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12 Sep 2026 · awaraalfaz · 1 मिनट का पाठ
हरिवंश राय बच्चन: दोनों हाथ जिसे दिखलाते हैं सूनापन, वे
चित्र: CC BY 4.0 — Vyacheslav Argenberg · Wikimedia Commons

दोनों हाथ जिसे दिखलाते हैं सूनापन, वे

दोनों हाथ समर्पित हैं तुझको हे जीवन!

— हरिवंश राय बच्चन

हरिवंश राय बच्चन की यह अत्यंत मर्मस्पर्शी पंक्ति मनुष्य की मूल अकेलेपन और उसके बावजूद जीवन के प्रति अगाध समर्पण को बयां करती है। जब कवि कहता है कि दोनों हाथ सूनापन दिखाते हैं, तो वह जीवन की रिक्तता, असफलताओं और अंततः मृत्यु सत्य की ओर संकेत करता है। इन पंक्तियों में बच्चन साहब का मिजाज स्पष्ट झलकता है, जो विरह और निराशा के बीच भी जीवन से भागते नहीं, बल्कि उसकी संपूर्ण जटिलता को खुले हाथों से गले लगाते हैं। उनकी यह स्वीकारोक्ति पलायनवाद के बिल्कुल विपरीत है; यह एक जुझारू और संवेदनशील मन का परिचायक है जो अभावों में भी जीवन का उत्सव मनाना जानता है और अपनी संपूर्णता में उसे स्वीकार करता है।

आज के इस आधुनिक और अति-व्यस्त दौर में, जहाँ इंसान भौतिकता की अंधी दौड़ में भीतर से अकेला और रिक्त महसूस करता है, यह पंक्ति एक गहरा दार्शनिक संदेश देती है। आज का मनुष्य सोशल मीडिया की चमक-दमक के पीछे अपनी मानसिक अकेलेपन को छिपाने की कोशिश करता है, जबकि बच्चन का यह काव्य हमें सिखाता है कि हम अपने खालीपन और कमजोरियों को स्वीकार करें। यह हमें प्रेरणा देता है कि हम जीवन से कोई शिकायत न करें, बल्कि इसके संघर्षों और सूनेपन को भी अपनाते हुए पूरी शिद्दत से जिएँ। यह समर्पण वस्तुतः जीवन के प्रति एक अटूट प्रेम और उसकी यथार्थता को बिना किसी शर्त के स्वीकार करने का साहस है।

हरिवंश राय बच्चन की चुनी हुई पंक्तियाँ

मैं का कायर क्रंदन नहीं, मैं तो विरह का वंदन हूँ
है दोनों हाथों में मधु का प्यारा, मन मतवाला है
निज पैरों पर चलना सीखो, मत पराया मुँह ताको तुम
पूर्व चलने के बटोही की पहचान कर लीने
जग का जो भी कुछ भार रहा, मैंने उसको कब प्यार रहा?
वैर कराते मंदिर-मस्जिद मेल कराती मधुशाला
मदिरालय जाने को घर से चलता है पीनेवाला
'बापू की कुटिया' कह लेता है उसको मतवाला!

हरिवंश राय बच्चन के बारे में

हरिवंश राय बच्चन हिंदी साहित्य के प्रख्यात और लोकप्रिय कवि थे। वे 'हालावाद' के प्रवर्तक और अपनी प्रसिद्ध रचना 'मधुशाला' के लिए अमर हो गए। उन्हें उनकी आत्मकथा और पद्म भूषण सम्मान के लिए भी विशेष रूप से जाना जाता है। पूरा परिचय और सभी विचार: हरिवंश राय बच्चन — लेखक कोश

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वाह वाह यार की संपादकीय टीम हिंदी में शिक्षा, पैसा-फाइनेंस, बिज़नेस, सरकारी योजनाओं और जीवन से जुड़ी जाँची-परखी जानकारी लिखती है। हर लेख आधिकारिक स्रोतों से मिलाकर और आसान भाषा में तैयार किया जाता है।

प्रकाशित: 12 September 2026 · अपडेट: 12 September 2026 · हमारे बारे में · संपर्क

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