
अपनी मोमबत्ती से दूसरी मोमबत्ती जलाने से उसकी
रोशनी कम नहीं होती, बल्कि और बढ़ती है।
— रूमी
महान सूफी संत और कवि रूमी का यह कथन ज्ञान, प्रेम और करुणा के निस्वार्थ प्रसार का प्रतीक है। रूमी का मिजाज मूलतः सूफीवाद, मानवीय एकता और सर्वसमावेशी प्रेम से रचा-बसा है, जहाँ भेद-भाव के लिए कोई स्थान नहीं है। यह पंक्ति बहुत सरलता से यह गहरा दर्शन देती है कि विद्या, खुशी या सद्भाव बाँटने से व्यक्ति का अपना सामर्थ्य घटता नहीं, बल्कि संपूर्ण संसार में सकारात्मकता का विस्तार होता है। रूमी की दृष्टि में एक प्रबुद्ध आत्मा का धर्म ही यही है कि वह बिना किसी अहंकार के दूसरों के जीवन से अंधकार मिटाने में सहयोगी बने।
आज की अत्यधिक प्रतिस्पर्धात्मक और व्यक्तिवादी दुनिया में यह विचार अत्यंत प्रासंगिक है। अक्सर लोग असफलता या ईर्ष्या के डर से अपना ज्ञान, अनुभव या संसाधन दूसरों के साथ साझा करने से कतराते हैं। रूमी का यह संदेश हमें सिखाता है कि दूसरों को आगे बढ़ाने और प्रेरित करने से हमारा अपना अस्तित्व कमजोर नहीं होता, बल्कि एक सहयोगी और समृद्ध समाज का निर्माण होता है। आज के संदर्भ में यह विचार हमें संकीर्णता छोड़कर सहकारिता, सहानुभूति और सामूहिक प्रगति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
रूमी की चुनी हुई पंक्तियाँ
रूमी के बारे में
जलालुद्दीन मुहम्मद रूमी (१२०७–१२७३) तेरहवीं सदी के महान फारसी सूफी कवि और दार्शनिक थे। उनकी कविताएँ प्रेम, अध्यात्म और मानवता का संदेश देती हैं, जो आज भी पूरी दुनिया में लोकप्रिय हैं। पूरा परिचय और सभी विचार: रूमी — लेखक कोश।
ये भी पढ़ें
काव्यगजानन माधव मुक्तिबोध: हर इंसान के भीतर एक संपूर्ण ब्रह्मांडहर इंसान के भीतर एक संपूर्ण ब्रह्मांड और एक अंतहीन संघर्ष छिपा है। — गजानन माधव मुक्तिबोध23 Sep 2026 पढ़ें →
काव्यगौतम बुद्ध: दीपक की तरह बनो जो स्वयं जलकर दूसरों को रोदीपक की तरह बनो जो स्वयं जलकर दूसरों को रोशनी देता है, ज्ञान का मार्ग भी ऐसा ही है। — गौतम बुद्ध23 Sep 2026 पढ़ें →
काव्यमैक्सिम गोर्की: झूठ चाहे कितना भी ताकतवर दिखे, अंततःझूठ चाहे कितना भी ताकतवर दिखे, अंततः सच की रोशनी उसे मिटा देती है। — मैक्सिम गोर्की19 Oct 2026 पढ़ें →
काव्यरसूल हमजातोव: प्रेम वह पवित्र बंधन है जो दो अलग-अलग अनजाप्रेम वह पवित्र बंधन है जो दो अलग-अलग अनजान इंसानों को एक ही धड़कन में पिरो देता है। — रसूल हमजातोव30 Sep 2026 पढ़ें →