
मौलिकता बाहरी दुनिया के शोर से दूर, शांत एकांत
वातावरण में ही सबसे बेहतर फलती-फूलती है।
— निकोला टेस्ला
महान आविष्कारक और द्रष्टा निकोला टेस्ला की यह पंक्ति सर्जनात्मकता के उस गूढ़ सत्य को उजागर करती है, जहाँ नए और मौलिक विचार जन्म लेते हैं। यह पंक्ति बताती है कि
निकोला टेस्ला की चुनी हुई पंक्तियाँ
स्थायी शांति केवल सार्वभौमिक शिक्षा, ज्ञान और मानवीय चेतना के विस्तार से ही संभव है।
हमारे गुण और दोष बल और पदार्थ की तरह अभिन्न हैं, उनका पृथक्करण ही अस्तित्व का अंत है।
यदि आपके पास महान विचार हैं, तो उन्हें अकेले में विकसित करें, क्योंकि भीड़ में भटकाव होता है।
सच्चा आनंद किसी नई खोज को करने और उसके जरिए समाज का भला होते देखने में निहित है।
मेरा मस्तिष्क केवल एक प्रापक है, ब्रह्मांड में एक केंद्र है जहाँ से हमें ज्ञान और प्रेरणा मिलती है।
एक महान आविष्कारक वह है जो भविष्य को वर्तमान की तरह स्पष्ट रूप से देख सकता है।
जब मैं अपने अतीत को देखता हूँ, तो पाता हूँ कि सूक्ष्म घटनाएँ ही हमारे भाग्य का निर्माण करती हैं।
निकोला टेस्ला के बारे में
निकोला टेस्ला (1856–1943) एक महान आविष्कारक, भौतिकविद् और इलेक्ट्रिकल इंजीनियर थे। उन्हें आधुनिक एसी (AC) विद्युत आपूर्ति प्रणाली के डिज़ाइन के लिए सबसे ज्यादा जाना जाता है। उनके अद्वितीय वैज्ञानिक कार्यों ने बीसवीं सदी की तकनीकी क्रांति की नींव रखी। पूरा परिचय और सभी विचार: निकोला टेस्ला — लेखक कोश।
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