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12 Sep 2026 · awaraalfaz · 1 मिनट का पाठ
महादेवी वर्मा: कला और साहित्य का उद्देश्य मानव
चित्र: CC BY 4.0 — Vyacheslav Argenberg · Wikimedia Commons

कला और साहित्य का उद्देश्य मानव

मन को परिष्कृत करना है।

— महादेवी वर्मा

महादेवी वर्मा की यह पंक्ति कला और साहित्य के मूल प्रयोजन को बहुत ही सहज और गहरे रूप में परिभाषित करती है। इसके अनुसार, साहित्य और कला केवल मनोरंजन या बौद्धिक विलास का साधन नहीं हैं, बल्कि उनका मुख्य उद्देश्य मनुष्य के अंतस को माँजना, उसकी संवेदनाओं को जगाना और उसके विचारों को अधिक उदार व मानवीय बनाना है। महादेवी जी का मिजाज छायावादी और करुणा से ओत-प्रोत था। वे मानती थीं कि साहित्यकार का हृदय समाज के सुख-दुख से स्पंदित होना चाहिए और उसकी रचनाओं में प्रेम, करुणा तथा सौंदर्य का ऐसा संगम होना चाहिए जो पाठक के मन के मैल को धोकर उसे एक बेहतर इंसान बना सके। उनकी दृष्टि में कला समाज को ऊंचा उठाने और संवेदनशील बनाने का एक माध्यम थी।

आज के इस भौतिकवादी और मशीनी युग में, जहाँ संवेदनशीलता घट रही है और मनुष्य केवल स्वार्थी उपलब्धियों के पीछे भाग रहा है, महादेवी जी की यह बात और भी अधिक प्रासंगिक हो जाती है। आज जब हिंसा, तनाव और अकेलापन बढ़ रहा है, तब साहित्य और कला ही वह संजीवनी हैं जो इंसान को फिर से इंसान बनना सिखा सकती हैं। यह पंक्ति हमें याद दिलाती है कि किसी भी रचना की सार्थकता इस बात में है कि वह हमारे भीतर के इंसान को जगाए रखे, हमें दूसरों के प्रति दयालु बनाए और हमारे मन को संकीर्णता से निकालकर विशालता की ओर ले जाए। यही सच्चा परिष्करण है जिसकी आज समाज को सबसे अधिक आवश्यकता है।

महादेवी वर्मा की चुनी हुई पंक्तियाँ

पंत जी का यह कोमल रूप, उनकी वाणी में भी स्पष्ट झलकता है।
सौंदर्य बाहरी आवरण नहीं, बल्कि आत्मा की आंतरिक चमक है।
नारी केवल अबला नहीं, वह सृजन और त्याग की जीवंत मूर्ति है।
मिलन का वही होता इतिहास, जिसका अंत वियोगी हो।
जीवन का अंतिम लक्ष्य सत्य और सौंदर्य की अनुभूति है।
स्मृतियां हमारे अतीत की वह थाती हैं जो कभी पुरानी नहीं होतीं।
दीप मेरे, जल अकेले! स्नेह भरा दीपक जला, तम को मिटा।

महादेवी वर्मा के बारे में

महादेवी वर्मा (1907–1987) हिंदी साहित्य की छायावादी युग की प्रमुख स्तंभ और महान कवयित्री थीं। उन्हें 'आधुनिक मीरा' कहा जाता है। उनकी रचनाओं में करुणा, रहस्यवाद और प्रकृति प्रेम का अनूठा संगम मिलता है। पूरा परिचय और सभी विचार: महादेवी वर्मा — लेखक कोश

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लेखकawaraalfaz

वाह वाह यार की संपादकीय टीम हिंदी में शिक्षा, पैसा-फाइनेंस, बिज़नेस, सरकारी योजनाओं और जीवन से जुड़ी जाँची-परखी जानकारी लिखती है। हर लेख आधिकारिक स्रोतों से मिलाकर और आसान भाषा में तैयार किया जाता है।

प्रकाशित: 12 September 2026 · अपडेट: 12 September 2026 · हमारे बारे में · संपर्क

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