
सत्य के मार्ग पर चलने वाले को हमेशा विरोध और कठिनाइयों
का सामना करना पड़ता है, पर जीत उसी की होती है।
— ज्योतिबा फुले
महान समाज सुधारक ज्योतिबा फुले की यह पंक्ति सत्य के प्रति उनके अटूट विश्वास को दर्शाती है। यह विचार स्पष्ट करता है कि समाज में जब भी कोई व्यक्ति न्याय और सच्चाई की बात
ज्योतिबा फुले की चुनी हुई पंक्तियाँ
सत्य की खोज और समाज सेवा ही मानव जीवन का सबसे बड़ा उद्देश्य होना चाहिए।
समाज में फैले अंधविश्वास और रूढ़ियों को तोड़े बिना वास्तविक स्वतंत्रता और समानता हासिल नहीं की जा सकती।
छुआछूत एक अभिशाप है जो इंसानियत को कलंकित करता है, इसे जड़ से उखाड़ फेंकना होगा।
किसानों और मजदूरों की मेहनत पर यह समाज टिका है, इसलिए उनके अधिकारों की रक्षा करना सबसे बड़ा धर्म है।
जाति व्यवस्था इंसान को बांटती है और समाज की प्रगति में सबसे बड़ी बाधा उत्पन्न करती है।
पाखंडी और शोषक लोग धर्म की आड़ में आम जनता का शोषण करते हैं, जिसका विरोध करना हर जागरूक नागरिक का कर्तव्य है।
अज्ञानता और अंधकार को मिटाने के लिए ज्ञान रूपी प्रकाश का हर घर में पहुंचना बहुत जरूरी है।
ज्योतिबा फुले के बारे में
महात्मा ज्योतिबा फुले (1827–1890) एक महान समाज सुधारक, क्रांतिकारी विचारक और लेखक थे। उन्होंने महाराष्ट्र में दलितों, शोषितों और महिलाओं के उद्धार के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। पूरा परिचय और सभी विचार: ज्योतिबा फुले — लेखक कोश।
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