरें और समाजJharkhand News: झारखंड सरकार जातीय जनगणना जल्द कराये: AIPMM अध्यक्ष डा. कलीम अंसारीबड़े धूमधाम से मनाया गया शेख भिखारी अंसारी और टिकैत उमराव सिंह का शहादत दिवस। शहादत दिवस पर आल इंडिया पसमांदा मुस्लिम…9 Jan 2023 पढ़ें →