
एक सजग और जागरूक नागरिक ही लोकतंत्र
की सबसे बड़ी ताकत होता है।
— जयप्रकाश नारायण
लोकनायक जयप्रकाश नारायण की यह पंक्ति लोकतंत्र के मूल दर्शन को सहजता से स्पष्ट करती है। इसका सीधा अर्थ है कि लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति सरकारी तंत्र में नहीं, बल्कि सतर्क नागरिक की चेतना में होती है
जयप्रकाश नारायण की चुनी हुई पंक्तियाँ
हमें ऐसी शिक्षा प्रणाली चाहिए जो केवल डिग्री न दे, बल्कि युवाओं को एक जिम्मेदार और विवेकशील नागरिक बनाए।
राजनीति में नैतिकता का ह्रास आज के समय की सबसे बड़ी राष्ट्रीय त्रासदी है।
सत्ता का विकेंद्रीकरण ही सच्चे लोकतंत्र और स्वराज की असली पहचान है।
बदलाव की शुरुआत हमेशा व्यक्ति के अपने आचरण और सोच से होनी चाहिए।
भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष करना हर जागरूक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है।
इतिहास इस बात का गवाह है कि जनता की ताकत से बड़ी कोई ताकत नहीं होती।
शक्ति का विकेंद्रीकरण होने पर ही गाँव और गरीब तक विकास की असली किरणें पहुँच सकती हैं।
जयप्रकाश नारायण के बारे में
जयप्रकाश नारायण (1902–1979) भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी, समाजवादी नेता और 'लोकनायक' थे। उन्होंने 1970 के दशक में इंदिरा गांधी के खिलाफ 'संपूर्ण क्रांति' का ऐतिहासिक आंदोलन चलाया था। पूरा परिचय और सभी विचार: जयप्रकाश नारायण — लेखक कोश।
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