
मेरा जीवन ही मेरा संदेश है, और यही सत्य के
प्रति मेरी सबसे बड़ी निष्ठा और साधना है।
— महात्मा गांधी
महात्मा गांधी की यह कालजयी पंक्ति संदेश देती है कि उपदेशों की तुलना में व्यक्तिगत आचरण का महत्व कहीं अधिक है। गांधी जी का मिजाज एक ऐसे कर्मयोगी और सत्य-शोधक का
महात्मा गांधी की चुनी हुई पंक्तियाँ
खुद वो बदलाव बनिए जो आप दुनिया में देखना चाहते हैं।
भय मनुष्य को कायर बनाता है, जबकि सत्य और अहिंसा उसे अजेय शक्ति प्रदान करते हैं।
आँख के बदले आँख पूरी दुनिया को अंधा बना देगी।
मौन सबसे प्रभावी भाषण है; धीरे-धीरे दुनिया आपको सुनती है जब आप भीतर से शांत होते हैं।
प्रसन्नता तब मिलती है जब आपके विचार, आपके शब्द और आपके कर्म पूरी तरह से एक साथ हों।
सेवा ही सच्चा धर्म है, और दुखी मानवता की सेवा करना ही ईश्वर की सच्ची पूजा है।
बिना कार्य के ज्ञान और बिना विवेक के कर्म दोनों ही समाज के लिए विनाशकारी होते हैं।
महात्मा गांधी के बारे में
महात्मा गांधी (1869–1948) भारत के राष्ट्रपिता और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख नेता थे। उन्होंने सत्य, अहिंसा और सत्याग्रह के मार्ग पर चलकर अंग्रेजों को भारत छोड़ने पर विवश किया। उनका जीवन और दर्शन संपूर्ण मानवता के लिए प्रेरणा का एक महान स्रोत है। पूरा परिचय और सभी विचार: महात्मा गांधी — लेखक कोश।
विज्ञापन · Advertisement
ये भी पढ़ें
काव्यइब्राहीम ज़ौक़: न पूछ ज़ौक़ से हालात-ए-बेकसी उसका, वोन पूछ ज़ौक़ से हालात-ए-बेकसी उसका, वो मुस्कुरा दिया है सवाल-ए-हुजूम पर। — इब्राहीम ज़ौक़5 Oct 2026 पढ़ें →
काव्यअन्तोन चेख़व: मनुष्य वही है जो वह अपने विचारों से बनता हमनुष्य वही है जो वह अपने विचारों से बनता है। — अन्तोन चेख़व28 Sep 2026 पढ़ें →
काव्यघाग-भड्डरी: पूस मास जो बादल छावै, समझो बिना बरसात न जापूस मास जो बादल छावै, समझो बिना बरसात न जावै। — घाग-भड्डरी20 Sep 2026 पढ़ें →
काव्यहरिवंश राय बच्चन: दोनों हाथ जिसे दिखलाते हैं सूनापन, वेदोनों हाथ जिसे दिखलाते हैं सूनापन, वे दोनों हाथ समर्पित हैं तुझको हे जीवन! — हरिवंश राय बच्चन12 Sep 2026 पढ़ें →