ववाह वाह यारहिंदी में जानकारी · पूरे भारत के लिए
मेनू
WhatsApp चैनल
8 Nov 2026 · awaraalfaz · 1 मिनट का पाठ
सरोजिनी नायडू: सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर ही सबसे
चित्र: CC BY 4.0 — Vyacheslav Argenberg · Wikimedia Commons

सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर ही सबसे

बड़े साम्राज्यों को हराया जा सकता है।

— सरोजिनी नायडू

भारत की कोकिला कही जाने वाली कवयित्री और स्वतंत्रता सेनानी सरोजिनी नायडू की यह पंक्ति नैतिक बल की असीम शक्ति को रेखांकित करती है। यह कथन स्पष्ट करता है कि भौतिक बल या

सरोजिनी नायडू की चुनी हुई पंक्तियाँ

समाज में तब तक सच्ची शांति नहीं आ सकती जब तक हर जरूरतमंद को न्याय और सम्मान न मिले।
समाज-न्याय
भारत की माटी में कुछ ऐसा जादू है जो हर विदेशी को अपना बना लेता है।
शिक्षा का असली उद्देश्य केवल डिग्रियां पाना नहीं, बल्कि एक सजग और संवेदनशील इंसान बनना है।
शिक्षा
मित्र वे अनमोल रत्न हैं जो अंधेरे समय में हमारे जीवन में दीया बनकर जलते हैं।
दोस्ती
मातृभूमि की सेवा से बढ़कर इस संसार में कोई और धर्म नहीं है।
एक देश की महानता उसकी महिलाओं के चरित्र और शक्ति में निहित होती है।
सफलता उन्हीं को मिलती है जो असफल होने के भय से कभी रुकते नहीं हैं।
सफलता

सरोजिनी नायडू के बारे में

सरोजिनी नायडू (1879–1949) एक महान कवयित्री, स्वतंत्रता सेनानी और राजनीतिज्ञ थीं। उन्हें उनकी बेहतरीन अंग्रेजी कविता के कारण "भारत कोकिला" (नाइटिंगेल ऑफ इंडिया) कहा जाता है। वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की पहली भारतीय महिला अध्यक्ष और स्वतंत्र भारत की पहली महिला राज्यपाल थीं। पूरा परिचय और सभी विचार: सरोजिनी नायडू — लेखक कोश।

विज्ञापन · Advertisement
शेयर:FacebookTelegram

ये भी पढ़ें

awaraalfaz
लेखकawaraalfaz

वाह वाह यार की संपादकीय टीम हिंदी में शिक्षा, पैसा-फाइनेंस, बिज़नेस, सरकारी योजनाओं और जीवन से जुड़ी जाँची-परखी जानकारी लिखती है। हर लेख आधिकारिक स्रोतों से मिलाकर और आसान भाषा में तैयार किया जाता है।

प्रकाशित: 8 November 2026 · अपडेट: 8 November 2026 · हमारे बारे में · संपर्क

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *