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30 Sep 2026 · awaraalfaz · 1 मिनट का पाठ
रसूल हमजातोव: प्रेम वह पवित्र बंधन है जो दो अलग-अलग अनजा
चित्र: CC BY 4.0 — Vyacheslav Argenberg · Wikimedia Commons

प्रेम वह पवित्र बंधन है जो दो अलग-अलग अनजान

इंसानों को एक ही धड़कन में पिरो देता है।

— रसूल हमजातोव

रूसी (दागिस्तानी) कवि रसूल हमजातोव की यह पंक्ति प्रेम की असीम शक्ति और उसकी पवित्रता को बहुत सहज ढंग से व्यक्त करती है। हमजातोव का काव्य-मिजाज मानवीय संवेदनाओं, लोक-संस्कृति और आत्मीय

रसूल हमजातोव की चुनी हुई पंक्तियाँ

किताबें हमारी सबसे वफादार साथी हैं जो बिना किसी शर्त के हमें ज्ञान और सुकून देती हैं।
इंसान का असली कद उसकी लंबाई से नहीं, बल्कि उसके कर्मों से मापा जाता है।
संगीत वह भाषा है जिसे किसी अनुवादक की आवश्यकता नहीं होती, यह सीधे दिलों से दिल तक पहुँचती है।
सच चाहे कितना भी कड़वा और कठिन क्यों न हो, वह मीठे झूठ से हमेशा बेहतर और टिकाऊ होता है।
युद्ध में कोई विजेता नहीं होता, दोनों पक्षों की तरफ से केवल इंसान मरते हैं।
मेरे गीत मेरे लोगों की धड़कन हैं, जब तक वे हैं, मैं भी जीवित हूँ।
दोस्ती का रिश्ता खून के रिश्तों से भी ज्यादा मजबूत और पवित्र हो सकता है।

रसूल हमजातोव के बारे में

रसूल हमजातोव (1923–2003) सोवियत संघ के प्रसिद्ध अवार कवि, लेखक और राजनेता थे। उन्होंने अपनी मातृभाषा अवार में लिखकर विश्व साहित्य में विशेष स्थान बनाया। उनकी कालजयी कृति 'मेरा दागिस्तान' ने उन्हें वैश्विक स्तर पर अमर कर दिया। पूरा परिचय और सभी विचार: रसूल हमजातोव — लेखक कोश।

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लेखकawaraalfaz

वाह वाह यार की संपादकीय टीम हिंदी में शिक्षा, पैसा-फाइनेंस, बिज़नेस, सरकारी योजनाओं और जीवन से जुड़ी जाँची-परखी जानकारी लिखती है। हर लेख आधिकारिक स्रोतों से मिलाकर और आसान भाषा में तैयार किया जाता है।

प्रकाशित: 30 September 2026 · अपडेट: 30 September 2026 · हमारे बारे में · संपर्क

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