
AIPMM JHARKHAND के प्रदेश अध्यक्ष रज़ाउल हक़ अंसारी ने कहा जो राजनीतिक दल पसमांदा समुदाय को आबादी अनुसार अनुपातिक प्रतिनिधित्व देगी संगठन उसी दल को विधानसभा चुनाव मे समर्थन देगी।

ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज़ झारखंड के नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष कॉमरेड रज़ाउल हक़ अंसारी ने कहा कि जयराम कुमार महतो की नेतृत्व वाली पार्टी झारखंडी भाषा खतियान संघर्ष समिति ने जिस तरह से पिछले लोकसभा चुनाव में इकलाख अंसारी को धनबाद लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाकर पसमांदा मुस्लिम समुदाय को नेतृत्त्व देने का काम किया था वो सराहनीय कदम था। साथ ही जयराम कुमार महतो ने कहा था कि वो सामाजिक न्याय की राजनीति में विश्वास करते है सभी शोषित एवं वंचित वर्गों का पार्टी में ख्याल रखा जाएगा। इसके विपरित झारखंड में इंडिया गठबंधन (कांग्रेस + झामुमो + राजद + माले) ने पसमांदा समुदाय से किसी भी उम्मीदवार को टिकट नहीं दिया था। जिसका ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज़ की झारखंड इकाई ने चुनाव में विरोध किया था।
ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज़, झारखंड प्रदेश ने लोकसभा चुनाव में JBKSS/JLKM का समर्थन, समर्थन पत्र जारी कर किया था। झारखंड में अभी कुछ महीने बाद विधानसभा चुनाव होने वाला है। राज्य में तकरीबन 16-18 प्रतिशत आबादी पसमांदा मुस्लिम समुदाय की है।
AIPMM, JHARKHAND के प्रदेश अध्यक्ष कॉमरेड रज़ाउल हक़ अंसारी ने आगे कहा कि जो राजनीतिक दल पसमांदा समुदाय को आबादी अनुसार अनुपातिक प्रतिनिधित्व देगी, संगठन विधानसभा चुनाव में उसी पार्टी का समर्थन करेगी। झारखंड में पसमांदा समुदाय को कोई भी पार्टी टेकन फॉर ग्रांटेड न लें, हम किसी पार्टी के बंधुआ मजदूर नहीं है। अब पसमांदा समुदाय बगैर अनुपातिक हिस्सेदारी के किसी भी दल को वोट नहीं करेगी। जो राजनीतिक दल पसमांदा मुस्लिम समुदाय को टिकट नहीं देगी चुनाव में उसको सबक सिखाया जाएगा।
साथ ही कॉमरेड अंसारी ने कहा कि सेक्युलर राजनीतिक दलों का कोई आचार विचार नहीं रह गया है ये अपने पार्टी के मेनिफेस्टो और विचारधारा का रोज़ गला घोटते है। ये सत्ता सुख के लिए विपरीत विचारधारा वाले राजनीतिक दलों से खुशी खुशी से गठबंधन कर लेते है। अंत में कॉमरेड अंसारी ने कहा मौजूदा दौर मे जातियों के गणित और जोड़ तोड़ को सामाजिक न्याय की राजनीत का नाम दिया जाता है, इन पार्टियों के अंदर कोई आंतरिक लोकतंत्र नहीं होता है, इन पार्टियों मे सुप्रीमोवाद और परिवारवाद की जकड़ मज़बूत होती है, साथ ही इनका ठेकेदारों से मधुर संबंध होते है।
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