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12 Oct 2026 · awaraalfaz · 1 मिनट का पाठ
पेरियार ईवी रामासामी: शिक्षा वह हथियार है जो मनुष्य को सोचने की
चित्र: CC BY 4.0 — Vyacheslav Argenberg · Wikimedia Commons

शिक्षा वह हथियार है जो मनुष्य को सोचने की शक्ति

देती है और गुलामी की बेड़ियों को काटती है।

— पेरियार ईवी रामासामी

पेरियार ईवी रामासामी की यह पंक्ति शिक्षा के वास्तविक उद्देश्य को रेखांकित करती है। यह विचार स्पष्ट करता है कि शिक्षा केवल अक्षर ज्ञान या आजीविका का साधन नहीं है, बल्कि यह मनुष्य में तार्किक क्षमता जगाने का जरिया है। पेरियार एक प्रखर सामाजिक सुधारक, विवेकवादी और न्याय के पैरोकार थे। उनके मिजाज में सामाजिक असमानता, अंधविश्वास और वैचारिक गुलामी

पेरियार ईवी रामासामी की चुनी हुई पंक्तियाँ

अंधविश्वास और रूढ़िवादिता मनुष्य की बुद्धि और स्वतंत्रता को कुंठित करती है।
शिक्षा ही वह हथियार है जो मनुष्य को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाती है।
तर्कहीन और विवेकहीन परंपराओं का अंधानुकरण समाज के पतन का सबसे बड़ा कारण है।
जो समाज अपनी महिलाओं को बराबरी का अधिकार नहीं देता, वह कभी भी सभ्य नहीं कहला सकता।
जब तक समाज से असमानता समाप्त नहीं होती, तब तक असली विकास असंभव है।
हर व्यक्ति को आत्म-सम्मान के साथ जीने का मौलिक अधिकार प्राप्त होना चाहिए।
स्त्री की गुलामी के लिए जिम्मेदार सामाजिक और धार्मिक नियमों को नष्ट करना होगा।

पेरियार ईवी रामासामी के बारे में

पेरियार ईवी रामासामी (1879–1973) दक्षिण भारत के महान समाज सुधारक और 'आत्म-सम्मान आंदोलन' के संस्थापक थे। उन्होंने जाति व्यवस्था, ब्राह्मणवादी वर्चस्व और अंधविश्वासों के खिलाफ आजीवन कड़ा संघर्ष किया। पूरा परिचय और सभी विचार: पेरियार ईवी रामासामी — लेखक कोश।

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वाह वाह यार की संपादकीय टीम हिंदी में शिक्षा, पैसा-फाइनेंस, बिज़नेस, सरकारी योजनाओं और जीवन से जुड़ी जाँची-परखी जानकारी लिखती है। हर लेख आधिकारिक स्रोतों से मिलाकर और आसान भाषा में तैयार किया जाता है।

प्रकाशित: 12 October 2026 · अपडेट: 12 October 2026 · हमारे बारे में · संपर्क

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