
सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर ही सबसे
बड़े साम्राज्यों को हराया जा सकता है।
— सरोजिनी नायडू
भारत की कोकिला कही जाने वाली कवयित्री और स्वतंत्रता सेनानी सरोजिनी नायडू की यह पंक्ति नैतिक बल की असीम शक्ति को रेखांकित करती है। यह कथन स्पष्ट करता है कि भौतिक बल या
सरोजिनी नायडू की चुनी हुई पंक्तियाँ
समाज में तब तक सच्ची शांति नहीं आ सकती जब तक हर जरूरतमंद को न्याय और सम्मान न मिले।
समाज-न्याय
समाज-न्याय
भारत की माटी में कुछ ऐसा जादू है जो हर विदेशी को अपना बना लेता है।
शिक्षा का असली उद्देश्य केवल डिग्रियां पाना नहीं, बल्कि एक सजग और संवेदनशील इंसान बनना है।
शिक्षा
शिक्षा
मित्र वे अनमोल रत्न हैं जो अंधेरे समय में हमारे जीवन में दीया बनकर जलते हैं।
दोस्ती
दोस्ती
मातृभूमि की सेवा से बढ़कर इस संसार में कोई और धर्म नहीं है।
एक देश की महानता उसकी महिलाओं के चरित्र और शक्ति में निहित होती है।
सफलता उन्हीं को मिलती है जो असफल होने के भय से कभी रुकते नहीं हैं।
सफलता
सफलता
सरोजिनी नायडू के बारे में
सरोजिनी नायडू (1879–1949) एक महान कवयित्री, स्वतंत्रता सेनानी और राजनीतिज्ञ थीं। उन्हें उनकी बेहतरीन अंग्रेजी कविता के कारण "भारत कोकिला" (नाइटिंगेल ऑफ इंडिया) कहा जाता है। वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की पहली भारतीय महिला अध्यक्ष और स्वतंत्र भारत की पहली महिला राज्यपाल थीं। पूरा परिचय और सभी विचार: सरोजिनी नायडू — लेखक कोश।
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