
शिक्षा वह हथियार है जो मनुष्य को सोचने की शक्ति
देती है और गुलामी की बेड़ियों को काटती है।
— पेरियार ईवी रामासामी
पेरियार ईवी रामासामी की यह पंक्ति शिक्षा के वास्तविक उद्देश्य को रेखांकित करती है। यह विचार स्पष्ट करता है कि शिक्षा केवल अक्षर ज्ञान या आजीविका का साधन नहीं है, बल्कि यह मनुष्य में तार्किक क्षमता जगाने का जरिया है। पेरियार एक प्रखर सामाजिक सुधारक, विवेकवादी और न्याय के पैरोकार थे। उनके मिजाज में सामाजिक असमानता, अंधविश्वास और वैचारिक गुलामी
पेरियार ईवी रामासामी की चुनी हुई पंक्तियाँ
पेरियार ईवी रामासामी के बारे में
पेरियार ईवी रामासामी (1879–1973) दक्षिण भारत के महान समाज सुधारक और 'आत्म-सम्मान आंदोलन' के संस्थापक थे। उन्होंने जाति व्यवस्था, ब्राह्मणवादी वर्चस्व और अंधविश्वासों के खिलाफ आजीवन कड़ा संघर्ष किया। पूरा परिचय और सभी विचार: पेरियार ईवी रामासामी — लेखक कोश।
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