
इस सीट पर जगरनाथ महतो की पत्नी झामुमो की टिकट पर चुनाव लड़ी। आजसू की यशोदा देवी समेत पांच उम्मीदवार मैदान में थे। करीब दो दशक तक इस विधानसभा सीट पर जगरनाथ महतो का वर्चस्व रहा है।

Dumri Upchunav Voting Result 2023: डुमरी उपचुनाव के परिणाम सामने है बेबी देवी ने लगभग 14190 वोटों से NDA की यशोदा देवी को हराया। जीत के बाद बेबी देवी ने कहा “यह जनता की जीत है”। मैं जगरनाथ महतो जी सारे अधूरे काम को पूरा करूंगी।
वहीं इससे पहले डुमरी उपचुनाव के शुरुआती रुझानों में इंडिया गठबंधन और एनडीए के उम्मीदवार के बीच लगातार कांटे की टक्कर देखने को मिल रही थी. रुझानों में पहले यशोदा देवी आगे चल रही थीं। वहीं उसके बाद कई राउंड तक यशोदा देवी ने ही बढ़त बनाए रखी थी। वही इंडिया गठबंधन की JMM उम्मीदवार बेबी देवी 18वें राउंड के बाद बढ़त के साथ आगे चलने लगी। बेबी देवी को 22वें राउंड में 93306 वोट मिले थे, जबकि वही यशोदा देवी को 78033 मत प्राप्त हुए थे। वहीं AIMIM उम्मीदवार को 3419 वोट मिले थे।
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16 टेबल मतगणना के लिए बनाए गए थे और 24 राउंड में पूरी हुए मतगणना
Dumri By Election Result से पहले पोस्टल बैलेट की काउंटिंग की गयी। इसके बाद ईवीएम को गिनती के लिए लाया गया। मतगणना शुरू होने के एक घंटे के बाद से ही यशोदा देवी रूझान आने लगे थे। 24 राउंड में पूरी मतगणना होने के बाद बेबी देवी की जीत तय हो गयी । प्रत्येक राउंड में यशोदा देवी आगे आगे रही लेकिन 18वें राउंड के बाद बेबी देवी की बढ़त जारी रही। मतगणना हॉल में इसके लिए 16 टेबल बनाए गए थे। एक टेबल ईटीपीबीएस के लिए उपलब्ध था। एक आरओ का टेबल था, जिस पर पोस्टल बैलेट की भी गिनती हुई थी।
साल 2019 के डुमरी चुनाव में भाजपा के प्रदीप साहू को 36,013 वोट मिले थे।वही यशोदा देवी के वोट में प्रदीप साहू के वोट को जोड़ दिया जाय तो यह आंकड़ा 72,853 होता है जबकि वही दिवंगत जगरनाथ महतो को 71128 वोट मिले थे। इस सीट पर स्वर्गीय जगरनाथ महतो की पत्नी ने जीत हासिल करके यह साबित कर दिया कि अब भी इस सीट पर स्वर्गीय जगरनाथ महतो का असर है और 1932 खतियान की जीत है।
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भाग्य के लिए 6 लोगों ने अपनाया था अपना किस्मत लेकिन जीत बेबी देवी के नाम
बेबी देवी, इंडिया गठबंधन समर्थित झामुमो प्रत्याशी
यशोदा देवी, एनडीए समर्थित आजसू पार्टी प्रत्याशी
अब्दुल मोबिन रिजवी, एआईएमएआई
कमल प्रसाद साहू, निर्दलीय प्रत्याशी
नारायण गिरि, निर्दलीय प्रत्याशी
रोशन लाल तुरी, निर्दलीय प्रत्याशी

कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर लिखने लगे है ये JMM और इंडिया गठबंधन की जीत नही है ये स्वर्गीय जगरनाथ महतो और 1932 खतियान की जीत है और कुछ लोगों ने लिखा टाइगर जिन्दा है। वही सोशल मीडिया पर बहुत सारे लोग लिख रहें “1932 जीत गया और 1985 वाला हार गया” ये लाइन भी ट्रेंडिंग में है।
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