
अंगेज़ों की गुलामी से बेहतर
है मौत का आलिंगन करना।
— चंद्रशेखर आज़ाद
)
*Paragraph 2:*
आज के संदर्भ में इस उक्ति का अर्थ केवल भौतिक गुलामी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वैचारिक स्वतंत्रता और अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाने की प्रेरणा देती है।
चंद्रशेखर आज़ाद की चुनी हुई पंक्तियाँ
क्रांति केवल हथियारों की लड़ाई नहीं है, यह विचारों और संस्कारों की एक पवित्र अग्नि है।
संकल्प अगर सच्चा हो तो हर असंभव कार्य संभव बन जाता है, और विजय निश्चित होती है।
इंकलाब जिंदाबाद! हमारा नारा है, जो पूरे देश की आवाज़ बन गया है।
मातृभूमि की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है, इसके लिए सर्वस्व न्योछावर करना ही जीवन है।
फौलादी इरादे और अटूट विश्वास ही हर बड़ी से बड़ी मंजिल को आसान बना देते हैं।
मातृभूमि की सेवा ही सबसे बड़ा कर्तव्य और सबसे बड़ा धर्म है।
अंग्रेज़ सरकार हमें कभी ज़िंदा नहीं पकड़ पाएगी, यह मेरा संकल्प है।
चंद्रशेखर आज़ाद के बारे में
चंद्रशेखर आज़ाद (23 जुलाई 1906 – 27 फरवरी 1931) भारतीय स्वाधीनता संग्राम के अत्यंत प्रसिद्ध और निडर क्रांतिकारी थे। उन्होंने हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन का नेतृत्व किया और ब्रिटिश राज के खिलाफ कई ऐतिहासिक संघर्षों में मुख्य भूमिका निभाई। पूरा परिचय और सभी विचार: चंद्रशेखर आज़ाद — लेखक कोश।
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