
हर इंसान के भीतर एक संपूर्ण ब्रह्मांड
और एक अंतहीन संघर्ष छिपा है।
— गजानन माधव मुक्तिबोध
गजानन माधव मुक्तिबोध हिंदी साहित्य के अत्यंत प्रखर और आत्मचिंतनशील कवि हैं। यह पंक्ति मनुष्य की असीम आंतरिक क्षमता और उसके भीतर चलने वाले मानसिक द्वंद्व को दर्शाती है
गजानन माधव मुक्तिबोध की चुनी हुई पंक्तियाँ
ज्ञान वह पैनी धार है, जो अन्याय की हर दीवार को चीर सकती है।
अभिव्यक्ति के खतरे उठाने ही होते हैं, यदि जीवित रहना है।
प्यार केवल एक अहसास नहीं, यह अन्याय के खिलाफ एक बड़ी बगावत है।
समय रेत की तरह मुट्ठी से फिसलता है, पर अपने पीछे गहरे निशान छोड़ जाता है।
समाज की इस बेढंगी चाल में, हर संवेदनशील व्यक्ति को टूटना ही पड़ता है।
कविता केवल शब्दों का खेल नहीं, बल्कि एक कठिन वैचारिक साधना है।
ईमानदारी का रास्ता सबसे कठिन है, लेकिन अंततः वही आत्मिक शांति देता है।
गजानन माधव मुक्तिबोध के बारे में
गजानन माधव मुक्तिबोध हिंदी के महान और प्रगतिशील कवि, आलोचक तथा विचारक थे। वे 'तार सप्तक' के प्रमुख कवियों में शामिल हैं और 'अंधेरे में' उनकी अत्यंत प्रसिद्ध लंबी कविता है। पूरा परिचय और सभी विचार: गजानन माधव मुक्तिबोध — लेखक कोश।
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