
सच्चा दोस्त वही है जो विपत्ति
के समय अकेला न छोड़े।
— केदारनाथ अग्रवाल
प्रगतिशील हिंदी साहित्य के प्रमुख स्तम्भ केदारनाथ अग्रवाल अपनी सहज, यथार्थवादी और जन-संवेदना से भरी कविताओं के लिए जाने जाते हैं। उनका मिजाज सदैव आडंबरहीन, खरा और मानवीय मूल्यों को सर्वोपरि रखने वाला रहा है। उनकी यह पंक्ति मित्रता की सबसे व्यावहारिक परीक्षा प्रस्तुत करती है। कवि के अनुसार
केदारनाथ अग्रवाल की चुनी हुई पंक्तियाँ
"देश हमारा प्यारा भारत, दुनिया में सबसे न्यारा है" जैसी पंक्तियाँ बच्चों और बड़ों में समान रूप से लोकप्रिय हैं।
शमशेर बहादुर सिंह ने उन्हें 'हिन्दोस्तान का वह प्यारा कवि' कहा था जो जन-जन के मन में बसता है।
केन नदी की कलकल में बांदा की माटी का सच्चा संगीत बसता है।
उनकी कविता में शोषकों के प्रति आक्रोश और शोषितों के प्रति अगाध करुणा एक साथ दिखाई देती है।
वक्त किसी का इंतजार नहीं करता, यह चुपचाप बहता रहता है।
जब तक समाज में असमानता रहेगी, हमारी कविता संघर्ष करती रहेगी।
वे ट्रेड यूनियन गतिविधियों से भी जुड़े रहे और मजदूरों के अधिकारों के लिए आजीवन मुखर रहे।
केदारनाथ अग्रवाल के बारे में
केदारनाथ अग्रवाल हिंदी साहित्य की प्रगतिशील कविता के प्रमुख शलाका पुरुष थे। उन्होंने अपनी रचनाओं में ग्रामीण जीवन, प्रकृति और जनसंघर्ष को सजीव अभिव्यक्ति दी। वे एक ऐसे कवि थे जिनकी कलम किसानों और मजदूरों के अधिकारों के प्रति पूरी तरह समर्पित रही। पूरा परिचय और सभी विचार: केदारनाथ अग्रवाल — लेखक कोश।
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