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12 Sep 2026 · awaraalfaz · 1 मिनट का पाठ
स्वामी विवेकानंद: पवित्रता, धैर्य और perseverance यानी
चित्र: CC BY 4.0 — Vyacheslav Argenberg · Wikimedia Commons

पवित्रता, धैर्य और perseverance यानी

निरंतर प्रयास ही सफलता की कुंजी हैं।

— स्वामी विवेकानंद

स्वामी विवेकानंद की यह प्रेरणादायी पंक्ति जीवन में सफलता हासिल करने के तीन सबसे बड़े मूलमंत्र बताती है। उनके अनुसार, ‘पवित्रता’ यानी विचारों और कर्मों की निर्मलता व्यक्ति को अंदर से मजबूत बनाती है, ‘धैर्य’ मुश्किल समय में अडिग रहने की शक्ति देता है और ‘निरंतर प्रयास’ असफलता के बाद भी आगे बढ़ते रहने का जज़्बा पैदा करता है। एक महान संत और क्रांतिकारी विचारक होने के नाते विवेकानंद का मिजाज हमेशा युवाओं में ऊर्जा भरने, उन्हें आत्मविश्वासी बनाने और कर्मयोगी बनने की प्रेरणा देने वाला रहा है। उनकी वाणी में संतों सी गहराई और देश के उत्थान के लिए एक बेचैनी साफ झलकती है, जो सुनने वाले को झकझोर कर रख देती है।

आज के इस भागदौड़ और प्रतिस्पर्धा से भरे दौर में यह पंक्ति और भी अधिक प्रासंगिक हो गई है। आज की युवा पीढ़ी अक्सर शॉर्टकट अपनाकर रातों-रात सफल होना चाहती है, जिसके कारण वे थोड़ी-सी असफलता से ही तनाव और अवसाद का शिकार हो जाते हैं। ऐसे में, स्वामी जी का यह विचार हमें याद दिलाता है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। अगर जीवन में सच्चे अर्थों में मुकाम हासिल करना है, तो शुद्ध नीयत, मुश्किलों में संयम और बिना रुके लगातार मेहनत करने की आदत ही इंसान को शिखर पर पहुँचा सकती है।

स्वामी विवेकानंद की चुनी हुई पंक्तियाँ

बाहरी दुनिया वैसी ही है जैसा हमारा मन इसे बनाता है।
भय ही पतन और पाप का मुख्य कारण है, इसलिए निर्भय बनो।
खुद को कमज़ोर समझना सबसे बड़ा पाप है।
प्रेम ही जीवन का नियम है, द्वेष और घृणा से केवल विनाश होता है।
किसी की निंदा न करो; अगर मदद कर सकते हो तो हाथ बढ़ाओ, नहीं तो आशीर्वाद दो।
जिस समय जिस काम को करो, पूरी तन्मयता और एकाग्रता के साथ करो।
सत्य को हजार तरीकों से बताया जा सकता है, फिर भी हर एक सत्य ही रहता है।

स्वामी विवेकानंद के बारे में

स्वामी विवेकानंद (1863–1902) आधुनिक भारत के महान संत, आध्यात्मिक गुरु और प्रखर विचारक थे। उन्होंने 1893 के शिकागो सम्मेलन में अपने ओजस्वी भाषण से भारतीय दर्शन का डंका पूरे विश्व में बजाया। वे रामकृष्ण परमहंस के प्रिय शिष्य और युवाओं के सबसे बड़े प्रेरणास्रोत थे। पूरा परिचय और सभी विचार: स्वामी विवेकानंद — लेखक कोश

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वाह वाह यार की संपादकीय टीम हिंदी में शिक्षा, पैसा-फाइनेंस, बिज़नेस, सरकारी योजनाओं और जीवन से जुड़ी जाँची-परखी जानकारी लिखती है। हर लेख आधिकारिक स्रोतों से मिलाकर और आसान भाषा में तैयार किया जाता है।

प्रकाशित: 12 September 2026 · अपडेट: 12 September 2026 · हमारे बारे में · संपर्क

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