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25 Sep 2026 · awaraalfaz · 1 मिनट का पाठ
चार्ल्स डार्विन: जीवों का विकास इस बात पर निर्भर करता है कि
चित्र: CC BY 4.0 — Vyacheslav Argenberg · Wikimedia Commons

जीवों का विकास इस बात पर निर्भर करता है कि वे अपने बदलते

परिवेश के साथ कितनी जल्दी खुद को ढाल पाते हैं।

— चार्ल्स डार्विन

चार्ल्स डार्विन की यह प्रसिद्ध वैज्ञानिक पंक्ति जीव-विज्ञान के उस मूल सिद्धांत को सरल शब्दों में बयां करती है जिसे ‘उत्तरजीविता का संघर्ष’ कहा जाता है। इसका सीधा सा अर्थ यह है कि प्रकृति में वही जीव और प्रजातियां जीवित रह पाती हैं जो समय के साथ अपनी आदतों, स्वभाव और शरीर में जरूरी बदलाव कर लेती हैं। डार्विन का मिजाज एक ऐसे जिज्ञासु और गंभीर अन्वेषक का था जो प्रकृति के हर छोटे-बड़े बदलाव को बेहद बारीकी से देखता था। वे रूढ़ियों से परे हटकर सिर्फ और सिर्फ ठोस सत्यों पर विश्वास करते थे, और उनकी यह बात इस बात का प्रमाण है कि वे परिवर्तन को ही संसार का सबसे बड़ा नियम मानते थे।

आज के दौर में इस पंक्ति का महत्व और भी ज्यादा बढ़ गया है। मनुष्य जीवन, कॉर्पोरेट जगत और सामाजिक बदलावों पर नजर डालें तो पाते हैं कि जो लोग या संस्थाएं नई तकनीकों, बदलते परिवेश और चुनौतियों के अनुसार खुद को नहीं ढालतीं, वे पीछे छूट जाती हैं। यह कथन हमें सिखाता है कि जीवन में ठहराव का मतलब पतन है। आधुनिक युग की तेज रफ्तार और अनिश्चितताओं के बीच आगे बढ़ने के लिए जरूरी है कि हम लचीलापन अपनाएं और हर बदलते हालात का सामना करने के लिए हमेशा तैयार रहें।

चार्ल्स डार्विन की चुनी हुई पंक्तियाँ

मनुष्य की उत्पत्ति का इतिहास प्रकृति के सबसे जटिल और अद्भुत रहस्यों में से एक है।
पृथ्वी पर जीवन का यह विशाल ताना-बाना इस बात का प्रमाण है कि हर छोटी से छोटी इकाई का अपना महत्व है।
प्रकृति के नियमों को समझकर ही मनुष्य अपनी समझ का दायरा बढ़ा सकता है।
जीवित रहने वाली प्रजाति सबसे ताकतवर नहीं होती, न ही सबसे बुद्धिमान होती है।
मनुष्य उन सभी प्राणियों का वंशज है जो कभी इस पृथ्वी पर जीवित रहे हैं।
मैंने अपने जीवन में यह समझा है कि एक घंटे का समय बर्बाद करने वाला व्यक्ति जीवन का मूल्य नहीं समझता।
बदलाव के प्रति सबसे अधिक अनुकूलन रखने वाली प्रजाति ही अंततः जीवित रहती है।

चार्ल्स डार्विन के बारे में

चार्ल्स डार्विन (1809–1882) एक महान ब्रिटिश प्रकृतिवादी और जीवविज्ञानी थे। उन्होंने जीव विज्ञान की धारा को हमेशा के लिए बदल दिया। विकासवाद का उनका सिद्धांत विज्ञान जगत की सबसे बड़ी क्रांतियों में से एक है। पूरा परिचय और सभी विचार: चार्ल्स डार्विन — लेखक कोश।

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लेखकawaraalfaz

वाह वाह यार की संपादकीय टीम हिंदी में शिक्षा, पैसा-फाइनेंस, बिज़नेस, सरकारी योजनाओं और जीवन से जुड़ी जाँची-परखी जानकारी लिखती है। हर लेख आधिकारिक स्रोतों से मिलाकर और आसान भाषा में तैयार किया जाता है।

प्रकाशित: 25 September 2026 · अपडेट: 25 September 2026 · हमारे बारे में · संपर्क

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