
कठिनाइयों के बीच ही अवसर छिपे होते हैं।
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— अल्बर्ट आइंस्टीन
आज के दौर में, जहाँ प्रतिस्पर्धा और अनिश्चितता अधिक है, यह कथन अत्यंत प्रासंगिक हो जाता है। जब व्यक्ति करियर या व्यक्तिगत जीवन में असफलता और तनाव झेलता है, तब यह पंक्ति उसे एक नई दृष्टि
अल्बर्ट आइंस्टीन की चुनी हुई पंक्तियाँ
कमजोर लोग बदला लेते हैं, समझवान लोग माफ कर देते हैं, और महान लोग नजरअंदाज कर देते हैं।
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जब आप एक अच्छी लड़की के साथ बैठे हों, तो एक घंटा एक सेकंड जैसा लगता है; जब आप धधकते स्टोव पर बैठें, तो एक सेकंड एक घंटे जैसा लगता है—यही सापेक्षता है।
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सफलता प्राप्त करने वाला मनुष्य नहीं, बल्कि मूल्यवान मनुष्य बनने का प्रयास कीजिए।
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जिस किसी ने भी कभी कोई बड़ी गलती नहीं की, उसने कभी कुछ नया करने की कोशिश नहीं की।
विज्ञान बिना धर्म के लंगड़ा है, धर्म बिना विज्ञान के अंधा है।
पागलपन यानी वही काम बार-बार करना और हर बार अलग परिणाम की उम्मीद करना।
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जिस व्यक्ति ने कभी कोई गलती नहीं की, उसने कभी कुछ नया सीखने की कोशिश नहीं की।
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अल्बर्ट आइंस्टीन के बारे में
अल्बर्ट आइंस्टीन (1879–1955) एक महान जर्मन-अमेरिकी सैद्धांतिक भौतिकविद् थे। उन्होंने आधुनिक भौतिकी की नींव रखी और सापेक्षता का सिद्धांत प्रतिपादित किया। विज्ञान के इतिहास में उन्हें न्यूटन के बाद सबसे प्रभावशाली वैज्ञानिकों में गिना जाता है। पूरा परिचय और सभी विचार: अल्बर्ट आइंस्टीन — लेखक कोश।
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