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22 Sep 2026 · awaraalfaz · 1 मिनट का पाठ
फ़नीश्वरनाथ रेणु: रेणु जी ने अपनी रचनाओं में बिहार के पूर्णि
चित्र: CC BY 4.0 — Vyacheslav Argenberg · Wikimedia Commons

रेणु जी ने अपनी रचनाओं में बिहार के पूर्णिया जिले

के मेरीगंज क्षेत्र की जीवंत तस्वीर पेश की।

— फ़नीश्वरनाथ रेणु

urbanization, remembering roots, preserving local culture).
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फ़नीश्वरनाथ रेणु की चुनी हुई पंक्तियाँ

मैला आँचल हिंदी का सबसे लोकप्रिय और पहला पूर्ण आंचलिक उपन्यास माना जाता है।
ईमानदारी किसी इनाम की मोहताज नहीं होती, यह आत्मा का सबसे बड़ा आभूषण है।
रेणु ने हिंदी कथा-साहित्य को महानगरों के दायरे से निकालकर गाँवों की मिट्टी से जोड़ा।
शिक्षा वही सार्थक है जो मनुष्य को भीतर से संवेदनशील और जागरूक बनाए।
हिम्मत वह मशाल है जो घने अंधेरे रास्तों में भी उम्मीद का दीया जलाए रखती है।
गाँव की सोंधी मिट्टी में ही असली भारत की आत्मा और संस्कृति बसती है।
व्यवस्था की लाचारी और गरीबों का शोषण देखकर मेरा कलम कभी चुप नहीं रह सकता।

फ़नीश्वरनाथ रेणु के बारे में

फणीश्वरनाथ 'रेणु' हिंदी के शीर्षस्थ आंचलिक कथाकार थे। उनका जन्म 4 मार्च 1921 को बिहार के औराही हिंगना गाँव में हुआ था। 'मैला आँचल' उपन्यास लिखकर उन्होंने हिंदी साहित्य में आंचलिक उपन्यासों की नींव रखी। पूरा परिचय और सभी विचार: फ़नीश्वरनाथ रेणु — लेखक कोश

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लेखकawaraalfaz

वाह वाह यार की संपादकीय टीम हिंदी में शिक्षा, पैसा-फाइनेंस, बिज़नेस, सरकारी योजनाओं और जीवन से जुड़ी जाँची-परखी जानकारी लिखती है। हर लेख आधिकारिक स्रोतों से मिलाकर और आसान भाषा में तैयार किया जाता है।

प्रकाशित: 22 September 2026 · अपडेट: 22 September 2026 · हमारे बारे में · संपर्क

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